जापान के दिग्गज टेनिस स्टार केई निशिकोरी ने टोक्यो के कोर्ट पर अपने 19 साल लंबे गौरवशाली पेशेवर सफर को आधिकारिक तौर पर समाप्त कर दिया है। टोक्यो में आयोजित जापान ओपन में विश्व के आठवें नंबर के खिलाड़ी फ्रांसेस टियाफो के खिलाफ 6-4, 6-4 से मिली शिकस्त के साथ ही इस स्टार खिलाड़ी का सफर समाप्त हुआ। मैच समाप्त होने के बाद जब पूर्व विश्व नंबर चार खिलाड़ी कोर्ट पर मौजूद घरेलू प्रशंसकों से मुखातिब हुए, तो उनकी आंखों में आंसू छलक आए और उन्होंने खेल के प्रति अपने अंतिम क्षण तक के जुझारूपन को साझा किया।
टोक्यो के उसी कोर्ट पर विदाई जहां जीते थे दो खिताब
हार के बाद निशिकोरी ने टोक्यो के मुख्य शोकोर्ट का एक विशेष लैप ऑफ ऑनर लगाया। यह वही ऐतिहासिक स्थल है जहां उन्होंने 2012 और 2014 में चैंपियन बनकर अपनी घरेलू सरजमीं पर खिताब जीता था। घरेलू दर्शकों के सामने खुद को भावुक होने से न रोक पाने वाले निशिकोरी ने कहा कि जापान में खेलना हमेशा उनके लिए एक बेहद खास अनुभव रहा है। उन्होंने दर्शकों से कहा कि काश वह थोड़ा और आश्वस्त करने वाला प्रदर्शन कर पाते, लेकिन इस बात की उन्हें गहरी तसल्ली है कि उन्होंने अंत तक संघर्ष जारी रखा और मैदान नहीं छोड़ा। उन्होंने गर्व से कहा कि उन्होंने कभी हार नहीं मानी और आखिरी क्षण तक पूरी ताकत से मुकाबला किया।
दिग्गज खिलाड़ियों ने वीडियो संदेश में की जुझारूपन की तारीफ
कोर्ट पर उपस्थित प्रशंसकों और आयोजकों की ओर से निशिकोरी के सम्मान में एक खास विदाई वीडियो भी प्रसारित किया गया। इस वीडियो में 24 बार के ग्रैंड स्लैम विजेता नोवाक जोकोविच, तीन बार के ग्रैंड स्लैम चैंपियन एंडी मरे और 1989 के फ्रेंच ओपन विजेता माइकल चांग ने जापानी खिलाड़ी को उनके शानदार करियर की बधाई दी। जोकोविच ने अपने संदेश में कहा कि निशिकोरी का लचीलापन और विपत्तियों के बाद बार-बार वापसी करने का जुझारू जज्बा वास्तव में सराहनीय और प्रेरणादायक रहा है। जोकोविच ने याद किया कि उन्होंने दुनिया भर में एक-दूसरे के खिलाफ बेहतरीन मुकाबले खेले हैं। जोकोविच ने खुशी जताई कि निशिकोरी अपने देश, अपने शहर और अपने लोगों के सामने करियर का समापन कर रहे हैं, जो एक ऐसा विदाई समारोह है जिसके वे पूरी तरह हकदार हैं।
ऐतिहासिक जीतें और चोटों से भरी 19 साल की राह
निशिकोरी ने महज पांच वर्ष की उम्र में रैकेट थामा था और खेल की बारीकियों को निखारने के लिए 14 साल की उम्र में अमेरिका के फ्लोरिडा चले गए थे। वह दुनिया के शीर्ष 10 में जगह बनाने वाले पहले जापानी पुरुष खिलाड़ी बने और उन्होंने अपनी सफलता से चार बार की मेजर चैंपियन नाओमी ओसाका सहित पूरी नई पीढ़ी को प्रेरित किया। अपने करियर में उन्होंने 12 एटीपी टूर एकल खिताब अपने नाम किए और शीर्ष 10 खिलाड़ियों के खिलाफ कुल 40 शानदार जीत दर्ज कीं।
ग्रैंड स्लैम इतिहास में कभी खिताब न जीत पाने वाले सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों में शुमार किए जाने वाले निशिकोरी ने 2014 के यूएस ओपन के फाइनल तक का सफर तय किया था। उस यादगार टूर्नामेंट में उन्होंने स्टैन वावरिंका और तत्कालीन विश्व नंबर एक नोवाक जोकोविच को पराजित कर फाइनल में जगह बनाई थी। इसके अतिरिक्त रियो ओलंपिक 2016 में उन्होंने दिग्गज राफेल नडाल को हराकर पुरुष एकल का कांस्य पदक हासिल किया था। हालांकि 19 साल के इस लंबे करियर में बार-बार उभरने वाली चोटों ने उन्हें निरंतर परेशान रखा। आंकड़ों की बात करें तो निर्णायक सेटों में उनका जीत का प्रतिशत 72.5 रहा, जो एटीपी टूर के पूरे इतिहास में ब्योर्न बोर्ग (73.4%) और जॉन मैकेनरो (72.8%) के बाद तीसरा सबसे बेहतरीन रिकॉर्ड है।



















