आज के समय में स्मार्टफोन हमारे जीवन का एक अहम हिस्सा बन चुके हैं जिनका उपयोग केवल बात करने तक सीमित नहीं रहा है, बल्कि वीडियो देखने, सोशल मीडिया रील्स चलाने, गाने सुनने और गेम खेलने जैसे अनगिनत कार्यों के लिए इनका भरपूर इस्तेमाल होता है। इस निरंतर उपयोग के चलते फोन का स्पीकर भी हर दिन सक्रिय रहता है। जब हम अपने फोन को जेब या बैग में रखते हैं, मेज पर पड़ा रहने देते हैं या खुले वातावरण में इस्तेमाल करते हैं, तो समय के साथ इसके छोटे-छोटे छेदों यानी स्पीकर ग्रिल में धूल, कपड़ों के रेशे और अन्य सूक्ष्म कण जमा होने लगते हैं। इन अवांछित तत्वों के जमा होने के कारण स्पीकर से आने वाली आवाज दबी हुई या काफी धीमी महसूस होने लगती है और ऑडियो की स्पष्टता यानी क्लैरिटी पर भी बुरा असर पड़ता है।
यदि आपके डिवाइस की आवाज अचानक कम हो गई है, तो यह मान लेना बिल्कुल भी जरूरी नहीं है कि स्पीकर अंदर से खराब हो चुका है। ज्यादातर मामलों में स्पीकर के बारीक छेदों पर जमी हुई धूल ही ऑडियो की गुणवत्ता को प्रभावित करती है। ऐसे में बिना किसी देरी के फोन को सर्विस सेंटर दौड़ाने या उसे खुलवाने की कोई आवश्यकता नहीं होती है। कुछ बेहद सामान्य सावधानियों को अपनाकर और घरेलू तरीकों से आप स्पीकर ग्रिल पर बैठी उस ढीली धूल को बहुत आसानी से साफ कर सकते हैं, जिससे साउंड क्वालिटी फिर से बेहतर हो जाती है।
कॉटन स्वैब से धीरे-धीरे करें सफाई की शुरुआत: अपने फोन के स्पीकर को साफ करने का यह सबसे आसान और सुरक्षित तरीका माना जाता है। प्रक्रिया शुरू करने से पहले यह सुनिश्चित कर लें कि आपका फोन पूरी तरह से बंद यानी पावर ऑफ स्थिति में हो। इसके बाद फोन के उस हिस्से को पहचानें जहां स्पीकर ग्रिल दी गई है। आमतौर पर यह सेटअप फोन के निचले हिस्से में मिलता है, हालांकि कुछ विशिष्ट मॉडल्स में स्पीकर साइड या ऊपर के किनारे पर भी हो सकता है। अब एक पूरी तरह सूखा और मुलायम कॉटन स्वैब लें और उसे स्पीकर ग्रिल के ऊपर अत्यंत हल्के हाथों से फिराएं। छोटे-छोटे गोलाकार यानी सर्कुलर मूवमेंट में सफाई करने से ऊपरी सतह पर जमी हुई धूल बाहर निकल आती है। इस दौरान इस बात का विशेष ध्यान रखें कि कॉटन स्वैब को स्पीकर के छेदों के अंदर बिल्कुल भी न धकेलें। यदि छेद थोड़े बड़े भी हैं, तो स्वैब के सिरे को केवल बाहरी सतह तक ही सीमित रखें। अधिक दबाव डालने से स्पीकर के भीतर मौजूद बेहद नाजुक उपकरण या हिस्से डैमेज हो सकते हैं, इसलिए पूरी प्रक्रिया को धीमे और हल्के अंदाज में ही पूरा करें।
जिद्दी और जमी हुई धूल के लिए इस्तेमाल करें सॉफ्ट ब्रश: कॉटन स्वैब से शुरुआती सफाई करने के बाद भी यदि आपको लगता है कि स्पीकर के भीतर या जाली पर कुछ धूल अभी भी बची हुई है, तो आप बहुत ही नरम ब्रिसल्स वाले छोटे ब्रश की मदद ले सकते हैं। इस ब्रश को स्पीकर की जाली के ऊपर बिल्कुल हल्के हाथ से चलाएं ताकि फंसी हुई धूल बाहर आ सके। ध्यान रखें कि ब्रश को जोर-जोर से बिल्कुल न रगड़ें और न ही इसे छेदों के अंदर की तरफ धकेलें। सफाई का यह चरण पूरा होने के बाद बाहर निकली हुई धूल को एक सूखे और मुलायम कपड़े से आहिस्ता से पोंछकर साफ कर दें। इस काम के लिए किसी भी स्थिति में हार्ड ब्रश, सुई, सेफ्टी पिन या किसी अन्य नुकीली वस्तु का इस्तेमाल बिल्कुल न करें, क्योंकि ऐसी चीजें स्पीकर की जाली को फाड़ सकती हैं या अंदरूनी हिस्सों को भारी नुकसान पहुंचा सकती हैं।
