ब्रिटिश टेनिस खिलाड़ी टोबी सैमुअल का अगला लक्ष्य पुरुष सिंगल्स रैंकिंग में टॉप 100 में जगह बनाना है। हाल ही में रोलां गैरां और विंबलडन दोनों में अपने पहले ग्रैंड स्लैम मुकाबले खेलने के बाद उनका आत्मविश्वास काफी बढ़ा है।
साल भर में जबरदस्त छलांग
विनचेस्टर में जन्मे और अब बाथ में रहने वाले 23 वर्षीय सैमुअल 2025 की शुरुआत में दुनिया के टॉप 1,000 खिलाड़ियों में भी शामिल नहीं थे। पिछले हफ्ते ईस्टबॉर्न के सेमीफाइनल तक पहुंचने के बाद वह करियर की सबसे बेहतरीन रैंकिंग, यानी 123वें स्थान पर पहुंचकर विंबलडन में उतरे थे।
क्वालिफाइंग के तीन दौर और फिर डी मिनोर से हार
रोलां गैरां में सैमुअल क्वालिफाइंग के तीन दौर पार करके मुख्य ड्रॉ में पहुंचे थे। हालांकि पहले ही दौर में उन्हें दुनिया के आठवें नंबर के खिलाड़ी एलेक्स डी मिनोर से हार का सामना करना पड़ा।
विंबलडन में मेन्सिक के खिलाफ पांच सेट की जंग
विंबलडन में सैमुअल को वाइल्डकार्ड मिला था और उनका सामना चेक गणराज्य के 15वें वरीयता प्राप्त और फ्रेंच ओपन के सेमीफाइनलिस्ट याकूब मेन्सिक से हुआ। सैमुअल ने उन्हें पूरे पांच सेट तक टक्कर दी। उन्होंने कहा, यह एक अविश्वसनीय अनुभव था। इतने अच्छे खिलाड़ी याकूब के साथ उस कोर्ट पर खेलना खास था। मैंने उन्हें पांचवें सेट के टाई ब्रेक तक पहुंचाया, यह मेरा पहला पांच सेट का मुकाबला था। सैमुअल ने आगे कहा कि टॉप 100 में पहुंचना उनका अगला लक्ष्य है, और अपने दम पर ग्रैंड स्लैम के मुख्य ड्रॉ में जगह बनाना उसके बाद का लक्ष्य है।
इनाम राशि से मजबूत हुई तस्वीर
विंबलडन के पहले दौर से बाहर होने पर सैमुअल को 80,000 पाउंड मिले। इसके अलावा ईस्टबॉर्न से 34,995 पाउंड और रोलां गैरां के अपने सफर से 75,000 पाउंड से ज्यादा की कमाई हुई। सैमुअल का कहना है कि रैंकिंग में ऊपर चढ़ने के लिए पैसा और पॉइंट्स दोनों जरूरी हैं, लेकिन मेन्सिक के खिलाफ मिली हार जैसे मुकाबलों से जो अनुभव मिलता है, उसे पैसों से नहीं खरीदा जा सकता। उन्होंने कहा कि यह मानसिक और शारीरिक रूप से बेहद कठिन था, इतनी देर तक फोकस बनाए रखना और मुकाबला करना आसान नहीं होता। सैमुअल ने माना कि यह थका देने वाला अनुभव था, लेकिन पहली बार ऐसा मुकाबला खेलने की खुशी है। उन्हें भरोसा है कि वह ऐसे मैच निकाल सकते हैं, और उम्मीद है कि भविष्य में अगला ऐसा मौका मिलने पर वह जीत भी हासिल कर पाएंगे। उन्होंने कहा कि इस अनुभव से सीखने और सुधार करने के लिए बहुत कुछ है, और अपने प्रदर्शन से वह खुश हैं। इसने उन्हें आगे बढ़ने का भरोसा दिया है और यह यकीन दिलाया है कि वह इस स्तर पर खेल सकते हैं।
अब कनाडा और अमेरिका का सफर
सैमुअल अब कनाडा में कुछ चैलेंजर टूर्नामेंट खेलने जाएंगे। इसके बाद वह अगस्त के आखिर में यूएस ओपन को निशाना बनाते हुए अमेरिका में कई एटीपी और चैलेंजर टूर्नामेंट में हिस्सा लेंगे। उन्होंने बताया कि हार्ड कोर्ट आमतौर पर उनकी पसंदीदा सतह रही है और यहीं उन्हें अपने सबसे अच्छे नतीजे मिले हैं। सैमुअल के मुताबिक टॉप 100 के आसपास की सीडिंग से मुख्य ड्रॉ में जगह मिल सकती है, और वह इससे बहुत दूर नहीं हैं, इसलिए अगले एक महीने में वह इसके लिए पूरा जोर लगाना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि यह सब उनके लिए नया है, कई चीजें पहली बार हो रही हैं। धीरे धीरे इनका अनुभव लेने और सहज होने से जीत खुद ब खुद मिलने लगेगी।













