घूमने-फिरने का शौक रखने वाले बहुत से लोग अक्सर सीमित बजट की वजह से अपनी यात्रा टाल देते हैं। कई लोगों को लगता है कि किसी नई जगह जाने के लिए हवाई टिकट और महंगे होटलों पर भारी भरकम रकम खर्च करनी पड़ती है, जबकि सच्चाई इसके बिल्कुल उलट है। अगर समझदारी से योजना बनाई जाए, तो देश की राजधानी दिल्ली से ऐसी कई शानदार जगहें हैं जहां बेहद कम खर्च में सुकून भरी छुट्टियां बिताई जा सकती हैं। इसके लिए बस या ट्रेन जैसे सार्वजनिक परिवहन के साधनों का उपयोग करना होता है और ठहरने के लिए बजट होटल या हॉस्टल चुनने पड़ते हैं। यदि आपके पास प्रति व्यक्ति 10 हजार रुपये तक का बजट है, तो आप उत्तराखंड की वादियों से लेकर राजस्थान के ऐतिहासिक महलों और पंजाब के सांस्कृतिक स्थलों तक आसानी से घूम सकते हैं।
ऋषिकेश: गंगा तट पर सुकून और रोमांच का अनूठा संगम
अगर आप दिल्ली की भागदौड़ भरी जिंदगी से दूर पहाड़ों की शांत आबोहवा में कुछ दिन बिताना चाहते हैं, तो उत्तराखंड का ऋषिकेश आपके लिए सबसे मुफीद ठिकाना हो सकता है। यह शहर गंगा नदी के किनारे बसा हुआ है और यहां का माहौल मन को गहरी शांति देता है। ऋषिकेश की यात्रा पर जाने वाले लोग सुबह के वक्त शांत घाटों पर बैठकर समय बिता सकते हैं और शाम को प्रसिद्ध गंगा आरती में शामिल होकर एक आध्यात्मिक अनुभव हासिल कर सकते हैं। इसके अलावा यहां के लोकप्रिय स्थानीय कैफे में बैठकर नदी का नजारा देखना भी पर्यटकों को काफी भाता है। जो लोग साहसिक गतिविधियों के शौकीन हैं, उनके लिए यहां रिवर राफ्टिंग का बेहतरीन विकल्प मौजूद है।
दिल्ली से ऋषिकेश जाने के लिए यात्री ट्रेन अथवा बस का सहारा लेकर पहले हरिद्वार पहुंच सकते हैं और वहां से आगे ऋषिकेश का रास्ता तय कर सकते हैं। अगर आप ठहरने के लिए बजट हॉस्टल या डॉर्मिटरी का चुनाव करते हैं और सामान्य भोजन करते हैं, तो दो से तीन दिनों का यह ट्रिप लगभग 5 से 8 हजार रुपये में बेहद आसानी से पूरा हो जाता है।
जयपुर: गुलाबी शहर में इतिहास, स्थापत्य और रंग-बिरंगी संस्कृति
ऐतिहासिक इमारतों, राजसी महलों और समृद्ध सांस्कृतिक विरासत में रुचि रखने वाले पर्यटकों के लिए राजस्थान की राजधानी जयपुर एक आदर्श विकल्प है। दिल्ली से जयपुर की कनेक्टिविटी काफी बेहतर है, जिससे यहां पहुंचना बेहद आसान हो जाता है। जयपुर में पर्यटक हवा महल की अनूठी स्थापत्य कला देख सकते हैं, आमेर किला की भव्यता का दीदार कर सकते हैं, सिटी पैलेस का वैभव निहार सकते हैं और खगोलीय गणनाओं के लिए मशहूर जंतर-मंतर का भ्रमण कर सकते हैं।
