मानसून के दिनों में स्मार्टफोन इस्तेमाल करते वक्त बरती गई छोटी सी लापरवाही भी बड़ा आर्थिक नुकसान करा सकती है. बारिश के मौसम में हवा में मौजूद नमी और पानी की बूंदें फोन के चार्जिंग पोर्ट, चार्जर और बिजली के बोर्ड तक पहुंच जाती हैं. ऐसी स्थिति में गीले या नम उपकरण को चार्जिंग पर लगाने से शॉर्ट-सर्किट का खतरा कई गुना बढ़ जाता है. इससे फोन का मदरबोर्ड, चार्जिंग पोर्ट और बैटरी पूरी तरह खराब हो सकते हैं, जिसकी मरम्मत में हजारों रुपये खर्च करने पड़ सकते हैं.
नमी से होने वाले खतरे और शॉर्ट-सर्किट से बचाव
स्मार्टफोन के इलेक्ट्रॉनिक हिस्सों में नमी का प्रवेश बेहद खतरनाक होता है. जब बिजली का प्रवाह नम घटकों से होकर गुजरता है, तो अंदरूनी सर्किट आपस में जुड़ जाते हैं और शॉर्ट-सर्किट पैदा होता है. इसके कारण फोन का मदरबोर्ड जल सकता है, बैटरी की क्षमता प्रभावित हो सकती है या चार्जिंग पोर्ट पूरी तरह काम करना बंद कर सकता है. इस प्रकार के नुकसान की मरम्मत कराना काफी महंगा साबित होता है. इसलिए बारिश के दौरान फोन को पावर से जोड़ने से पहले हर एक घटक की जांच करना बेहद जरूरी है.
चार्जिंग पोर्ट और भीगे फोन की सही सफाई
फोन को चार्ज पर लगाने से पहले उसके चार्जिंग पोर्ट को ध्यान से देखना चाहिए. अगर पोर्ट के अंदर जरा सी भी नमी या पानी की बूंद दिखाई दे, तो तुरंत चार्जिंग रोकने में ही समझदारी है. ऐसे समय में किसी साफ और सूखे कपड़े या टिशू पेपर की मदद से फोन को बाहर से अच्छी तरह पोंछ लें. इसके बाद फोन को किसी सूखी और हवादार जगह पर रख दें ताकि अंदर की नमी पूरी तरह सूख सके. जब तक फोन और उसका पोर्ट पूरी तरह से सूख न जाए, तब तक फोन को दोबारा चार्ज करने की गलती न करें.
चार्जर, USB केबल और इलेक्ट्रिक बोर्ड की जांच
फोन के अलावा चार्जर, USB केबल और एडॉप्टर की स्थिति पर भी ध्यान देना जरूरी है. बारिश के मौसम में केबल की पिन और एडॉप्टर में नमी जम सकती है. यदि चार्जर या केबल गीली लगे, तो उसे तब तक बिजली के बोर्ड में न लगाएं जब तक वह पूरी तरह सूख न जाए. इसके साथ ही जिस इलेक्ट्रिक बोर्ड से चार्जिंग की जा रही है, उसकी जांच भी कर लें. यदि स्विचबोर्ड में नमी दिख रही हो या उसमें कोई खराबी महसूस हो, तो उसमें चार्जर लगाने से बचें क्योंकि इससे बिजली का झटका लग सकता है.
सुरक्षा उपाय और बच्चों को खतरे से बचाने के तरीके
बारिश के दिनों में चार्जर का इस्तेमाल खत्म होने के बाद उसे इलेक्ट्रिक बोर्ड में लगा छोड़ देना खतरनाक हो सकता है. घर में छोटे बच्चे होने पर बोर्ड में लगा चार्जर, उसकी केबल और पिन उनके लिए बड़ा खतरा बन सकती है. इसलिए आवश्यकता खत्म होते ही चार्जर को तुरंत बोर्ड से निकाल कर किसी सुरक्षित और सूखे स्थान पर रख देना चाहिए. मानसून के मौसम में फोन, चार्जिंग पोर्ट, चार्जर और इलेक्ट्रिक बोर्ड, इन चारों का सूखा होना अनिवार्य है. थोड़ी सी सावधानी बरतकर फोन को खराब होने से बचाया जा सकता है और करंट या शॉर्ट-सर्किट के खतरे को दूर रखा जा सकता है.



















