आगरा सिर्फ ऐतिहासिक इमारतों के लिए ही नहीं, बल्कि अपने प्राकृतिक नजारों के लिए भी सैलानियों को लुभाता है। उत्तर प्रदेश के इस शहर को यूं ही पर्यटन नगरी नहीं कहा जाता। हर दिन हजारों देशी और विदेशी पर्यटक यहां पहुंचते हैं और ताजमहल, आगरा किला तथा फतेहपुर सीकरी जैसी इमारतों का दीदार करते हैं। लेकिन अगर आप गर्मी के मौसम में आगरा आ रहे हैं और पथरीली इमारतों के साथ कुछ हरा-भरा और शांत भी देखना चाहते हैं, तो किठम झील आपकी लिस्ट में जरूर होनी चाहिए।
चारों तरफ फैली हरियाली और बड़े-बड़े पेड़ों के बीच यहां का माहौल इतना शांत है कि शहर का शोर पीछे छूट जाता है और मन को असली सुकून मिलता है। झील के किनारे कई तरह के खूबसूरत पक्षी भी नजर आते हैं, जो इस जगह की रौनक बढ़ा देते हैं। कभी यहां की झील में नौका विहार भी होता था, लेकिन कुछ समय से इसे बंद कर दिया गया है। इसके बावजूद पिकनिक और घूमने-फिरने के लिहाज से यह जगह आज भी सबसे पसंदीदा मानी जाती है।
बच्चों के लिए खास चिल्ड्रन पार्क
किठम झील आगरा के सिकंदरा से कुछ किलोमीटर दूर मथुरा की दिशा में रुनकता इलाके में बनी हुई है। इसका पूरा नाम सूर सरोवर पक्षी विहार किठम झील है। यहां घूमने के लिए महज 30 रुपये की टिकट लेनी पड़ती है, जिसके बाद आप आराम से पूरे इलाके का आनंद ले सकते हैं। परिवार और दोस्तों के साथ पिकनिक मनाने के लिए यह जगह काफी मशहूर है। शहर की भागदौड़ और ध्वनि प्रदूषण से दूर यह पूरा क्षेत्र बेहद शांत है और पक्षियों की चहचहाहट इसे और भी मनमोहक बना देती है।
झील में दाखिल होते ही बाईं तरफ बच्चों के खेलने के लिए एक शानदार चिल्ड्रन पार्क बना है, जहां बच्चे जी भरकर खेल-कूद सकते हैं। गर्मियों में यह जगह इसलिए भी सुहावनी लगती है क्योंकि यहां लगे बड़े पेड़ धूप को रोक लेते हैं और ठंडी हवा का अहसास बना रहता है। यही वजह है कि आगरा के कई स्कूल अपने टूर के लिए बच्चों को यहां लेकर आते हैं और बच्चे यहां खूब मस्ती करते हैं।
दूर-दूर से लोग आते हैं इस विशाल झील को देखने
रुनकता इलाके में मौजूद किठम झील एक बहुत बड़ी झील है, जिसे देखने के लिए लोग दूर-दूर से पहुंचते हैं। पहले पर्यटक यहां आकर नौका विहार का मजा लेते थे, लेकिन कुछ समय पहले वन विभाग ने बोटिंग पर रोक लगा दी। यह पूरा क्षेत्र वन विभाग के अधीन आता है। सर्दियों के सुहाने मौसम में यहां विदेशी पक्षियों का जमावड़ा देखने लायक होता है। अफ्रीका और एशिया समेत कई देशों से उड़कर आने वाले रंग-बिरंगे परिंदे झील की खूबसूरती में चार चांद लगा देते हैं। इस दौरान सैकड़ों लोग इस नजारे को अपनी आंखों में कैद करने यहां आते हैं।