इतिहास के पन्नों को टटोलने के साथ-साथ इस शहर के पारंपरिक बाजारों में खरीदारी करना भी अपने आप में एक अलग अहसास है। यहां के बाजारों से पर्यटक पारंपरिक राजस्थानी कपड़े, हस्तनिर्मित जूतियां और खूबसूरत हैंडीक्राफ्ट खरीद सकते हैं। दिल्ली से ट्रेन अथवा सरकारी और निजी बसों के जरिए जयपुर पहुंचा जा सकता है। शहर के भीतर घूमने के लिए सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करने और सस्ते होटल में ठहरने पर दो से तीन दिनों की यह यात्रा करीब 7 से 9 हजार रुपये के भीतर पूरी हो सकती है।
आगरा: ताज की नगरी में एक या दो दिन का मुफीद प्रवास
जिन लोगों के पास लंबी छुट्टियों का समय नहीं होता और वे केवल एक या दो दिन का वक्त निकाल सकते हैं, उनके लिए उत्तर प्रदेश का आगरा शहर सबसे उत्तम स्थान है। आगरा का मुख्य आकर्षण प्रेम का प्रतीक ताजमहल है, जिसके अद्वितीय संगमरमरी हुस्न को देखने के लिए पूरी दुनिया से सैलानी खिंचे चले आते हैं। ताज के अतिरिक्त पर्यटक मुगलकालीन वास्तुकला की मिसाल आगरा किला और यमुना पार स्थित मेहताब बाग को भी अपनी भ्रमण सूची में शामिल कर सकते हैं, जहां से ताजमहल का एक अलग ही मनमोहक नजारा दिखता है।
दिल्ली से आगरा जाने के लिए कई सुपरफास्ट और एक्सप्रेस ट्रेनें उपलब्ध हैं, जो बेहद कम समय में पहुंचा देती हैं। एक रात के ठहराव के साथ पर्यटक आराम से सभी मुख्य पर्यटन स्थल देख सकते हैं। आने-जाने का ट्रेन किराया, बजट होटल का कमरा, भोजन और स्मारकों के प्रवेश टिकट मिलाकर इस पूरी यात्रा पर लगभग 4 से 7 हजार रुपये का खर्च आता है।
पुष्कर: पवित्र झील, ब्रह्मा मंदिर और शांत मरुस्थलीय फिजा
राजस्थान का धार्मिक और शांत शहर पुष्कर उन लोगों के लिए मुफीद है जो सुकून और आध्यात्मिकता की तलाश में रहते हैं। पुष्कर मुख्य रूप से अपनी पवित्र पुष्कर झील, अनेक घाटों और जगतपिता ब्रह्मा मंदिर के लिए पूरी दुनिया में विख्यात है। सुबह और शाम के समय झील के पावन घाटों पर टहलना और सीढ़ियों पर बैठकर घंटियों की गूंज सुनना एक अनोखा अहसास देता है।
शहर के छोटे और संकरे बाजारों में राजस्थानी हस्तशिल्प, चमड़े के उत्पाद, स्मृति चिन्ह और पारंपरिक वस्त्र प्रचुर मात्रा में मिलते हैं। इसके अलावा यहां के कैफे में बैठकर स्थानीय पकवानों और व्यंजनों का स्वाद चखना भी पर्यटकों के सफर को यादगार बनाता है। दिल्ली से पुष्कर जाने के लिए सबसे पहले ट्रेन से अजमेर पहुंचा जा सकता है, जिसके बाद वहां से स्थानीय बस या साझा टैक्सी से पुष्कर का सफर तय किया जा सकता है। दो से तीन दिनों के इस सफर का कुल खर्च लगभग 6 से 9 हजार रुपये के आसपास बैठता है।
लैंसडाउन: भीड़भाड़ से दूर देवदार के वनों में प्रकृति का सानिध्य
