देश भर में मोबाइल ग्राहकों के लिए दूरसंचार विभाग (डीओटी) ने एक अहम दिशा-निर्देश जारी किया है। 17 अगस्त को जारी इस सर्कुलर के तहत सभी टेलीकॉम कंपनियों को निर्देश दिया गया है कि वे 24 अगस्त से ग्राहकों के लिए तय सिम कार्ड सीमा को कड़ाई से लागू करने के लिए आवश्यक तकनीकी और संगठनात्मक कदम उठाएं। इस नए कदम का उद्देश्य सभी टेलीकॉम ऑपरेटरों को मिलाकर एक व्यक्ति के नाम पर तय सीमा से अधिक कनेक्शन जारी होने पर रोक लगाना है।
सभी कंपनियों को मिलाकर नौ कनेक्शन की सीमा
दूरसंचार नियमों के तहत किसी भी एक व्यक्ति के नाम पर अधिकतम नौ मोबाइल कनेक्शन ही पंजीकृत हो सकते हैं। यह नियम केवल किसी एक कंपनी तक सीमित नहीं है, बल्कि देश में काम कर रही सभी टेलीकॉम कंपनियों को मिलाकर लागू होता है। उदाहरण के तौर पर, यदि किसी ग्राहक के नाम पर चार एयरटेल नंबर, तीन जियो नंबर और दो वोडाफोन आईडिया नंबर पंजीकृत हैं, तो उस ग्राहक के कुल नौ कनेक्शन पूरे हो जाते हैं। ऐसे मामले में ग्राहक नौ सिम की सीमा तक पहुंच चुका है और वह किसी भी कंपनी का नया सिम कार्ड प्राप्त नहीं कर सकता है।
मौजूदा सिम धारकों पर क्या होगा असर
हाल के दिनों में सरकार द्वारा नौ से अधिक सिम कार्ड रखने पर रोक लगाने संबंधी खबरों के कारण लोगों में भ्रम की स्थिति बनी हुई थी। हालांकि, यह स्पष्ट किया गया है कि नौ सिम कनेक्शन की यह सीमा कोई नया नियम नहीं है, बल्कि यह व्यवस्था वर्षों से लागू है। जिन ग्राहकों के पास पहले से नौ मोबाइल कनेक्शन सक्रिय हैं, उन्हें अपने सिम अचानक सरेंडर करने या बंद करने के लिए नहीं कहा जाएगा। सरकार और दूरसंचार विभाग के इन नए उपायों का मुख्य उद्देश्य मौजूदा सीमा से अधिक नए सिम कार्ड जारी होने से रोकना है।
नियम उल्लंघन और कनेक्शन निलंबन का प्रावधान
यदि कोई नया सिम कार्ड तय सीमा से अधिक होने के बावजूद गलती से या किसी तकनीकी वजह से चालू हो जाता है, तो उस कनेक्शन को तुरंत प्रभाव से निलंबित किया जा सकता है। ऐसे मामलों में स्थिति के समाधान और सत्यापन होने तक कनेक्शन को एक दिन के लिए बंद रखा जा सकता है। इस प्रक्रिया का पालन करके यह सुनिश्चित किया जाएगा कि कोई भी व्यक्ति नियमों को नजरअंदाज करके अतिरिक्त सिम सक्रिय न करवा सके।
डिजिटल इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म के साथ एकीकरण की समयसीमा
सभी टेलीकॉम ऑपरेटरों को इस पूरी व्यवस्था को पारदर्शी और एकीकृत बनाने के लिए पर्याप्त समय दिया गया है। कंपनियों को अपने तकनीकी प्रणालियों को सेंट्रल डिजिटल इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म के साथ पूरी तरह से एकीकृत करना होगा। सरकार ने इस पूर्ण सिस्टम एकीकरण को पूरा करने के लिए 30 नवंबर 2026 की अंतिम समयसीमा तय की है। इसके बाद सभी टेलीकॉम ऑपरेटरों के पास ग्राहकों के डेटा का रीयल-टाइम अपडेट उपलब्ध रहेगा।



















