ब्रिटेन के शीर्ष पुरुष टेनिस खिलाड़ी आर्थर फेरी ने अपने खेल करियर में एक नया और बड़ा मील का पत्थर हासिल करते हुए सीनियर यूएस ओपन के मुख्य दौर में प्रवेश कर लिया है। पिछले साल जब दुनिया के बेहतरीन टेनिस सितारे न्यूयॉर्क में इस प्रतिष्ठित ग्रैंड स्लैम टूर्नामेंट के लिए एकजुट हो रहे थे, तब आर्थर फेरी खेल के बड़े मंच से काफी दूर बैठकर यह सब देख रहे थे। उस समय वह कोलंबिया में एक एटीपी चैलेंजर प्रतियोगिता जीतने के बाद बमुश्किल दुनिया के शीर्ष 300 खिलाड़ियों की सूची में वापस लौटे थे। वह खुद इस बात को स्वीकार करते हैं कि खेल की शीर्ष रैंकिंग वाले अन्य खिलाड़ियों को ऐसा प्रतिस्पर्धा करते देखना उनके लिए मानसिक रूप से काफी कठिन और पीड़ादायक अनुभव था।
चैलेंजर स्तर से निकलकर वैश्विक पटल पर पहचान
आर्थर फेरी का खेल सफर अब उस दौर से कोसों दूर आ चुका है जहां वह एक साल पहले खड़े थे। पिछले साल दूर से यूएस ओपन को देखने के अपने उस अनुभव को याद करते हुए उन्होंने बताया कि यह देखना थोड़ा चुभने वाला होता है जब आपके ही उम्र के वे खिलाड़ी जिन्हें आप जूनियर स्तर पर अपने साथ खेलते हुए देखते थे, आज यूएस ओपन के कोर्ट पर उतर रहे होते हैं और आप खुद को चैलेंजर स्तर के टूर्नामेंट्स में संघर्ष करते हुए पाते हैं। उनका यह भी मानना है कि इस तरह की स्थिति में दूसरों के परिणामों या उनके मैचों को बहुत ज्यादा देखकर खुद को मानसिक रूप से परेशान नहीं करना चाहिए, बल्कि पूरा ध्यान केवल अपने खेल और सुधार पर केंद्रित रखना चाहिए। उन्होंने यही नीति अपनाई और अब जब उनका प्रदर्शन बेहतर हो रहा है, तो उनके लिए इस मुकाम पर सहज महसूस करना काफी आसान हो गया है और उन्हें लगता है कि वह वास्तव में इन बड़े टूर्नामेंट्स का हिस्सा बनने के हकदार हैं।
मानसिक दृढ़ता और अमेरिकी महाद्वीप में शानदार फॉर्म
प्रोफेशनल सर्किट में अपने सफर के दौरान आर्थर फेरी ने हमेशा एक खास तरह का आत्मविश्वास और मानसिक संतुलन बनाए रखा है। हालांकि विंबलडन में उनका असाधारण प्रदर्शन बहुत से लोगों के लिए अप्रत्याशित जरूर था, लेकिन जिस तरह का शांत स्वभाव और मानसिक दृढ़ता उनके पास है, उससे यह साफ झलकता है कि वह इस सफलता के साथ मिलने वाले तमाम नए अनुभवों को बहुत सहजता से स्वीकार कर रहे हैं। एटीपी मास्टर्स स्तर पर उनका डेब्यू मुकाबला ऑस्ट्रेलिया के जेम्स डकवर्थ के खिलाफ जीत के साथ समाप्त हुआ था, हालांकि इसके बाद अगले दौर में दुनिया के आठवें नंबर के खिलाड़ी एलेक्स डी मिनौर की गति और चालाकी उनके लिए बहुत भारी साबित हुई और उन्हें हार का सामना करना पड़ा।
उस मुकाबले के बाद आर्थर फेरी सीधे नॉर्थ कैरोलिना पहुंचे, जहां उन्होंने विंस्टन-सेलेम में आयोजित हुए एटीपी 250 टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन करते हुए फाइनल तक का सफर तय किया और उपविजेता रहे। शनिवार को खेले गए खिताबी मुकाबले में भले ही उन्हें उच्च रैंकिंग वाले पेरू के खिलाड़ी इग्नासियो बुसे के हाथों हार का सामना करना पड़ा हो, लेकिन इस पूरे हफ्ते में दर्ज की गई उनकी चार जीत ने उनके भीतर अपने होने के अहसास को और मजबूत किया है। हालांकि वे खिलाड़ी ऐसे नहीं थे जिन्हें हराना किसी ग्रैंड स्लैम सेमीफिनालिस्ट के लिए असंभव हो, लेकिन फिर भी इस सफलता ने फेरी का आत्मविश्वास काफी बढ़ा दिया है।
मानसिक रीसेट और यूएस ओपन की बेहतरीन तैयारी
