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जंगल का असली बाहुबली है यह जीव, जिससे बाघ भी बनाकर रखता है दूरी, वाल्मीकि टाइगर रिज़र्व में दिखा झुंडयात्रा
24 जून 2026, 3:12 pm (46 दिन पहले)· 3

जंगल का असली बाहुबली है यह जीव, जिससे बाघ भी बनाकर रखता है दूरी, वाल्मीकि टाइगर रिज़र्व में दिखा झुंड

वाल्मीकि टाइगर रिज़र्व की सफारी के दौरान पर्यटकों ने गौर यानी इंडियन बाइसन का झुंड देखा, जिसका वजन 1500 किलो तक और ऊंचाई 7 फीट तक होती है। इतना ताकतवर कि बाघ भी इससे दूरी बनाकर रखता है।

बिहार के पश्चिम चम्पारण में बसा वाल्मीकि टाइगर रिज़र्व इन दिनों वन्य जीव प्रेमियों के लिए किसी जादुई ठिकाने से कम नहीं है। भीषण गर्मी भी पर्यटकों के जोश को कम नहीं कर पा रही, और हर दिन सैकड़ों लोग जंगल सफारी और कुदरत की खूबसूरती का नज़ारा लेने यहां पहुंच रहे हैं। सबसे खास बात यह है कि सफारी के दौरान लोगों को वन्य जीवों को एकदम करीब से देखने का मौका मिल रहा है, जो पूरे टूर को यादगार बना देता है। हाल ही में आरा और मुजफ्फरपुर से वाल्मीकिनगर रेंज पहुंचे पर्यटकों को गौर का दीदार हुआ, जिसे इंडियन बाइसन भी कहा जाता है।

पर्यटकों के साथ मौजूद नेचर गाइड राजीव आर्या बताते हैं कि गौर असल में गाय की ही एक प्रजाति है, जो ज़्यादातर घने जंगलों में रहती है। इसका शरीर बेहद मस्क्युलर और बनावट शानदार होती है। यह जीव 7 फीट तक ऊंचा और 1000 से 1500 किलो तक वजनी होता है, इसलिए पर्यटकों की नज़र इस पर पड़ते ही ठहर जाती है। सफारी में इसे सामने देखना अपने आप में अनोखा अनुभव बन जाता है।

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ताकत ऐसी कि मिनी वैन तक पलट दे

आमतौर पर 5 से 10 के झुंड में रहने वाला गौर इतना दमदार होता है कि सामना होने पर यह मिनी पिकअप वैन तक को आसानी से उठाकर पटक सकता है। इसकी एक और दिलचस्प पहचान है इसके पैर, जो घुटनों तक सफेद होते हैं और देखने में ऐसे लगते हैं मानो किसी ने मोज़े पहन रखे हों। यही वजह है कि इसे 'सफेदा' के नाम से भी पुकारा जाता है।

गौर के बारे में सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि सुरक्षा के लिहाज़ से जंगल का राजा कहा जाने वाला बाघ भी इससे दूरी बनाकर रखता है। यानी जिस जानवर के नाम से बाकी जीव कांपते हैं, वही गौर के सामने आने से बचता है।

इन रेंजों में आसानी से दिख जाते हैं

राजीव आर्या के मुताबिक, वाल्मीकि टाइगर रिज़र्व की वाल्मीकिनगर, गनौली, गोवर्धना और मांगुराहा रेंज में गौर खूब नज़र आते हैं। खासकर बरसात के मौसम में या उसके आसपास ये झुंड में चरते हुए आसानी से दिख जाते हैं। आरा और मुजफ्फरपुर से पहुंचे पर्यटक भी उन्हीं खुशकिस्मत लोगों में शामिल रहे, जिन्हें यह दुर्लभ नज़ारा देखने को मिला।

सवाल-जवाब

गौर क्या होता है?
गौर गाय की ही एक प्रजाति है, जिसे इंडियन बाइसन भी कहा जाता है और जो मुख्य रूप से घने जंगलों में रहती है।
गौर का वजन और ऊंचाई कितनी होती है?
यह जीव 7 फीट तक ऊंचा और 1000 से 1500 किलो तक वजनी होता है।
गौर को 'सफेदा' क्यों कहा जाता है?
इसके पैर घुटनों तक सफेद होते हैं और देखने में मोज़े जैसे लगते हैं, इसी वजह से इसे 'सफेदा' भी कहते हैं।
क्या बाघ भी गौर से डरता है?
सुरक्षा के लिहाज़ से जंगल का राजा कहा जाने वाला बाघ भी गौर से दूरी बनाकर रखता है।
वाल्मीकि टाइगर रिज़र्व की किन रेंजों में गौर दिखते हैं?
वाल्मीकिनगर, गनौली, गोवर्धना और मांगुराहा रेंज में गौर खूब नज़र आते हैं, खासकर बरसात के मौसम में या उसके आसपास।
हाल ही में गौर किसने देखा?
आरा और मुजफ्फरपुर से वाल्मीकिनगर रेंज पहुंचे पर्यटकों को सफारी के दौरान गौर का झुंड देखने को मिला।
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