तेलंगाना के सबसे प्रमुख और देश के बेहद व्यस्त रेल केंद्रों में शामिल सिकंदराबाद रेलवे स्टेशन को अंतरराष्ट्रीय स्तर के आधुनिक हब में बदलने का काम तेजी से आगे बढ़ रहा है। 714.73 करोड़ रुपये के कुल बजट वाले इस महत्वाकांक्षी पुनर्विकास प्रोजेक्ट का करीब 65 प्रतिशत निर्माण कार्य पूरा कर लिया गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में क्रियान्वित की जा रही इस परियोजना का उद्देश्य राज्य के प्रवेश द्वार को आधुनिक स्वरूप प्रदान करना है, जिससे हर दिन सफर करने वाले लाखों यात्रियों की यात्रा अधिक सुगम, आरामदायक और सुरक्षित हो सके।
दैनिक 1.5 लाख यात्रियों के लिए क्यों जरूरी था यह कायाकल्प?
सिकंदराबाद रेलवे स्टेशन देश के सबसे व्यस्ततम स्टेशनों की सूची में गिना जाता है। आंकड़ों के अनुसार, इस स्टेशन से प्रतिदिन लगभग 180 रेलगाड़ियां गुजरती हैं और रोजाना करीब 1.5 लाख यात्री अपनी यात्रा के लिए यहां पहुंचते हैं। भारी पैसेंजर फुटफॉल और बढ़ते दबाव को ध्यान में रखते हुए स्टेशन परिसर के ढांचे को नए जमाने की आवश्यकताओं के अनुरूप ढालना अत्यंत आवश्यक हो गया था। इस नए कायाकल्प से यात्रियों को भीड़भाड़ से राहत मिलेगी और आवागमन की प्रक्रिया पहले से कहीं अधिक व्यवस्थित हो जाएगी।
स्टेशन पर मिलेंगी 26 लिफ्ट, 32 एस्केलेटर और विश्वस्तरीय सुविधाएं
प्रोजेक्ट के अंतर्गत स्टेशन परिसर को कई अत्याधुनिक जन-सुविधाओं से लैस किया जा रहा है। स्टेशन में दो मंजिला एयर कॉन्कोर्स का निर्माण किया जा रहा है, जिससे यात्रियों को बैठने और प्रतीक्षा करने का विशाल स्थान मिलेगा। इसके अलावा, सभी प्लेटफॉर्मों के ऊपर एक विशाल एकीकृत छत (रूफ शेड) लगाई जा रही है। यात्रियों की आवाजाही को आसान बनाने के लिए परिसर में 26 लिफ्ट और 32 एस्केलेटर स्थापित किए जा रहे हैं। साथ ही, मल्टी-लेवल कार पार्किंग, सोलर पावर प्लांट, इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए ईवी चार्जिंग स्टेशन, उन्नत सुरक्षा प्रणाली और आधुनिक पैसेंजर सुविधाएं भी विकसित की जा रही हैं।
दक्षिण दिशा का निर्माण कार्य और RPF इमारत बनकर तैयार
पुनर्विकास योजना के तहत अब तक कई महत्वपूर्ण पड़ावों को सफलता पूर्वक पूरा कर लिया गया है। यात्रियों की सुविधा के लिए एक नया अस्थायी बुकिंग कार्यालय चालू किया जा चुका है और रेलवे सुरक्षा बल (RPF) के लिए नई आधुनिक इमारत का निर्माण संपन्न हो गया है। इसके अलावा, काजीपेट की ओर जाने वाला फुट ओवर ब्रिज पूरी तरह तैयार है। दक्षिण दिशा की स्टेशन बिल्डिंग, दक्षिण अराइवल एरिया, बेसमेंट का ढांचा और दक्षिण दिशा की एप्रोच रोड का निर्माण कार्य पूरी तरह से समाप्त हो चुका है, जिससे स्टेशन के एक हिस्से का नया स्वरूप उभर कर सामने आ गया है।
उत्तर दिशा की पार्किंग, स्काईवॉक और सीवेज प्लांट पर काम तेज
वर्तमान में स्टेशन के उत्तरी हिस्से और अन्य जटिल संरचनाओं पर तेजी से काम चल रहा है। उत्तर दिशा में मल्टी-लेवल पार्किंग और उत्तर दिशा की मुख्य स्टेशन इमारत का निर्माण प्रगति पर है। इसके साथ ही एयर कॉन्कोर्स के मुख्य ढांचे, प्लेटफॉर्म रूफ शेड, हैदराबाद की ओर जाने वाले फुट ओवर ब्रिज और ट्रैवलेटर से लैस फुट ओवर ब्रिज के निर्माण का काम तेजी से निपटाया जा रहा है। जल प्रबंधन और स्वच्छता के लिए जमीन के नीचे पानी की विशाल टंकियां और एक आधुनिक सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट तैयार किया जा रहा है। सबसे खास बात यह है कि रेलवे स्टेशन को सीधे मेट्रो स्टेशन से जोड़ने वाले एक विशेष स्काईवॉक का निर्माण भी जोरों पर है।
मल्टी-मॉडल कनेक्टिविटी से आसान होगी यात्रियों की राह
इस संपूर्ण पुनर्विकास परियोजना का मुख्य लक्ष्य यात्रियों के अनुभव को पूरी तरह से बदलना है। सीधे मेट्रो कनेक्टिविटी देने वाला स्काईवॉक यात्रियों को बिना किसी यातायात रुकावट के ट्रेन से उतरकर मेट्रो पकड़ने की सुविधा देगा। विभिन्न परिवहन माध्यमों के इस निर्बाध जुड़ाव (मल्टी-मॉडल कनेक्टिविटी) से यात्रियों का कीमती समय बचेगा और उन्हें स्टेशन परिसर के बाहर जाम में नहीं फंसना पड़ेगा। पूरा होने के बाद सिकंदराबाद रेलवे स्टेशन आधुनिक बुनियादी ढांचे और शहरी परिवहन का एक बेहतरीन उदाहरण बनकर उभरेगा।



