अगर आप किसी ऐसे हिल स्टेशन की तलाश में हैं जो व्यावसायिक शोर-शराबे और सैलानियों की भारी भीड़ से मुक्त हो, तो उत्तराखंड का लैंसडाउन आपके लिए एकदम सही जगह है। यह छोटा और शांत छावनी शहर घने देवदार के जंगलों, घुमावदार पहाड़ी रास्तों और स्वच्छ प्राकृतिक दृश्यों के लिए पहचाना जाता है। यहां आकर पर्यटक भुल्ला ताल नामक खूबसूरत झील का आनंद ले सकते हैं, टिप-इन-टॉप पर जाकर बर्फ से ढकी हिमालयी चोटियों के नजारों को निहार सकते हैं और ब्रिटिश काल में निर्मित सेंट मेरी चर्च को देख सकते हैं।
दिल्ली से लैंसडाउन की यात्रा के लिए सबसे पहले ट्रेन या बस द्वारा कोटद्वार पहुंचा जाता है। कोटद्वार रेलवे स्टेशन या बस स्टैंड से आगे लैंसडाउन के लिए स्थानीय टैक्सियां आसानी से मिल जाती हैं। दो दिन की इस छोटी और शांत पहाड़ी यात्रा में साझा परिवहन और बजट होटल का चयन करके लगभग 4 से 7 हजार रुपये के खर्च में बेहतरीन अनुभव लिया जा सकता है।
अमृतसर: स्वर्ण मंदिर की आलौकिक शांति और लजीज पंजाबी जायका
धार्मिक आस्था, देशभक्ति के जज्बे और लजीज खानपान का अनोखा संगम देखना हो, तो पंजाब का अमृतसर शहर सबसे बेहतरीन पड़ाव है। अमृतसर में स्वर्ण मंदिर का आध्यात्मिक वातावरण और वहां की अपार शांति मन को पूरी तरह तृप्त कर देती है। इसके अलावा देश के स्वतंत्रता संग्राम की अमर गाथा समेटे जलियांवाला बाग और शाम के समय वाघा-अटारी बॉर्डर पर होने वाली जोशीली बीटिंग रिट्रीट सेरेमनी देखना हर भारतीय के लिए गर्व का क्षण होता है।
घूमने के साथ-साथ अमृतसर अपने बेमिसाल स्ट्रीट फूड के लिए भी जाना जाता है। यहां के प्रसिद्ध छोले-कुलचे, मक्खन से भरी गाढ़ी लस्सी, अमृतसरी नान और तरह-तरह के पारंपरिक पंजाबी पकवानों का स्वाद चखे बिना यात्रा अधूरी मानी जाती है। दिल्ली से अमृतसर के लिए कई ट्रेनें नियमित रूप से चलती हैं। दो दिन की इस यात्रा पर प्रति व्यक्ति लगभग 5 से 8 हजार रुपये का बजट एकदम पर्याप्त साबित होता है।
कम बजट में सफल यात्रा की जरूरी सावधानियां
10 हजार रुपये के तय बजट में सुखद यात्रा तभी संभव हो पाती है जब आप अपने खर्चों का सटीक पूर्व आकलन कर लें। यात्रा की तारीख से कुछ समय पहले ही ट्रेन या बस के टिकट बुक करा लें, ताकि अंतिम समय पर महंगा किराया न चुकाना पड़े। आलीशान होटलों के बजाय साफ-सुथरे बजट होटल, होमस्टे या हॉस्टल का रुख करें। स्थानीय दर्शनीय स्थलों पर जाने के लिए निजी कैब की जगह स्थानीय सरकारी बस, मेट्रो या साझा ऑटो रिक्शा का प्रयोग करें। इसके अलावा खरीदारी और एडवेंचर गतिविधियों के लिए पहले से ही एक निश्चित राशि अलग रख लें। यह बात ध्यान में रखनी जरूरी है कि यहां उल्लिखित सभी बजट अनुमानित हैं और वे मौसम, यात्रा की तारीख, होटल की श्रेणी तथा टिकट की मांग के अनुसार घट या बढ़ सकते हैं।



















