मूलांक 9 राशिफल 12 सितंबर 2026: मंगल की ऊर्जा को सकारात्मक कार्यों में लगाएं, विवाद से दूर रहेंअमृत भारत योजना से बदल रही सुल्तानपुर रेलवे स्टेशन की सूरत, ₹36.85 करोड़ की लागत से मिलेंगी वर्ल्ड क्लास सुविधाएंखाटूश्यामजी मंदिर जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए अलर्ट, विशेष पूजा के कारण करीब 19 घंटे बंद रहेंगे बाबा के कपाटजमशेदपुर के बारीडीह में कोयले की आंच पर तैयार तंदूरी चिकन का बढ़ा क्रेज, बारह सालों से मनोज जी का स्टॉल बना पसंदीदा ठिकानामानसून में सूअरों को जानलेवा क्लासिकल स्वाइन फीवर से बचाने के लिए डॉक्टर राम ओत्तलवार ने दिए जरूरी सुरक्षा टिप्सबीकानेर के सती माता मंदिर में अनोखा शृंगार, फूलों की जगह 50 लाख रुपये के असली नोटों से सजाया गया दरबारकोटपूतली के विराटनगर संस्कृत स्कूल में छात्रों की बर्बर पिटाई पर भारी बवाल शिक्षक को हटाने की मांगजयपुर वार्ड 62 में दोबारा मतदान की तैयारी, सांगानेर के बूथ पर विलोपित सूची वाले 110 लोगों ने डाला था वोटकाला सोना की खेती: पलामू के किसान ओंकारनाथ ने पारंपरिक खेती छोड़ अपनाया औषधीय काला धान, कमा रहे रिकॉर्ड मुनाफाबाढ़ की विभीषिका के बीच गाजीपुर के पकड़ी गांव में भारी बिजली कटौती, अंधेरे में सांपों के डर से परेशान हुए ग्रामीण
हिमाचल और उत्तराखंड के 4 बेहद किफायती हिल स्टेशन, कम खर्च में उठाएं कुदरती वादियों का लुत्फयात्रा
8 अग॰ 2026, 5:40 pm (35 दिन पहले)· 1

हिमाचल और उत्तराखंड के 4 बेहद किफायती हिल स्टेशन, कम खर्च में उठाएं कुदरती वादियों का लुत्फ

भागदौड़ भरी जिंदगी से राहत पाने के लिए पहाड़ों की सैर करना अब महंगा नहीं रहेगा। कम खर्च में हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के खूबसूरत पहाड़ी इलाकों की यात्रा की जा सकती है।

रोजमर्रा की व्यस्त दिनचर्या और तनावपूर्ण जिंदगी के बीच हर व्यक्ति कुछ समय प्रकृति के करीब बिताना चाहता है। शांत वादियों, ठंडी हवाओं और ऊंचे पहाड़ों के बीच वक्त गुजारने की चाहत कई लोगों की होती है, लेकिन अक्सर यात्रा में होने वाले भारी खर्च की वजह से लोग अपनी योजना टाल देते हैं। ज्यादातर पर्यटकों को लगता है कि पहाड़ी पर्यटन स्थलों की यात्रा जेब पर बहुत भारी पड़ती है। हालांकि, सही जगह का चुनाव करके बहुत कम बजट में भी खूबसूरत वादियों की सैर का आनंद लिया जा सकता है। भारत में ऐसे कई पर्यटन स्थल हैं, जहां रहने, खाने और घूमने का खर्च बेहद सीमित है।

कसोल में उठाएं पार्वती घाटी का आनंद

हिमाचल प्रदेश की शांत पार्वती घाटी में स्थित कसोल बैकपैकर्स और कम बजट में यात्रा करने वालों की पसंदीदा जगहों में से एक है। नदी के तट पर बसा यह छोटा सा गांव मनमोहक पहाड़ी दृश्यों और सुहावने मौसम के लिए जाना जाता है। यहां आने वाले पर्यटकों को खास इजरायली व्यंजनों का स्वाद चखने का अवसर भी मिलता है। दिल्ली और चंडीगढ़ से कसोल के लिए नियमित सीधी बस सेवाएं उपलब्ध रहती हैं। बजट यात्रियों के लिए यहां 400 से 800 रुपये में आरामदायक हॉस्टल या होमस्टे की सुविधा आसानी से मिल जाती है। अपनी यात्रा के दौरान पर्यटक मणिकर्ण साहिब, खीरगंगा ट्रेक और तोष गांव जैसे खूबसूरत स्थानों को भी एक्सप्लोर कर सकते हैं।

