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खूंटी जाने वाली सड़क पर मॉनसून में उमड़ रही भीड़, झरने और हिरणों का मिलता है नज़ारायात्रा
3 जुल॰ 2026, 10:40 am (45 दिन पहले)· 1

खूंटी जाने वाली सड़क पर मॉनसून में उमड़ रही भीड़, झरने और हिरणों का मिलता है नज़ारा

रांची से खूंटी जाने वाला रास्ता मॉनसून में लॉन्ग ड्राइव, पंचघाघ वॉटरफॉल, हिरण पार्क और अंगराबारी शिव मंदिर की वजह से सैलानियों की पहली पसंद बन गया है.

रांची से खूंटी जाने वाली सड़क मॉनसून में किसी हिल स्टेशन जैसा नज़ारा पेश करती है, और यही वजह है कि लॉन्ग ड्राइव के शौकीन और पंचघाघ वॉटरफॉल देखने वाले सैलानी बड़ी संख्या में इस रूट पर पहुंच रहे हैं. खूंटी जिला घने जंगलों के बीच बसा है, इसलिए रांची से वहां तक जाने वाली सड़क एकदम चिकनी और खूबसूरत बनाई गई है. सफर के दौरान रास्ते भर घना जंगल, ऊंचे पहाड़ और हरे-भरे प्राकृतिक नज़ारे दिखते रहते हैं, जिस वजह से इसे लॉन्ग ड्राइव के लिए राज्य के सबसे बेहतरीन रास्तों में गिना जाता है.

घने जंगलों के बीच से गुजरता सफर

इस रोड पर कदम रखते ही सबसे पहले एक बेहद खूबसूरत सड़क आपका स्वागत करती है. चारों तरफ फैले घने जंगलों के कारण यहां हवा में एक अलग तरह की ठंडक महसूस होती है और मौसम पूरे रास्ते खुशनुमा व शीतल बना रहता है. इसी वजह से यह रूट सैलानियों को बार-बार अपनी ओर खींचता है.

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हिरण पार्क और बायोडायवर्सिटी पार्क में जंगली जानवरों का दीदार

इस सड़क पर आगे बढ़ते ही सबसे पहले हिरण पार्क मिलता है, जहां तालाब, झरने और अलग-अलग प्रजाति के हिरणों के साथ भालू भी नजदीक से देखने को मिलते हैं. बच्चों के लिए यह जगह सबसे पसंदीदा स्पॉट मानी जाती है. पार्क के भीतर कैंटीन और कैफेटेरिया की सुविधा है, जबकि बाहर एक से बढ़कर एक ढाबे कतार में लगे हैं, जहां देसी अंदाज में शाकाहारी से लेकर मांसाहारी खाने तक हर स्वाद मौजूद है. इसके अलावा इस रास्ते पर बायोडायवर्सिटी पार्क भी है, जो जंगली जानवरों को करीब से देखने का एक और मौका देता है.

पंचघाघ वॉटरफॉल में मिलता है प्राकृतिक स्विमिंग पूल जैसा अनुभव

हिरण पार्क से थोड़ा आगे बढ़ने पर पंचघाघ वॉटरफॉल का रास्ता मिलता है. यह झरना कुदरती तौर पर कुछ इस तरह बना है कि यहां आसानी से नहाया जा सकता है. पहली नजर में यह किसी स्विमिंग पूल जैसा ही दिखता है, इसलिए यहां डूबने का खतरा नहीं रहता. घने जंगलों के बीच बने इस प्राकृतिक स्विमिंग पूल में नहाने का लुत्फ उठाने के लिए लोग 100 किलोमीटर दूर से यहां खिंचे चले आते हैं.

अंगराबारी शिव मंदिर यानी आम्रेश्वर धाम में पूरी होती हैं मन्नतें

इस रास्ते पर आगे बढ़ने पर अंगराबारी शिव मंदिर आता है, जिसे आम्रेश्वर धाम के नाम से भी जाना जाता है. मान्यता है कि यहां एक बरगद के पेड़ के नीचे शिवलिंग खुद-ब-खुद प्रकट हुआ था और यहां मांगी गई हर मन्नत जरूर पूरी होती है. मंदिर परिसर में देवी मां का मंदिर भी है, जहां मन्नत मांगने के लिए लोग 200 किलोमीटर दूर से आते हैं. इसी वजह से इस रास्ते से गुजरने वाला हर श्रद्धालु यहां रुककर एक बार दर्शन जरूर करता है.

सवाल-जवाब

पंचघाघ वॉटरफॉल में नहाना कितना सुरक्षित है?
यह झरना प्राकृतिक रूप से स्विमिंग पूल जैसा बना है, इसलिए यहां डूबने का खतरा नहीं रहता और लोग आसानी से नहा सकते हैं.
हिरण पार्क में क्या-क्या देखने को मिलता है?
यहां तालाब, झरने, कई प्रजातियों के हिरण और भालू देखने को मिलते हैं, साथ ही अंदर कैंटीन-कैफेटेरिया और बाहर कई ढाबे भी हैं.
अंगराबारी शिव मंदिर की क्या मान्यता है?
मान्यता है कि यहां एक बरगद के पेड़ के नीचे शिवलिंग खुद-ब-खुद प्रकट हुआ था और यहां मांगी गई हर मन्नत पूरी होती है.
पंचघाघ वॉटरफॉल देखने लोग कितनी दूर से आते हैं?
यहां नहाने और घूमने के लिए लोग 100 किलोमीटर दूर से आते हैं.
अंगराबारी मंदिर में मन्नत मांगने कितनी दूर से लोग आते हैं?
मंदिर परिसर में मन्नत मांगने के लिए लोग 200 किलोमीटर दूर से आते हैं.
यह रास्ता लॉन्ग ड्राइव के लिए क्यों खास माना जाता है?
घने जंगलों, ऊंचे पहाड़ों और चिकनी सड़क की वजह से रांची-खूंटी रोड को लॉन्ग ड्राइव के लिए सबसे बेहतरीन रास्तों में गिना जाता है.
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