बिहार की राजधानी पटना में हुए एक सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे द्वारा देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पिता को लेकर दिए गए बयान पर देशभर में सियासी घमासान छिड़ गया है। इस विवादित टिप्पणी के बाद कराए गए एक नए टेलीफोनिक जनमत सर्वेक्षण ने राजनीतिक गलियारों में हलचल और तेज कर दी है। मैट्राइज़ न्यूज कम्युनिकेशंस द्वारा पांच हजार लोगों को शामिल कर किए गए इस सर्वे से सामने आया है कि देश की बड़ी आबादी इस प्रकार की बयानबाजी से बेहद नाराज है और इसे अनुचित मानती है।
सर्वे के चौंकाने वाले आंकड़े और जनता की राय
बीते पच्चीस से सत्ताईस अक्टूबर के दौरान किए गए इस सर्वे के आंकड़े बताते हैं कि करीब सड़सठ प्रतिशत लोगों का यह मानना है कि देश के सर्वोच्च पद पर बैठे प्रधानमंत्री के दिवंगत पिता को राजनीतिक बहसों में घसीटना और उनके खिलाफ अभद्र टिप्पणी करना पद की गरिमा को भारी नुकसान पहुंचाता है। इसके अलावा सर्वे में शामिल बहत्तर प्रतिशत उत्तरदाताओं ने दो टूक शब्दों में कहा कि यह बयान भारतीय जीवन मूल्यों और सनातन संस्कृति के एकदम विपरीत है, जहां हमेशा से मृत पूर्वजों और बड़े बुजुर्गों के प्रति सर्वोच्च सम्मान का भाव रखने की परंपरा रही है। वहीं, चौवन प्रतिशत लोगों ने इस तीखे और व्यक्तिगत हमले के पीछे कांग्रेस पार्टी की वैचारिक कमजोरी और चुनावी हार से उपजी निराशा को मुख्य वजह बताया है।
भाजपा नेताओं का आक्रामक रुख और विरोध प्रदर्शन
महाराष्ट्र भाजपा महिला प्रदेशाध्यक्ष चित्रा किशोर वाघ ने मैट्राइज़ सर्वे के इन्हीं आंकड़ों का हवाला देते हुए कांग्रेस पार्टी पर करारा हमला बोला और कहा कि यह बयान न केवल प्रधानमंत्री पद बल्कि पूरे देश के सम्मान के खिलाफ है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि राजनीतिक नीतियों या फैसलों पर वैचारिक विरोध जताने के बजाय व्यक्तिगत और पारिवारिक स्तर पर हमले करना कांग्रेस नेताओं की हताशा को साफ उजागर करता है और देश की एक सौ चालीस करोड़ जनता इसे कभी सहन नहीं करेगी। इस पूरे घटनाक्रम के बाद से भारतीय जनता पार्टी ने आक्रामक तेवर अपनाते हुए मुख्य विपक्षी दल और उसके शीर्ष नेतृत्व के खिलाफ देशव्यापी आंदोलन छेड़ दिया है।
राजधानी नई दिल्ली में भाजपा कार्यकर्ताओं ने आक्रामक रुख अपनाते हुए मल्लिकार्जुन खरगे के आवास की तरफ मार्च निकाला और कांग्रेस पार्टी से सार्वजनिक रूप से देश की जनता से माफी मांगने की पुरजोर मांग उठाई। उधर बिहार की राजधानी पटना में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी की अगुवाई में पार्टी कार्यकर्ताओं ने सड़कों पर उतरकर तीव्र जन आक्रोश मार्च निकाला और खरगे का पुतला फूंककर अपना कड़ा विरोध दर्ज कराया।
विभिन्न शहरों में आक्रोश और निंदा का दौर
पार्टी नेताओं का यह भी कहना है कि बिहार के महान निर्माता श्रीकृष्ण सिंह की जयंती के पावन मंच का इस तरह राजनीतिक स्वार्थ के लिए इस्तेमाल करना और देश के प्रधानमंत्री के पिता पर ओछी टिप्पणी करना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण एवं निंदनीय है। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से लेकर महाराष्ट्र की आर्थिक राजधानी मुंबई तक भारतीय जनता पार्टी ने इस पूरे प्रकरण को देश के एक सौ चालीस करोड़ नागरिकों की भावनाओं पर सीधा आघात करार दिया है और आने वाले दिनों में इसके खिलाफ विरोध प्रदर्शनों को और अधिक तेज करने का ऐलान किया है।























