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उत्तराखंड के नैनीताल में भारी बारिश का तांडव, भूस्खलन और मलबे से थमी रफ्तार; चार साल की बच्ची की मौतउत्तराखंड
1 सित॰ 2026, 7:44 pm (66 दिन पहले)· 4

उत्तराखंड के नैनीताल में भारी बारिश का तांडव, भूस्खलन और मलबे से थमी रफ्तार; चार साल की बच्ची की मौत

नैनीताल और आसपास के इलाकों में हो रही मूसलाधार बारिश से जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है। जगह-जगह भूस्खलन होने से दर्जनों सड़कें बंद हो गईं और एक कार मलबे की चपेट में आ गई, जबकि भीमताल में नाले में बहने से चार साल की बच्ची की जान चली गई।

सरोवर नगरी नैनीताल में मौसम ने अचानक भयानक रूप ले लिया है। सोमवार रात से शुरू हुई बारिश का यह दौर मंगलवार को भी पूरे वेग के साथ जारी रहा, जिसके चलते स्थानीय निवासियों और पर्यटकों दोनों की मुश्किलें काफी बढ़ गईं। मौसम विभाग द्वारा पहले ही रेड अलर्ट जारी किया जा चुका था, और लगातार बरसते पानी ने शहर की सड़कों के साथ-साथ बाजारों में भी जलभराव की स्थिति पैदा कर दी। पहाड़ों पर छाई घनी धुंध और पारे में आई भारी गिरावट के बीच प्रशासन ने लोगों से पूरी सतर्कता बरतने की अपील की है।

46 से अधिक सड़कों पर लैंडस्लाइड का कहर

इस भारी बारिश का सबसे बुरा असर जिले की परिवहन व्यवस्था पर पड़ा है। आपदा कंट्रोल रूम से मिली जानकारी के अनुसार, नैनीताल जिले के भीतर छोटी और बड़ी कुल 46 सड़कों पर लैंडस्लाइड की घटनाएं दर्ज की गईं। कई अलग-अलग स्थानों पर पहाड़ों से भारी मात्रा में मलबा और बड़े-बड़े बोल्डर सीधे सड़क पर आ गिरे, जिससे आवागमन पूरी तरह ठप हो गया। हालांकि लोक निर्माण विभाग और प्रशासनिक अमले की टीमें तुरंत हरकत में आईं और जेसीबी मशीनों की मदद से रास्तों को साफ करने के काम में जुट गईं। कई मार्गों पर यातायात बहाल कर दिया गया है, जबकि अन्य जगहों पर मलबा हटाने का काम युद्धस्तर पर जारी है।

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नैनीताल-ज्योलीकोट मार्ग पर टला बड़ा हादसा

बारिश के इस दौर के बीच नैनीताल-ज्योलीकोट मार्ग पर एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। मूसलाधार पानी के बीच अचानक पहाड़ी से मलबा और बोल्डर सड़क पर आ गिरा, जिसकी चपेट में आकर एक कार पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। यह गाड़ी हरियाणा के पर्यटकों की थी जो प्रसिद्ध कैंची धाम के दर्शन करके अपने घर लौट रहे थे। गनीमत यह रही कि समय रहते पर्यटक वाहन से बाहर निकलने में सफल रहे, जिससे उनकी जान बाल-बाल बच गई। वाहन मालिकों के अनुसार यह कार महज आठ दिन पहले ही नई खरीदी गई थी।

हल्द्वानी हाईवे और भीमताल में विकट स्थिति

इसी तरह हल्द्वानी-ज्योलीकोट राष्ट्रीय राजमार्ग पर डोलमार के समीप भी भारी बारिश के कारण भूस्खलन की घटना घटी। पहाड़ी से लगातार गिरते पत्थरों और बोल्डरों के कारण वाहनों का पहिया थम गया। प्रशासनिक टीमों ने मौके पर पहुंचकर जेसीबी की सहायता से मलबा साफ किया और यातायात को दोबारा शुरू कराया। उधर भीमताल क्षेत्र में स्थिति तब बेहद गंभीर हो गई जब उफनते नालों का पानी ब्लॉक रोड पर फैल गया और सड़क पूरी तरह जलमग्न हो गई। इसी दौरान पैर फिसलने के कारण चार साल की एक बच्ची पास के बरसाती नाले की तेज चपेट में आ गई। बचाव दल ने तुरंत खोजबीन शुरू की और कुछ देर बाद बच्ची बेहोश हालत में बरामद हुई। अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया, जिससे पूरे क्षेत्र में मातम छा गया है।

