बेल्जियम के टेनिस खिलाड़ी जीज़ू बर्ग्स ने ईस्टबोर्न ओपन में अपना पहला ATP टूर ख़िताब जीतकर अपने करियर में एक ऐतिहासिक मुक़ाम हासिल कर लिया है। एक बेहद कड़े और रोमांचक फ़ाइनल मुक़ाबले में, दुनिया के 48वें नंबर के खिलाड़ी ने एक सेट से पिछड़ने के बाद शानदार वापसी करते हुए छठी वरीयता प्राप्त फ़्रांस के उगो हम्बर्ट को मात दी। बेल्जियम के खेल इतिहास के लिहाज़ से यह एक बेहद बड़ा क्षण है, क्योंकि बर्ग्स इस स्तर पर ग्रास कोर्ट पर सिंगल्स ट्रॉफ़ी जीतने वाले अपने देश के पहले पुरुष खिलाड़ी बन गए हैं।
मुश्किल परिस्थितियों में मिली ऐतिहासिक जीत
बर्ग्स के लिए खिताबी जीत का यह रास्ता बिल्कुल भी आसान नहीं था। उन्हें न केवल एक बेहतरीन खिलाड़ी का सामना करना पड़ा, बल्कि मौसम के उतार-चढ़ाव से भी जूझना पड़ा। शनिवार को हुई भारी बारिश के कारण मैच को केवल तीन गेम के बाद ही रोकना पड़ा था। इस बाधा की वजह से दोनों खिलाड़ियों को रविवार को दोबारा कोर्ट पर उतरना पड़ा। जब मैच दोबारा शुरू हुआ, तो दोनों को तेज़ और अशांत हवाओं का सामना करना पड़ा, जिसने उनकी मानसिक और शारीरिक क्षमता की कड़ी परीक्षा ली। इन कठिन परिस्थितियों के बावजूद, बर्ग्स ने बेहतरीन जुझारूपन दिखाते हुए 3-6, 6-1, 6-4 से मैच अपने नाम कर लिया।
शुरुआती झटके के बाद शानदार वापसी
दुनिया के 30वें नंबर के खिलाड़ी उगो हम्बर्ट इस स्तर पर खेलने के मामले में बर्ग्स से कहीं अधिक अनुभवी थे। फ़्रांसीसी खिलाड़ी अपने आठवें ATP टूर ख़िताब की तलाश में थे और शुरुआत में वे कोर्ट पर काफ़ी मज़बूत नज़र आ रहे थे। हम्बर्ट ने मैच की शुरुआत में ही अपना दबदबा बना लिया और पहले सेट को आसानी से 6-3 से अपने नाम कर लिया। उस समय ऐसा लग रहा था कि बर्ग्स एक बार फिर उपविजेता बनकर रह जाएंगे, जैसा कि उनके पिछले दो टूर फ़ाइनल में हुआ था, जब उन्हें 'स-हर्टोगनबोश और ऑकलैंड में हार का सामना करना पड़ा था।
लेकिन बेल्जियम के इस खिलाड़ी ने इतिहास को दोहराने से साफ़ इनकार कर दिया। बर्ग्स ने दूसरे सेट में नए उत्साह और पूरी एकाग्रता के साथ कदम रखा। उन्होंने तुरंत खेल पर अपनी पकड़ बनाई और हम्बर्ट की सर्विस पर दबाव बढ़ाना शुरू किया। लगातार दो सर्विस ब्रेक हासिल करते हुए बर्ग्स ने दूसरा सेट 6-1 से अपने नाम कर लिया। इस प्रदर्शन ने मैच का पूरा रुख पलट दिया और मुक़ाबले को निर्णायक तीसरे सेट में पहुँचा दिया।
निर्णायक सेट का रोमांचक ड्रामा
तीसरे और आख़िरी सेट में दोनों खिलाड़ियों के बीच हर एक अंक के लिए कांटे की टक्कर देखने को मिली। बर्ग्स ने शुरुआत से ही आक्रामक रुख अपनाया और पाँचवें गेम में ब्रेक पॉइंट हासिल किए। हालांकि हम्बर्ट ने बेहतरीन खेल दिखाते हुए उन ब्रेक पॉइंट्स को बचा लिया, लेकिन बर्ग्स ने अपना दबाव कम नहीं होने दिया। इसके बाद जब हम्बर्ट अगली बार सर्विस करने आए, तो बर्ग्स ने उन्हें फिर से मुश्किल में डाल दिया। इस कड़े दबाव के बीच हम्बर्ट ने एक फ़ोरहैंड शॉट मिस कर दिया, जिससे बर्ग्स को मैच का सबसे महत्वपूर्ण ब्रेक मिल गया।
जीत के बेहद करीब पहुँचने के बाद बर्ग्स ने अद्भुत संयम का परिचय दिया। उनके खेल में घबराहट का कोई नामोनिशान नहीं था, जिसने उनके पिछले फ़ाइनल मुक़ाबलों में उन्हें परेशान किया था। ख़िताब के लिए सर्विस करते हुए उन्होंने कोई ग़लती नहीं की। जैसे ही चैंपियनशिप पॉइंट पर हम्बर्ट का शॉट नेट से टकराया, बर्ग्स की ख़ुशी का ठिकाना नहीं रहा। वह कोर्ट पर ही ख़ुशी से उछल पड़े और राहत की एक तेज़ दहाड़ के साथ इस यादगार जीत का जश्न मनाया।
विंबलडन में तुरंत होगी भिड़ंत
एक बेहद दिलचस्प इत्तेफ़ाक यह है कि इन दोनों खिलाड़ियों को इस कड़े मुक़ाबले के बाद आराम करने या अपनी रणनीति पर विचार करने का ज़्यादा समय नहीं मिलेगा। विंबलडन के पहले दौर में इन दोनों का सामना एक बार फिर एक-दूसरे से होने जा रहा है। ग्रास कोर्ट पर होने वाला यह दूसरा मुक़ाबला मंगलवार को खेला जाएगा। जहाँ एक तरफ़ हम्बर्ट इस हार का बदला लेने के इरादे से उतरेंगे, वहीं दूसरी ओर बर्ग्स इस ख़िताबी जीत से मिले आत्मविश्वास को इस बड़े ग्रैंड स्लैम टूर्नामेंट में भी बरक़रार रखना चाहेंगे।











