निक क्योर्गियोस की विंबलडन में वापसी सुकून भरी नहीं रही। ऑल इंग्लैंड क्लब में डबल्स मुकाबले में मिली हार के साथ-साथ अंपायर से हुई तीखी बहस भी सुर्खियों में रही, जिसमें उन्होंने साफ कह दिया कि जुर्माने की उन्हें कोई परवाह नहीं है।
कोर्ट पर क्या हुआ
अलेक्जेंडर बुबलिक के साथ जोड़ी बनाकर खेल रहे क्योर्गियोस को छठी वरीयता प्राप्त मार्सेलो अरेवालो और माटे पावीच की जोड़ी ने 6-3, 6-4 से हराया। विवाद तब खड़ा हुआ जब दूसरे सेट में जल्दी ही क्योर्गियोस की सर्विस टूट गई। इसके तुरंत बाद फ्रेंच अंपायर मैनुएल अब्सोलू ने उनकी भाषा को लेकर बात की, तो क्योर्गियोस ने भी अपशब्द कहते हुए पलटकर जवाब दिया, "ईमानदारी से कहूं तो अभी आप मुझ पर जुर्माना लगा सकते हैं, मुझे सच में कोई फर्क नहीं पड़ता। आप जुर्माना लगा दीजिए। ये सारे नियम वैसे भी बेकार हैं।"
चार साल पहले वाले फाइनल की परछाई
यह मुकाबला ऑल इंग्लैंड क्लब में क्योर्गियोस की चार साल में पहली उपस्थिति थी। इससे पहले वह यहीं अपने करियर के पहले ग्रैंड स्लैम फाइनल तक पहुंचे थे, जहां 2022 में उन्हें नोवाक जोकोविच से हार मिली थी। उसी टूर्नामेंट में क्योर्गियोस पर तीन बार जुर्माना लगाया गया था, जिनकी कुल रकम 14,500 पाउंड थी। इनमें से दो जुर्माने अपशब्द कहने के लिए और एक जुर्माना दर्शक की तरफ थूकने के लिए लगाया गया था। ताजा विवाद बताता है कि दबाव वाले पलों में क्योर्गियोस का रवैया अब भी वैसा ही है, भले ही बरसों बीत गए हों और चोटों की फेहरिस्त लंबी हो गई हो।
चोटों से जूझते हुए धीमी वापसी
31 साल के क्योर्गियोस पिछले कई सालों से घुटने और कलाई की चोटों से जूझ रहे हैं और फिलहाल उनकी विश्व रैंकिंग 899 है। इस बार विंबलडन के सिंगल्स ड्रॉ के लिए उन्हें वाइल्डकार्ड नहीं दिया गया, यही वजह रही कि डबल्स ही घास के कोर्ट पर उनकी वापसी का इकलौता रास्ता बचा। हालांकि उनकी फॉर्म धीरे-धीरे सुधर रही है, जून में स्टटगार्ट ओपन में उन्होंने मार्च 2025 के बाद अपनी पहली एटीपी टूर स्तर की जीत दर्ज की थी।
आगे क्या
बुबलिक के साथ मिली इस हार से क्योर्गियोस का इस साल का विंबलडन सफर खत्म हो गया, लेकिन जून में स्टटगार्ट ओपन की जीत बताती है कि लंबे समय तक चोटों से जूझने के बाद वह प्रतिस्पर्धी टेनिस की तरफ धीरे-धीरे लौट रहे हैं। आगे किसी बड़े टूर्नामेंट के सिंगल्स ड्रॉ में उनकी वापसी काफी हद तक इस बात पर निर्भर करेगी कि 899 की मौजूदा रैंकिंग से वह कितनी तेजी से ऊपर उठ पाते हैं।