कई अन्य प्रमुख मार्गों पर भी यातायात प्रभावित

बारिश का यह प्रकोप नैनीताल-भवाली मोटर मार्ग पर भी साफ देखने को मिला। कैलाखान, पाइंस और जोखिया के आसपास भूस्खलन होने के कारण वाहनों की आवाजाही रोकनी पड़ी। लोक निर्माण विभाग के कर्मचारियों ने मौके पर पहुंचकर काफी मशक्कत के बाद रास्ता साफ किया। इसके अलावा नैनीताल-पंगोट मार्ग पर भी पहाड़ी दरकने से मलबा आ गया, जिससे पंगोट और उसके आसपास के गांवों का संपर्क शहर से कट गया। हालांकि इस रूट पर यातायात का दबाव कम रहता है, फिर भी प्रशासन ने मिनी जेसीबी लगाकर तुरंत रास्ता बहाल कराया और संवेदनशील जगहों पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है।

कैंची धाम और धारी क्षेत्र में भी हालात खराब

मानसूनी बारिश का असर कैंची धाम और अल्मोड़ा रोड पर भी साफ नजर आया। कैंची धाम के पास भारी बोल्डर गिरने से रास्ता बाधित हुआ, जबकि खैरना क्षेत्र में लगातार पत्थर गिरते रहे। प्रशासन ने अल्मोड़ा की तरफ जाने वाले यात्रियों को खासी सावधानी बरतने की हिदायत दी है। दूसरी ओर, धारी-कासियालेख मोटर मार्ग पर भी भूस्खलन से घंटों तक गाड़ियां फंसी रहीं। राजस्व निरीक्षक निर्मल बोरा की अगुवाई में प्रशासनिक अमले ने जेसीबी की मदद से शाम तक मलबा हटवाकर छोटी गाड़ियों के लिए रास्ता खोला। वहीं पोखराड़ गांव में लैंडस्लाइड की वजह से कुछ रिहायशी मकानों पर खतरा मंडराने लगा, जिसके चलते एहतियात के तौर पर प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा दिया गया है। गनीमत रही कि इस जगह किसी तरह की जन या पशु हानि नहीं हुई।

प्रशासन का अगला कदम और ऑरेंज अलर्ट

जिले में खराब मौसम और लगातार मंडराते खतरे को देखते हुए मौसम विभाग ने 2 सितंबर के लिए ऑरेंज अलर्ट घोषित किया है। हालात की गंभीरता को भांपते हुए जिला प्रशासन ने सभी स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों में अवकाश घोषित कर दिया है। अधिकारियों ने नागरिकों को अनावश्यक यात्राओं से बचने और पर्वतीय क्षेत्रों में अत्यधिक सावधानी बरतने की सख्त सलाह दी है। यात्रियों से आग्रह किया गया है कि वे घर से निकलने से पहले सड़क और मौसम की मौजूदा स्थिति की पूरी जानकारी जरूर प्राप्त कर लें।

सवाल-जवाब

नैनीताल में भारी बारिश के कारण किस तारीख के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है?
मौसम विभाग ने नैनीताल जिले में भारी बारिश के खतरे को देखते हुए 2 सितंबर के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।
जिले में भूस्खलन के कारण कुल कितनी सड़कें प्रभावित हुई हैं?
आपदा कंट्रोल रूम के मुताबिक, नैनीताल जिले में छोटी-बड़ी कुल 46 सड़कों पर लैंडस्लाइड की घटनाएं सामने आई हैं।
भीमताल क्षेत्र में हुई दुर्घटना में किसकी जान गई है?
भीमताल में उफनते बरसाती नाले की चपेट में आने से चार साल की एक बच्ची की मौत हो गई।
प्रशासन ने खराब मौसम के चलते स्कूलों को लेकर क्या फैसला लिया है?
गंभीर स्थिति को देखते हुए जिले के सभी स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों में अवकाश घोषित कर दिया गया है।
नैनीताल-ज्योलीकोट मार्ग पर दुर्घटना का शिकार हुई कार कहां से लौट रही थी?
कार में सवार हरियाणा के पर्यटक कैंची धाम के दर्शन करके लौट रहे थे, जिनकी गाड़ी मलबे की चपेट में आ गई।
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