पेशेवर टेनिस खिलाड़ी निक किर्गियोस को डोप टेस्ट में विफल रहने के बाद टेनिस से प्रोविजनली सस्पेंड कर दिया गया है। 31 वर्षीय ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ी ने 22 जून को मलोर्का ओपन के दौरान अपना सैंपल दिया था। जांच के दौरान उनके सैंपल में बेंज़ोइलेक्गोनिन पाया गया, जो कोकीन का एक मुख्य मेटाबोलाइट है। इस अनुशासनात्मक कार्रवाई का ऐलान अंतरराष्ट्रीय टेनिस इंटीग्रिटी एजेंसी यानी ITIA द्वारा किया गया है, जिसके बाद अंतरराष्ट्रीय सर्किट पर उनकी गतिविधियों पर तुरंत रोक लगा दी गई है।
सस्पेंशन की शर्तें और एंटी डोपिंग नियम
अंतरराष्ट्रीय टेनिस इंटीग्रिटी एजेंसी द्वारा लागू किए गए प्रोविजनल सस्पेंशन के तहत निक किर्गियोस के पेशेवर टेनिस से जुड़े रहने पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया गया है। इस कड़े सस्पेंशन का मतलब है कि वह एक खिलाड़ी के तौर पर किसी भी टूर्नामेंट में हिस्सा नहीं ले सकते, किसी अन्य खिलाड़ी को कोचिंग नहीं दे सकते और यहां तक कि ग्रैंड स्लैम टूर्नामेंट में दर्शक या अतिथि के रूप में भी शामिल नहीं हो सकते हैं। यह पाबंदी पुरुषों के ATP और महिलाओं के WTA टूर द्वारा आयोजित सभी आधिकारिक प्रतियोगिताओं पर समान रूप से लागू होती है।
मामले की प्रक्रियात्मक स्थिति स्पष्ट करते हुए ITIA ने कहा कि किर्गियोस के पास इस प्रोविजनल सस्पेंशन के खिलाफ आधिकारिक तौर पर अपील करने का अधिकार था। हालांकि एजेंसी ने पुष्टि की है कि उन्होंने अब तक सस्पेंशन के खिलाफ कोई अपील दाखिल नहीं की है। खेल के दौरान दिए गए सैंपल में कोकीन का मेटाबोलाइट पाए जाने के कारण अंतरराष्ट्रीय एंटी डोपिंग नियमों के तहत स्वतः ही यह अस्थायी पाबंदी लागू कर दी गई है।
सोशल मीडिया पर बयान और खिलाड़ी की सफाई
सस्पेंशन की खबर सार्वजनिक होने के बाद निक किर्गियोस ने सोशल मीडिया के जरिए अपनी चुप्पी तोड़ी। इंस्टाग्राम पर शेयर किए गए एक पोस्ट में ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ी ने इस पूरी घटना पर अपना पक्ष रखा और अपनी गलती स्वीकार की। उन्होंने खुलकर स्वीकार किया कि उनसे एक बहुत बड़ी गलती हुई है। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि वह इस घटना और इसके बाद अपनी खेल यात्रा पर पड़ने वाले सभी परिणामों की पूरी जिम्मेदारी लेते हैं।
इंस्टाग्राम पर सार्वजनिक रूप से जिम्मेदारी स्वीकार करके किर्गियोस ने खेल संस्था के फैसले को चुनौती देने या तुरंत कानूनी लड़ाई लड़ने के बजाय नियमों का पालन करने का संकेत दिया है। मलोर्का ओपन जैसे आधिकारिक टूर्नामेंट के दौरान प्रतिबंधित पदार्थों की मौजूदगी मिलने पर एंटी डोपिंग एजेंसियां सख्त जांच प्रक्रिया अपनाती हैं, और खिलाड़ी का यह बयान जांच के शुरुआती चरण में सामने आया है।
चोट की समस्याएं और इस सीजन का प्रदर्शन
यह प्रोविजनल सस्पेंशन 31 साल के किर्गियोस के करियर के लिए एक और बड़ा झटका माना जा रहा है, जो पहले से ही फिटनेस की समस्याओं से जूझ रहे थे। पिछले कुछ सालों के दौरान वह घुटने और कलाई की गंभीर चोटों के कारण लंबे समय तक मैदान से बाहर रहे हैं। इन चोटों की वजह से उन्हें कई बड़े टूर्नामेंट्स से हटना पड़ा था और उनका खेल करियर काफी प्रभावित हुआ था।
लगातार चोटों से परेशान रहने के कारण किर्गियोस मौजूदा सीजन में केवल चार सिंगल्स मुकाबलों में ही मैदान पर उतर सके थे। इन चार मैचों में से उन्हें सिर्फ एक मैच में जीत मिली, जबकि तीन मुकाबलों में हार का सामना करना पड़ा। इस सीजन में वह आखिरी बार विंबलडन के मेन्स डबल्स मुकाबले में खेलते दिखे थे, जहां उन्होंने अपने जोड़ीदार अलेक्जेंडर बुब्लिक के साथ हिस्सा लिया था। हालांकि, उनकी जोड़ी पहले ही दौर में हारकर बाहर हो गई थी, जो मलोर्का ओपन के टेस्ट परिणाम आने से पहले उनका आखिरी मैच साबित हुआ।



















