दक्षिण कोरियाई सीमा पर उत्तर कोरिया की हलचल, तोपों की तैनाती से बढ़ा तनावरणबीर कपूर की 'रामायण' के खौफ से टली अंशुमान झा की 'लकड़बग्घा 2', जानिए अब कब आएगी फिल्मसावन पुत्रदा एकादशी 5 अगस्त को, संतान प्राप्ति के लिए इस शुभ योग में करें पूजामैक्सिकन पेसो में हालिया तेज गिरावट अब सीमित रहने के आसार, कमर्जबैंक का आकलनचक्रवाती तूफान अर्नब की आहट से सहमा रेल यातायात, 6 राज्यों में दर्जनों एक्सप्रेस व पैसेंजर ट्रेनें रद्दसेंट टेरेसा में रहस्यमयी मौत और जानलेवा खेल, शनाया कपूर का डबल रोल थ्रिलर 'स्टूडेंट ऑफ द ईयर: आफ्टर डार्क' का वीडियो सामने आयारिज़र्व बैंक ऑफ़ न्यूज़ीलैंड 3 प्रतिशत कर सकता है ब्याज दर, मुद्रास्फीति और वैश्विक दबावों के बीच नीतिगत समीक्षा पर टिकी नज़रेंफर्रुखाबाद के इस प्राचीन शिव मंदिर में एक साथ होते हैं बारह ज्योतिर्लिंगों के दर्शन, महाभारत काल से जुड़ा है गहरा इतिहासअमेरिकी डॉलर के मुकाबले मेक्सिको का पेसो फिसला, 18.60 का स्तर पार करने के बाद कैरी ट्रेड का आकर्षण घटापुणे प्लांट में बनने लगी लैंड रोवर डिफेंडर, कीमतों में 34 लाख रुपये तक की भारी कटौती
मानसून में स्मार्टफोन चार्ज करते वक्त न करें यह भूल, बच जाएंगे हजारों रुपये और फोन रहेगा सुरक्षिततकनीक
21 अग॰ 2026, 7:09 pm (67 दिन पहले)· 10

मानसून में स्मार्टफोन चार्ज करते वक्त न करें यह भूल, बच जाएंगे हजारों रुपये और फोन रहेगा सुरक्षित

बारिश के मौसम में फोन, चार्जर और इलेक्ट्रिक बोर्ड में नमी आने से शॉर्ट-सर्किट का खतरा बढ़ जाता है. जानिए कैसे थोड़ी सी सावधानी रखकर आप अपने फोन को मदरबोर्ड और बैटरी की बड़ी खराबी से बचा सकते हैं.

मानसून के दिनों में स्मार्टफोन इस्तेमाल करते वक्त बरती गई छोटी सी लापरवाही भी बड़ा आर्थिक नुकसान करा सकती है. बारिश के मौसम में हवा में मौजूद नमी और पानी की बूंदें फोन के चार्जिंग पोर्ट, चार्जर और बिजली के बोर्ड तक पहुंच जाती हैं. ऐसी स्थिति में गीले या नम उपकरण को चार्जिंग पर लगाने से शॉर्ट-सर्किट का खतरा कई गुना बढ़ जाता है. इससे फोन का मदरबोर्ड, चार्जिंग पोर्ट और बैटरी पूरी तरह खराब हो सकते हैं, जिसकी मरम्मत में हजारों रुपये खर्च करने पड़ सकते हैं.

नमी से होने वाले खतरे और शॉर्ट-सर्किट से बचाव

स्मार्टफोन के इलेक्ट्रॉनिक हिस्सों में नमी का प्रवेश बेहद खतरनाक होता है. जब बिजली का प्रवाह नम घटकों से होकर गुजरता है, तो अंदरूनी सर्किट आपस में जुड़ जाते हैं और शॉर्ट-सर्किट पैदा होता है. इसके कारण फोन का मदरबोर्ड जल सकता है, बैटरी की क्षमता प्रभावित हो सकती है या चार्जिंग पोर्ट पूरी तरह काम करना बंद कर सकता है. इस प्रकार के नुकसान की मरम्मत कराना काफी महंगा साबित होता है. इसलिए बारिश के दौरान फोन को पावर से जोड़ने से पहले हर एक घटक की जांच करना बेहद जरूरी है.

