पर्यावरण और प्राकृतिक संसाधनों को गंभीर क्षति पहुंचाने वाले कारोबारियों के खिलाफ जिला प्रशासन ने एक बड़ी और निर्णायक कार्रवाई को अंजाम दिया है। जालोर जिले के सायला उपखंड अंतर्गत आने वाले ग्रामीण क्षेत्रों में लंबे समय से नियमों को ताक पर रखकर अवैध रूप से रंगीन कपड़ों की धुलाई का काम चलाया जा रहा था। इस गंभीर स्थिति पर संज्ञान लेते हुए राजस्थान राज्य प्रदूषण नियंत्रण मंडल और स्थानीय राजस्व विभाग ने संयुक्त रूप से मोर्चा खोला और इन अवैध अड्डों पर बुलडोजर चलवा दिया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, बालोतरा इलाके से रंगाई और धुलाई के इस अवैध कारोबार को सायला तहसील के भीतरूनी हिस्सों में ट्रांसफर किया जा रहा था। इन अनाधिकृत इकाइयों में कपड़ों की रंगाई के बाद निकलने वाला रासायनिक और जहरीला पानी बिना किसी ट्रीटमेंट प्लांट के सीधे खुले गड्ढों और कच्ची-पक्की होदियों में भरा जा रहा था। इन टैंकों से लगातार हो रहे सीपेज के कारण जमीन के भीतर का पानी दूषित हो रहा था और आसपास की उपजाऊ कृषि भूमि बंजर होने की कगार पर पहुंच चुकी थी। स्थानीय निवासियों के स्वास्थ्य पर मंडरा रहे इस गंभीर संकट को देखते हुए प्रशासनिक अमले ने तत्काल हस्तक्षेप करने का फैसला किया।
इस पूरी कार्रवाई को अमलीजामा पहनाने के लिए प्रदूषण नियंत्रण मंडल के क्षेत्रीय अधिकारी विनय कट्टा के मार्गदर्शन में एक विशेष संयुक्त दल का गठन किया गया था। सहायक पर्यावरण अभियंता शंकर लाल बिश्नोई के नेतृत्व में प्रशासनिक और प्रदूषण विभाग की टीम ने तालियाना और पूनावास गांव में औचक छापेमारी की। निरीक्षण के दौरान जब मौके पर अवैध गतिविधियों की पुष्टि हो गई, तो जेसीबी मशीनों की मदद से तुरंत तोड़फोड़ शुरू की गई। टीम ने कपड़े सुखाने के लिए बनाए गए अडाण और जहरीला पानी स्टोर करने वाली अवैध होदियों को पूरी तरह नेस्तनाबूद कर दिया, जिससे इस अवैध धंधे से जुड़े लोगों में हड़कंप मच गया है।
आगे भी जारी रहेगा अभियान
प्रशासनिक अधिकारियों ने अपनी इस सख्त कार्रवाई के बाद यह स्पष्ट कर दिया है कि पर्यावरण और भूजल संपदा को नुकसान पहुंचाने वाले किसी भी गैरकानूनी कृत्य को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। प्रदूषण नियंत्रण मंडल की निगाहें अब सायला तहसील के अन्य गांवों और आसपास के संदिग्ध इलाकों पर भी टिकी हुई हैं। इन क्षेत्रों में चल रही अन्य अवैध इकाइयों और उनके द्वारा केमिकल वेस्ट के निस्तारण के तौर-तरीकों की बारीकी से जांच की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि नियमों की धज्जियां उड़ाने वालों के विरुद्ध भविष्य में भी इस प्रकार के कड़े कानूनी कदम उठाए जाते रहेंगे।



















