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अरावली के घने जंगलों में जीप सफारी: माउंट आबू में तेंदुआ, भालू और 250 से ज्यादा पक्षियों को देखने का मौकायात्रा
5 जुल॰ 2026, 6:13 am (24 दिन पहले)· 3

अरावली के घने जंगलों में जीप सफारी: माउंट आबू में तेंदुआ, भालू और 250 से ज्यादा पक्षियों को देखने का मौका

माउंट आबू की जंगल सफारी में तेंदुआ, स्लॉथ बेयर और 250 से ज्यादा पक्षी प्रजातियां देखने का मौका मिलता है, जानिए सफारी का सही समय और जरूरी जानकारी.

राजस्थान का इकलौता हिल स्टेशन माउंट आबू सिर्फ नक्की झील, अरावली की हरी-भरी वादियों और खूबसूरत पर्यटक स्थलों के लिए ही नहीं जाना जाता, बल्कि यहां खुली जीप में बैठकर घने जंगलों के बीच वन्यजीवों को उनके प्राकृतिक ठिकाने में बेहद नजदीक से निहारने का रोमांच भी पर्यटकों को बड़ी संख्या में खींच लाता है। अगर आप इस बार गर्मी या सर्दी की छुट्टियों में माउंट आबू घूमने का प्लान बना रहे हैं और वहां की मशहूर जंगल सफारी का लुत्फ उठाना चाहते हैं, तो यहां आपके लिए वह सारी जरूरी और काम की जानकारी दी जा रही है, जो आपकी इस ट्रिप को पूरी तरह यादगार बना सकती है।

288 वर्ग किलोमीटर में फैला है यह वन्य साम्राज्य

माउंट आबू के स्थानीय वाइल्डलाइफ और एडवेंचर गाइड चिंटू यादव के मुताबिक, माउंट आबू वन्यजीव अभ्यारण्य करीब 288 वर्ग किलोमीटर के बेहद विशाल वन क्षेत्र में फैला हुआ है और यह अनगिनत दुर्लभ वन्यजीवों का प्राकृतिक बसेरा है। यहां पहुंचने वाले पर्यटक जंगल ट्रेकिंग या खुली जीप सफारी के जरिए इन जानवरों को उनके प्राकृतिक आवास में बिना किसी रोक-टोक के विचरते हुए बेहद करीब से देख सकते हैं। इस घने जंगल का एक दिलचस्प ऐतिहासिक पहलू भी है। कई दशक पहले इसी जंगल में एशियाई शेर भी दहाड़ा करते थे। इतिहास बताता है कि इस अभ्यारण्य में शेर आखिरी बार साल 1870 में देखा गया था, जबकि बंगाल टाइगर आखिरी बार साल 1970 में यहां नजर आया था।

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तेंदुआ, भालू से लेकर 250 से ज्यादा पक्षी प्रजातियों तक

वक्त बदलने के साथ यह खूबसूरत वन क्षेत्र अब मुख्य तौर पर भारतीय तेंदुए यानी लैपर्ड और स्लॉथ बेयर यानी सुस्त भालू का सबसे बड़ा गढ़ माना जाता है। इसके अलावा सफारी के दौरान पर्यटकों को सांभर, जंगली सूअर, नीलगाय, बारहसिंगा, चिंकारा, पैंगोलिन और ग्रे लंगूर जैसे कई वन्यजीव आसानी से देखने को मिल जाते हैं। पक्षी प्रेमियों के लिए तो यह जगह किसी जन्नत से कम नहीं है, क्योंकि यहां पक्षियों की करीब 250 से भी ज्यादा अद्भुत प्रजातियां पाई जाती हैं। इनमें बेहद दुर्लभ मानी जाने वाली ग्रीन अवदावत, जिसे ग्रीन मुनिया भी कहा जाता है, और अनोखा जंगली मुर्गा खास तौर पर शामिल हैं। इसी वन क्षेत्र में बना ट्रेवर्स टैंक मगरमच्छों के सबसे बड़े प्राकृतिक ठिकाने के तौर पर जाना जाता है।