ये भी पढ़ें

चार्जिंग पोर्ट और भीगे फोन की सही सफाई

फोन को चार्ज पर लगाने से पहले उसके चार्जिंग पोर्ट को ध्यान से देखना चाहिए. अगर पोर्ट के अंदर जरा सी भी नमी या पानी की बूंद दिखाई दे, तो तुरंत चार्जिंग रोकने में ही समझदारी है. ऐसे समय में किसी साफ और सूखे कपड़े या टिशू पेपर की मदद से फोन को बाहर से अच्छी तरह पोंछ लें. इसके बाद फोन को किसी सूखी और हवादार जगह पर रख दें ताकि अंदर की नमी पूरी तरह सूख सके. जब तक फोन और उसका पोर्ट पूरी तरह से सूख न जाए, तब तक फोन को दोबारा चार्ज करने की गलती न करें.

चार्जर, USB केबल और इलेक्ट्रिक बोर्ड की जांच

फोन के अलावा चार्जर, USB केबल और एडॉप्टर की स्थिति पर भी ध्यान देना जरूरी है. बारिश के मौसम में केबल की पिन और एडॉप्टर में नमी जम सकती है. यदि चार्जर या केबल गीली लगे, तो उसे तब तक बिजली के बोर्ड में न लगाएं जब तक वह पूरी तरह सूख न जाए. इसके साथ ही जिस इलेक्ट्रिक बोर्ड से चार्जिंग की जा रही है, उसकी जांच भी कर लें. यदि स्विचबोर्ड में नमी दिख रही हो या उसमें कोई खराबी महसूस हो, तो उसमें चार्जर लगाने से बचें क्योंकि इससे बिजली का झटका लग सकता है.

सुरक्षा उपाय और बच्चों को खतरे से बचाने के तरीके

बारिश के दिनों में चार्जर का इस्तेमाल खत्म होने के बाद उसे इलेक्ट्रिक बोर्ड में लगा छोड़ देना खतरनाक हो सकता है. घर में छोटे बच्चे होने पर बोर्ड में लगा चार्जर, उसकी केबल और पिन उनके लिए बड़ा खतरा बन सकती है. इसलिए आवश्यकता खत्म होते ही चार्जर को तुरंत बोर्ड से निकाल कर किसी सुरक्षित और सूखे स्थान पर रख देना चाहिए. मानसून के मौसम में फोन, चार्जिंग पोर्ट, चार्जर और इलेक्ट्रिक बोर्ड, इन चारों का सूखा होना अनिवार्य है. थोड़ी सी सावधानी बरतकर फोन को खराब होने से बचाया जा सकता है और करंट या शॉर्ट-सर्किट के खतरे को दूर रखा जा सकता है.

सवाल-जवाब

बारिश में फोन चार्ज करते समय सबसे बड़ा खतरा क्या है?
वातावरण की नमी और पानी की बूंदों के कारण चार्जिंग पोर्ट या इलेक्ट्रिक बोर्ड में शॉर्ट-सर्किट हो सकता है, जिससे फोन का मदरबोर्ड और बैटरी खराब हो सकती है.
यदि चार्जिंग पोर्ट में नमी दिखाई दे तो क्या करें?
तुरंत फोन को चार्ज पर न लगाएं. उसे सूखे कपड़े या टिशू पेपर से साफ करें और हवादार जगह पर पूरी तरह सूखने दें.
क्या भीगे हुए चार्जर या USB केबल का इस्तेमाल करना चाहिए?
बिलकुल नहीं. चार्जर, केबल या एडॉप्टर में नमी होने पर उन्हें पूरी तरह सूखने के बाद ही इलेक्ट्रिक बोर्ड में लगाना चाहिए.
चार्जिंग खत्म होने के बाद चार्जर को स्विचबोर्ड में लगा क्यों नहीं छोड़ना चाहिए?
बारिश के मौसम में सॉकेट में लगा चार्जर बच्चों के लिए खतरा बन सकता है. इसलिए काम खत्म होते ही चार्जर को बोर्ड से निकालकर अलग रख देना चाहिए.
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR
Chamar no WhatsApp