एयर ब्लोअर की मदद से हटाएं अंदर छिपी धूल: अगर आपके घर में कोई छोटा बल्ब एयर ब्लोअर या कम दबाव वाला डस्ट ब्लोअर मौजूद है, तो आप इसका उपयोग करके भी स्पीकर की सफाई को अंजाम दे सकते हैं। इस तरीके की सबसे अच्छी बात यह है कि इसमें स्पीकर के बारीक छेदों के अंदर किसी भी तरह की ठोस वस्तु को डालने की जरूरत नहीं पड़ती है। ब्लोअर को स्पीकर से कुछ दूरी पर रखें और बेहद कम दबाव के साथ हवा छोड़ें। इस हवा के झोंके से स्पीकर ग्रिल पर बैठी ढीली धूल और कपड़ों के रेशे अपने आप बाहर आ जाते हैं। हालांकि, इस बात का कड़ा ध्यान रखें कि बहुत तेज दबाव वाली हवा को सीधे स्पीकर के ऊपर न छोड़ें। अत्यधिक तेज हवा से फोन के भीतर मौजूद संवेदनशील पार्ट्स पर अनचाहा दबाव पड़ सकता है, जिससे वे खराब हो सकते हैं।
क्या अल्कोहल का इस्तेमाल करना सही है?: जब स्पीकर पर गंदगी बहुत ज्यादा मात्रा में चिपक जाती है, तो कई बार लोगों के मन में यह सवाल आता है कि क्या इसे साफ करने के लिए रबिंग अल्कोहल का उपयोग किया जा सकता है। सामान्य धूल और मिट्टी के कणों को हटाने के लिए किसी भी प्रकार के तरल पदार्थ का इस्तेमाल करने से बचना चाहिए। इसके बजाय सूखे कॉटन स्वैब, सॉफ्ट ब्रश या एयर ब्लोअर का उपयोग करना हमेशा अधिक सुरक्षित विकल्प होता है। यदि बहुत ज्यादा जरूरत महसूस हो भी, तो हमेशा फोन निर्माता कंपनी की आधिकारिक गाइडलाइंस का पालन करें। किसी भी लिक्विड को सीधे स्पीकर के ऊपर टपकाने या छिड़कने की भूल बिल्कुल न करें। यदि कॉटन स्वैब को हल्का गीला करना जरूरी हो भी, तो उसे इतना अधिक गीला न करें कि उसमें से पानी टपके। अतिरिक्त तरल पदार्थ स्पीकर के छेदों से रिसकर फोन के आंतरिक सर्किट और इलेक्ट्रॉनिक पार्ट्स को स्थायी रूप से खराब कर सकता है.
स्पीकर में पानी चला जाए तो क्या करें?: भारी बारिश में भीग जाने, गलती से पानी गिर जाने या किसी अन्य लिक्विड के संपर्क में आ जाने के कारण भी कई बार स्मार्टफोन के स्पीकर की आवाज अचानक धीमी या मफ्ल्ड हो जाती है। ऐसी आपात स्थिति में पानी को बाहर निकालने के लिए कॉटन स्वैब, पिन या किसी अन्य नुकीली चीज को स्पीकर के छेदों के अंदर डालने की गलती बिल्कुल न करें। सबसे पहले अपने फोन को किसी भी तरह की नमी और पानी के स्रोत से पूरी तरह दूर कर लें। इसके बाद फोन की बाहरी सतह पर दिखाई दे रही नमी को किसी मुलायम और सूखे कपड़े से सावधानीपूर्वक पोंछकर साफ कर दें। भले ही आपका फोन वाटर रेसिस्टेंट होने का बड़ा दावा क्यों न करता हो, फिर भी जानबूझकर उसे पानी में डुबोकर स्पीकर साफ करने का जोखिम कभी न उठाएं। यदि आपको अंदेशा है कि पानी फोन के अंदर तक पहुंच गया है, तो निर्माता कंपनी द्वारा सुझाई गई ड्राइंग प्रक्रिया का ही पालन करें। यदि इसके बाद भी समस्या बनी रहती है और स्पीकर की आवाज सामान्य नहीं होती है, तो किसी अधिकृत सर्विस सेंटर पर जाना ही सबसे समझदारी भरा कदम है।
इन गलतियों को दोहराने से बचें: स्मार्टफोन के स्पीकर की सफाई करते समय सबसे बड़ी और आम गलती उस पर अत्यधिक दबाव डालना है। कॉटन स्वैब, ब्रश, रूई की डंडी या किसी पिन जैसी वस्तुओं को स्पीकर के छोटे छेदों में जबरन घुसाने से इसकी जाली हमेशा के लिए क्षतिग्रस्त हो सकती है। इसके अलावा पानी, अल्कोहल या किसी भी प्रकार के क्लीनिंग लिक्विड को सीधे स्पीकर पर डालने से बचें। बिना किसी तकनीकी ज्ञान के खुद ही फोन को खोलकर उसके अंदरूनी हिस्सों को ठीक करने का प्रयास करना भी भारी पड़ सकता है। यदि समस्या केवल सामान्य धूल जमा होने की है, तो पहले स्पीकर की सतह को बहुत हल्के हाथों से साफ करें या कम दबाव वाले एयर ब्लोअर का ही प्रयोग करें। यदि इन घरेलू उपायों से भी आवाज में सुधार न आए, तो खुद डॉक्टर बनने के बजाय किसी पेशेवर एक्सपर्ट या अधिकृत सर्विस सेंटर की मदद लेना ही सबसे बेहतर उपाय है।



