कब और कैसे करें बेहतरीन जंगल सफारी

माउंट आबू के सेंचुरी एरिया में जंगल सफारी करने और वन्यजीवों को करीब से देखने के लिए सुबह और देर शाम का वक्त सबसे मुफीद माना जाता है, क्योंकि इसी दौरान ज्यादातर वन्यजीव पानी की तलाश में या शिकार के लिए अपने ठिकानों से बाहर निकलते हैं। करीब 2 से 3 घंटे तक चलने वाली यह रोमांचक जीप सफारी आपको प्रकृति के बेहद करीब ले जाती है। सुबह 9 बजे से शाम 5.30 बजे के बीच वन विभाग की ओर से तय की गई फॉरेस्ट फीस चुकाकर आसानी से जंगल क्षेत्र में प्रवेश किया जा सकता है। पर्यटन के लिहाज से अक्टूबर से मार्च तक चलने वाला सर्दियों का मौसम और मार्च से जून तक का गर्मियों का मौसम वन्यजीवों को देखने के लिए सबसे बेहतर माना जाता है। गर्मियों में जब जंगल के छोटे-छोटे जलस्रोत सूख जाते हैं, तब मुख्य जलाशयों के आसपास वन्यजीवों और उनके छोटे शावकों को आसानी से पानी पीते हुए देखा जा सकता है। सुरक्षा के लिहाज से जंगल सफारी के दौरान साथ में एक अधिकृत वनकर्मी या मान्यता प्राप्त वाइल्डलाइफ गाइड का होना जरूरी है, ताकि वे रास्तों की सटीक जानकारी देने के साथ-साथ आपकी पूरी सुरक्षा का भी ध्यान रख सकें।

सवाल-जवाब

माउंट आबू वन्यजीव अभ्यारण्य कितने क्षेत्र में फैला है?
यह अभ्यारण्य करीब 288 वर्ग किलोमीटर के विशाल वन क्षेत्र में फैला हुआ है.
माउंट आबू में जंगल सफारी के दौरान कौन-कौन से जानवर दिख सकते हैं?
यहां भारतीय तेंदुआ, स्लॉथ बेयर, सांभर, जंगली सूअर, नीलगाय, बारहसिंगा, चिंकारा, पैंगोलिन और ग्रे लंगूर जैसे वन्यजीव देखने को मिलते हैं.
क्या माउंट आबू में शेर या बाघ अभी भी पाए जाते हैं?
नहीं, इस अभ्यारण्य में शेर आखिरी बार साल 1870 में और बंगाल टाइगर आखिरी बार साल 1970 में देखा गया था.
माउंट आबू में जंगल सफारी का सबसे सही समय क्या है?
सुबह और देर शाम का समय सफारी और वन्यजीव देखने के लिए सबसे मुफीद माना जाता है, क्योंकि इसी दौरान जानवर पानी या शिकार की तलाश में बाहर निकलते हैं.
जंगल सफारी में प्रवेश का समय और शुल्क कैसा है?
सुबह 9 बजे से शाम 5.30 बजे तक वन विभाग की तय फॉरेस्ट फीस चुकाकर प्रवेश किया जा सकता है.
माउंट आबू घूमने के लिए सबसे अच्छा मौसम कौन सा है?
अक्टूबर से मार्च तक का सर्दियों का मौसम और मार्च से जून तक का गर्मियों का मौसम वन्यजीव देखने के लिए सबसे बेहतर माना जाता है.
क्या जंगल सफारी में अकेले जाना सुरक्षित है?
नहीं, सुरक्षा के लिहाज से साथ में एक अधिकृत वनकर्मी या मान्यता प्राप्त वाइल्डलाइफ गाइड का होना जरूरी है.
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