ये भी पढ़ें

मैक्लॉडगंज और धर्मकोट की तिब्बती संस्कृति

हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले में धौलाधार पहाड़ियों की तलहटी में स्थित मैक्लॉडगंज और उससे सटा धर्मकोट अपनी प्राकृतिक छटा और तिब्बती सांस्कृतिक झलक के लिए प्रसिद्ध हैं। यह क्षेत्र उन लोगों के लिए बेहतरीन विकल्प है जो शांति और ट्रैकिंग का अनुभव चाहते हैं। स्थानीय भ्रमण के लिए पर्यटक साझा टैक्सियों या पैदल रास्तों का उपयोग करके अपना बजट नियंत्रित रख सकते हैं। यहां के कैफे में स्वादिष्ट और काफी किफायती भोजन उपलब्ध रहता है। यहां पहुंचने पर भागसूनाग झरना, नामग्याल मठ और प्रसिद्ध ट्रियुंड ट्रेक की सैर अवश्य करनी चाहिए।

लैंसडाउन में शांत और स्वच्छ वातावरण

उत्तराखंड के गढ़वाल क्षेत्र में बसा लैंसडाउन भीड़भाड़ से दूर एक शांत और बेहद बजट-फ्रेंडली हिल स्टेशन है। प्रसिद्ध गढ़वाल राइफल्स का सैन्य केंद्र होने के कारण इस जगह पर विशेष सफाई और शांति देखने को मिलती है। दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों के निवासियों के लिए यह एक शानदार वीकेंड ट्रिप विकल्प है। बस या ट्रेन द्वारा यहां तक की यात्रा काफी सस्ती रहती है। लैंसडाउन में टिप-इन-टॉप व्यू पॉइंट, भुल्ला ताल झील और संतोषी माता मंदिर प्रमुख दर्शनीय स्थल हैं।

चकराता में प्रकृति के बीच ऑफबीट अनुभव

उत्तराखंड की राजधानी देहरादून के नजदीक बसा चकराता एक अनोखा ऑफबीट पहाड़ी स्थान है। देहरादून से स्थानीय बसों या शेयरिंग कैब की मदद से बहुत कम खर्च में चकराता पहुंचा जा सकता है। इस स्थान पर रुकना और भोजन करना दोनों ही काफी पॉकेट-फ्रेंडली हैं। चारों तरफ फैले घने जंगलों से घिरा चकराता पर्यटकों को एक तरोताजा अनुभव देता है। यहां का मुख्य आकर्षण टाइगर फॉल और चीलमिरी नेक हैं, जहां घूमकर पर्यटक प्राकृतिक सौंदर्य को करीब से देख सकते हैं।

सवाल-जवाब

कसोल में ठहरने का अनुमानित खर्च कितना है?
कसोल में बजट यात्रियों के लिए 400 से 800 रुपये प्रति दिन के किराए में हॉस्टल और होमस्टे आसानी से मिल जाते हैं।
मैक्लॉडगंज और धर्मकोट में कौन-से मुख्य आकर्षण हैं?
यहां भागसूनाग झरना, नामग्याल मठ और प्रसिद्ध ट्रियुंड ट्रेक मुख्य आकर्षण हैं।
लैंसडाउन पहुंचने के लिए सबसे सस्ते साधन कौन-से हैं?
लैंसडाउन पहुंचने के लिए बस और ट्रेन यात्रा सबसे सस्ती और सुविधाजनक मानी जाती है।
देहरादून से चकराता कैसे पहुंचा जा सकता है?
देहरादून से स्थानीय बसों या शेयरिंग कैब की मदद से बहुत कम खर्च में चकराता पहुंचा जा सकता है।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR