लोकप्रिय मैसेजिंग प्लेटफॉर्म वॉट्सऐप अपने करोड़ों उपयोगकर्ताओं को ऑनलाइन धोखाधड़ी और वित्तीय घोटालों से सुरक्षित रखने के लिए एक विशेष सुरक्षा उपकरण पर काम कर रहा है। मूल कंपनी मेटा ने इसी महीने इस आगामी स्कैम अलर्ट फीचर की घोषणा की थी और अब यह चुनिंदा एंड्रॉयड उपयोगकर्ताओं के लिए परीक्षण के दौर में पहुंच गया है। इस प्रगति से यह संकेत मिलता है कि आने वाले दिनों में इस सुरक्षा उपाय को दुनिया भर के सभी उपयोगकर्ताओं के लिए व्यापक स्तर पर जारी किया जा सकता है।
इस नए स्कैम अलर्ट फीचर का मुख्य उद्देश्य अज्ञात नंबरों से प्राप्त होने वाले संदिग्ध संदेशों का समय रहते पता लगाना है। इस तकनीक की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यह संदेशों की जांच के लिए किसी बाहरी सर्वर पर निर्भर रहने के बजाय सीधे डिवाइस पर ही मशीन लर्निंग मॉडल का उपयोग करती है, जिससे डेटा सुरक्षा मजबूत होती है।
बीटा उपयोगकर्ताओं के बीच शुरू हुआ परीक्षण
टेक जगत की गतिविधियों पर नजर रखने वाली रिपोर्टों के अनुसार, वॉट्सऐप के एंड्रॉयड बीटा वर्जन 2.26.34.1 पर कुछ चुने हुए परीक्षणकर्ताओं के लिए यह स्कैम अलर्ट फीचर उपलब्ध करा दिया गया है। यह टूल किसी भी ऐसे व्यक्ति के संदेशों को स्कैन करता है जो उपयोगकर्ता की संपर्क सूची में शामिल नहीं है, और यह परखने की कोशिश करता है कि उस संदेश में किसी प्रकार के घोटाले या धोखाधड़ी के संकेत छिपे हैं या नहीं।
यदि स्वचालित प्रणाली को कोई भी संदेश संदेहास्पद प्रतीत होता है, तो तुरंत उसी चैट विंडो के भीतर एक चेतावनी संदेश प्रदर्शित किया जाएगा। इस चेतावनी के प्रकट होने के बाद उपयोगकर्ता के पास संबंधित व्यक्ति को ब्लॉक करने, उसकी शिकायत दर्ज कराने या फिर बातचीत को अपनी मर्जी से जारी रखने का विकल्प मौजूद रहेगा।
यह सुरक्षा सुविधा पूरी तरह से स्वैच्छिक है और डिफ़ॉल्ट रूप से अनिवार्य नहीं बनाई गई है। उपयोगकर्ता अपनी व्यक्तिगत जरूरत और पसंद के अनुसार इसे सेटिंग्स के माध्यम से मैन्युअली सक्रिय कर सकेंगे। इस सुविधा को चालू करने के लिए वॉट्सऐप की सेटिंग्स में जाकर अकाउंट विकल्प के भीतर स्कैम अलर्ट का विकल्प देखा जा सकता है और वहां से इसे प्रबंधित किया जा सकता है।
फोन के भीतर ही काम करेगा मशीन लर्निंग मॉडल
मेटा द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, इस स्कैम अलर्ट प्रणाली के संचालन के लिए एक विशेष मशीन लर्निंग मॉडल सीधे उपयोगकर्ता के स्मार्टफोन पर डाउनलोड किया जाता है। यह मॉडल पूरी तरह से डिवाइस के भीतर ही रहकर काम करता है और बिना किसी बाहरी हस्तक्षेप के अज्ञात प्रेषकों से मिलने वाले संदेशों में छिपे हुए स्कैम पैटर्न को पहचानने का प्रयास करता है।
जब भी कोई संदेश संभावित धोखाधड़ी जैसा प्रतीत होता है, तो उससे जुड़ी चेतावनी केवल संदेश प्राप्त करने वाले व्यक्ति को ही दिखाई देती है। संदेश भेजने वाले को इस बात की भनक तक नहीं लगती कि उसके संदेश को संदिग्ध रूप में चिह्नित किया गया है।
यदि किसी स्थिति में वॉट्सऐप गलती से किसी वैध और भरोसेमंद बातचीत को स्कैम के रूप में पहचान लेता है, तो उपयोगकर्ता के पास उस चैट को ट्रस्टेड मार्क करने की सुविधा भी होगी। एक बार ऐसा करने के बाद उस विशिष्ट चैट को भविष्य में दोबारा स्कैम अलर्ट के तहत चिह्नित या फ्लैग नहीं किया जाएगा।
गोपनीयता और डेटा सुरक्षा का रखा गया है ध्यान
इस नई तकनीकी सुविधा को डिजाइन करते समय उपयोगकर्ताओं की गोपनीयता को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है। मेटा का स्पष्ट कहना है कि स्कैम अलर्ट की इस पूरी प्रक्रिया के दौरान संदेशों की सामग्री अपने आप वॉट्सऐप, मेटा या किसी भी अन्य तृतीय पक्ष को नहीं भेजी जाती है।
कंपनी के अनुसार, इस मॉडल को उन सामान्य पैटर्न के आधार पर प्रशिक्षित किया गया है जो आमतौर पर धोखाधड़ी वाली बातचीत में पाए जाते हैं। यदि उपयोगकर्ता चाहें, तो इस सेवा को और अधिक सटीक बनाने में मदद करने के लिए अपनी पिछली पांच संदेशों की जानकारी स्वेच्छा से साझा कर सकते हैं।
फिलहाल यह स्कैम अलर्ट सीमित रूप से एंड्रॉयड बीटा उपयोगकर्ताओं के बीच परखा जा रहा है। यदि यह परीक्षण पूरी तरह सफल रहता है, तो भविष्य में इसे वैश्विक स्तर पर लॉन्च किया जा सकता है। यह उपकरण अनजान नंबरों से आने वाले धोखेधड़ी वाले संदेशों से निपटने के लिए एक अतिरिक्त सुरक्षा कवच साबित हो सकता है।



















