तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद में पुलिस को एक बड़ी सफलता मिली है, जहां लगभग 10 दिनों से फरार चल रहे ट्रेनी IPS अधिकारी उदय कृष्णा रेड्डी को हिरासत में ले लिया गया है। आरोपी अधिकारी पर अपनी ही एक 30 वर्षीय साथी महिला ट्रेनी IPS अधिकारी के साथ यौन उत्पीड़न, मारपीट, अश्लील संदेश भेजने और निजी वीडियो बनाकर परिजनों को भेजकर ब्लैकमेल करने जैसे कई गंभीर आरोप लगे हैं। अत्तापुर पुलिस स्टेशन की टीम ने चार विशेष टीमों का गठन कर आरोपी को दबोच लिया है।
उत्पीड़न और प्रताड़ना की पूरी दास्तान
इस पूरे मामले की शुरुआत 18 जुलाई को हुई, जब पीड़ित महिला ट्रेनी IPS अधिकारी ने अत्तापुर पुलिस स्टेशन में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के अनुसार, उत्पीड़न का यह दौर 23 जून से शुरू हुआ था। आरोप है कि उदय कृष्णा रेड्डी ने लगातार उन्हें अश्लील WhatsApp संदेश भेजे, आपत्तिजनक भाषा का प्रयोग किया और अन्य साथी ट्रेनी अधिकारियों के सामने उनका अपमान किया। पीड़ित अधिकारी ने अपनी शिकायत में इस बात का भी उल्लेख किया है कि आरोपी उन्हें मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित कर रहा था।
शिकायत में गंभीर शारीरिक हिंसा के आरोप भी लगाए गए हैं। पीड़ित महिला अधिकारी के अनुसार, आरोपी ने जबरन उनका मोबाइल फोन छीन लिया और पासवर्ड बताने के लिए दबाव बनाया। इसके बाद आरोपी ने उन्हें अपने कमरे में बंद कर दिया, उनके बाल खींचे, गला दबाने का प्रयास किया और चाकू दिखाकर जान से मारने की धमकी दी। इतना ही नहीं, आरोपी ने चुपके से महिला का एक प्राइवेट वीडियो भी रिकॉर्ड कर लिया। इस वीडियो का इस्तेमाल उसने महिला को डराने और ब्लैकमेल करने के लिए किया तथा इसे महिला के पति को भी भेज दिया। 10 जुलाई को आरोपी ने दोबारा महिला अधिकारी के साथ मारपीट की थी।
कानूनी कार्रवाई और दर्ज की गई धाराएं
महिला अधिकारी की शिकायत के आधार पर अत्तापुर पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) और सूचना प्रौद्योगिकी (IT) अधिनियम के तहत विभिन्न संगीन धाराओं में मामला दर्ज किया है। BNS की धारा 74 (महिला के खिलाफ आपराधिक बल प्रयोग), धारा 75 (यौन उत्पीड़न), धारा 77 (वॉयूरिज्म/गुप्त रूप से देखना), धारा 78 (पीछा करना), धारा 79 (महिला की गरिमा को ठेस पहुंचाना), धारा 127(2) (गलत तरीके से बंधक बनाना), धारा 115(2) (स्वेच्छा से चोट पहुंचाना) और धारा 351(2) (आपराधिक धमकी) के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है। इसके अतिरिक्त IT एक्ट की धारा 66E (गोपनीयता का उल्लंघन) और धारा 67A (इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से अश्लील सामग्री का प्रसारण) भी लगाई गई हैं।
सहानुभूति का ड्रामा, अस्पताल और फरारी
मामला दर्ज होने के बाद, आरोपी उदय कृष्णा रेड्डी ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक पोस्ट साझा की। इसमें उन्होंने दावा किया कि उनके खिलाफ लगाए गए सभी आरोप और दुष्प्रचार पूरी तरह से झूठे हैं। उन्होंने यह भी लिखा कि उन्हें देश की कानून व्यवस्था पर पूरा भरोसा है और अंततः न्याय की जीत होगी। हालांकि, इसके ठीक बाद घटनाक्रम में एक नया मोड़ आया जब मोतीनगर स्थित उनके एक रिश्तेदार के घर में वे अत्यधिक शराब के नशे में बेहोश पाए गए।
शुरुआत में यह अफवाह फैली कि आरोपी ने आत्महत्या का प्रयास किया है, जिसके बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया। हालांकि, पुलिस की प्राथमिक जांच में यह बात सामने आई कि उन्होंने जनता और जांच एजेंसियों की सहानुभूति हासिल करने के लिए यह नाटक रचा था। अस्पताल से उपचार के बाद 22 जुलाई को उन्हें छुट्टी दे दी गई, जिसके तुरंत बाद वे अचानक गायब हो गए और पुलिस से बचने के लिए छिपने लगे।
चार विशेष टीमों का गठन और गिरफ्तारी
पुलिस ने जब जांच को आगे बढ़ाते हुए आरोपी को कानूनी नोटिस थमाने का प्रयास किया, तो वे उनके द्वारा दिए गए दोनों पतों पर मौजूद नहीं मिले। रविवार को उनका मोबाइल फोन भी बंद पाया गया, जिससे पुलिस का संदेह और बढ़ गया। इसके बाद हैदराबाद पुलिस ने आरोपी की धरपकड़ के लिए चार विशेष टीमों का गठन किया। गहन खोजबीन के बाद मंगलवार को पुलिस ने उदय कृष्णा रेड्डी को हिरासत में ले लिया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपी का मेडिकल परीक्षण कराया जा रहा है, जिसके बाद उन्हें सक्षम अदालत के सामने पेश किया जाएगा।



