विंबलडन के तुरंत बाद टूर से एक महीने का लंबा ब्रेक लेना आर्थर फेरी का एक बेहद रणनीतिक और सोच-समझकर उठाया गया कदम था, जिसका उद्देश्य सीजन के अंतिम पड़ाव में अपने खेल को नई ऊंचाइयों पर ले जाना था। इस लंबे ब्रेक की वजह से उनका ग्रीस जाने का पहले से तय टूर जरूर रद्द हो गया, लेकिन उसके स्थान पर दोस्तों के साथ स्पेन की एक नई यात्रा का प्लान बना, जिसमें गोल्फ कोर्स पर बिताया गया पर्याप्त समय भी शामिल था। इस छुट्टी ने उन्हें अचानक से दुनिया भर की मीडिया और खेल जगत की चकाचौंध के बीच आने के बाद खुद को मानसिक रूप से तरोताजा करने का एक शानदार अवसर दिया।
इस फैसले के बारे में बात करते हुए उन्होंने कहा कि वह अपने दोस्तों और परिवार के साथ कुछ गुणवत्तापूर्ण समय बिताने, छुट्टियों का आनंद लेने और उनके साथ अपनी सफलता का जश्न मनाने में पूरी तरह सफल रहे। वह अपने इस फैसले से बेहद संतुष्ट हैं और उनका मानना है कि भले ही उन्हें लय में वापस लौटने के लिए कोर्ट पर थोड़ा अधिक समय तक अभ्यास करना पड़ा हो, लेकिन मानसिक दृष्टिकोण से यह सब कुछ पूरी तरह सार्थक साबित हुआ।
कठोर ड्रा और मसेती के खिलाफ अगली चुनौती
आर्थर फेरी बहुत कम अंतर से यूएस ओपन में सीडिंग हासिल करने से चूक गए, क्योंकि शीर्ष 32 खिलाड़ियों को ही यह स्थान मिलता है। इस वजह से न्यूयॉर्क में उन्हें शुरुआती दौर में ही किसी शीर्ष वरीयता प्राप्त खिलाड़ी का सामना करना पड़ सकता है, जिससे उनकी मुश्किलें बढ़ गई हैं। पुरुष वर्ग के इस ओपन ड्रा में लोरेंजो मसेती को खिताब के सबसे बड़े दावेदारों में से एक माना जाता है, जो एक बेहतरीन रिटर्नर होने के साथ-साथ कोर्ट पर बेहद फुर्तीले खिलाड़ी भी हैं। पिछले साल न्यूयॉर्क में क्वार्टर फाइनल तक का सफर तय करने वाले 25 वर्षीय मसेती ने हाल के सीजनों में फ्रेंच ओपन और विंबलडन दोनों में एक कदम आगे बढ़कर शानदार प्रदर्शन किया है और इस साल जनवरी में ऑस्ट्रेलियन ओपन के अंतिम आठ में भी अपनी जगह बनाई थी।
जांघ की चोट के कारण वह फ्रेंच ओपन और विंबलडन से बाहर हो गए थे, लेकिन वॉशिंगटन और सिनसिताटी के क्वार्टर फाइनल तक के सफर में उन्होंने एक बार फिर अपने पुराने और सर्वश्रेष्ठ फॉर्म में लौटने के स्पष्ट संकेत दिए हैं। इस कड़े मुकाबले को लेकर फेरी का कहना है कि खेल में कभी-कभी आपको अच्छे ड्रा मिलते हैं और कभी बहुत कठिन ड्रा मिलते हैं, और आपको इसे जैसे है वैसे ही स्वीकार करना पड़ता है। वह मात्र एक स्थान से सीडिंग से चूक गए और परिणामस्वरूप उन्हें 13वीं सीड वाले खिलाड़ी के खिलाफ खेलना पड़ रहा है, जिसे वह दुर्भाग्यपूर्ण मानते हैं, लेकिन उनका यह भी मानना है कि यदि वह सही तैयारी के साथ मैदान पर उतरेंगे और अपना सर्वश्रेष्ठ खेल दिखाएंगे, तो इस मैच में भी उनकी जीत की पूरी संभावना होगी।
भविष्य को लेकर खेल विशेषज्ञों की बड़ी उम्मीदें
लोरेंजो मसेती के खिलाफ मुकाबले का परिणाम चाहे जो भी निकले, लेकिन जिस तरह से आर्थर फेरी का कद और रुतबा बढ़ा है, उसे देखते हुए आने वाले महीनों में उनके खेल प्रदर्शन को देखना बेहद रोमांचक होने वाला है। लॉन टेनिस एसोसिएशन के परफॉर्मेंस डायरेक्टर माइकल बॉर्न का मानना है कि आर्थर की लंबाई ऐसी कोई चीज नहीं है जिसे लेकर किसी भी प्रकार की चिंता या माथापच्ची करने की आवश्यकता है। उनके अनुसार आर्थर के पास बेहतरीन बॉल स्पीड है, चाहे वह ग्राउंड स्ट्रोक हो या उनकी शानदार सर्व, और वह मैदान पर एक अद्भुत निर्णय लेने वाले खिलाड़ी होने के साथ-साथ एक बेहतरीन एथलीट भी हैं। उन्होंने यह भी कहा कि आर्थर ने अपनी मेहनत के दम पर यह मुकाम हासिल किया है कि कोई भी उनके भविष्य पर कोई सीमा या रोक नहीं लगाएगा, क्योंकि वह एक बेहद प्रतिभाशाली युवा खिलाड़ी हैं और आने वाले समय में उनसे काफी बड़ी उम्मीदें की जा सकती हैं।



















