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माउंट आबू के अरावली वन्यजीव अभयारण्य में 12 किलोमीटर का पालनपुर पॉइंट ट्रेक पेश करता है अद्भुत विहंगम नजारेयात्रा
12 अग॰ 2026, 11:56 pm (31 दिन पहले)· 3

माउंट आबू के अरावली वन्यजीव अभयारण्य में 12 किलोमीटर का पालनपुर पॉइंट ट्रेक पेश करता है अद्भुत विहंगम नजारे

माउंट आबू वन्यजीव अभयारण्य के बीच 12 किलोमीटर लंबा पालनपुर पॉइंट ट्रेक मानसून में अरावली पहाड़ियों के खूबसूरत दृश्य, कोदरा डेम के झरने और वन्यजीव देखने का बेहतरीन मौका देता है।

अरावली पर्वतमाला की गोद में बसा राजस्थान का इकलौता हिल स्टेशन माउंट आबू बारिश के दिनों में बेहद खूबसूरत हो जाता है। मानसून के मौसम में यहां के प्राकृतिक दृश्य पर्यटकों को मंत्रमुग्ध कर देते हैं। अमूमन लोग माउंट आबू में केवल पारंपरिक और प्रसिद्ध पर्यटन स्थलों का ही रुख करते हैं, लेकिन एडवेंचर और ट्रेकिंग के शौकीनों के लिए यहां कई ऐसी गुप्त लोकेशन मौजूद हैं जो भीड़भाड़ से दूर सुकून भरा अनुभव देती हैं। इन्हीं में से एक बेहद खास स्थान है पालनपुर पॉइंट। माउंट आबू वन्यजीव अभयारण्य के बीच फैली यह प्राकृतिक पगडंडी लगभग 12 किलोमीटर लंबी है, जो घने जंगलों, पानी के झरनों और हरी भरी पहाड़ियों से होकर गुजरती है।

गौमुख मार्ग से शुरू होता है रोमांचक सफर

पालनपुर पॉइंट तक पहुंचने की यात्रा माउंट आबू के प्रसिद्ध गौमुख मार्ग से आरंभ होती है। ट्रेक की शुरुआत में रास्ता फिल्टर हाउस के पास से होकर गुजरता है। यहां से पहाड़ियों की ओर आगे बढ़ते हुए लगभग दो घंटे की निरंतर चढ़ाई पूरी करने के बाद पर्यटक अपर कोदरा डेम तक पहुंचते हैं। मानसून के दौरान जब अपर कोदरा डेम लबालब भरकर ओवरफ्लो होता है, तो उसका पानी एक भव्य झरने के रूप में नीचे गिरता है। यह दृश्य बेहद लुभावना लगता है और ट्रेकर्स की सारी थकान दूर कर देता है। बांध को पार करने के बाद पगडंडी घास के मैदानों और पथरीले रास्तों से होती हुई आगे बढ़ती है।

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360 डिग्री विहंगम दृश्य और अद्भुत प्राकृतिक नजारे

जब आप पथरीली चढ़ाई और घास के मैदानों को पार करते हुए पहाड़ी की सबसे ऊंची चोटी पालनपुर पॉइंट पर पहुंचते हैं, तो वहां से अरावली की पर्वत शृंखलाओं का 360 डिग्री नजारा दिखाई देता है। मानसून के दौरान यहां बादलों की आवाजाही इतनी पास से होती है कि लगता है जैसे आप बादलों के बीच खड़े हैं। पूरे ट्रेक के दौरान जगह जगह पहाड़ियों से बहते पानी के छोटे बड़े प्राकृतिक झरने दिखाई देते हैं। रास्ते में विशाल जामुन और आम के घने पेड़ फैले हुए हैं, जो इस प्राकृतिक रास्ते को और भी मनमोहक और छायादार बनाते हैं।

वन्यजीवों का आशियाना और सुरक्षा के उपाय

चूंकि यह पूरा ट्रेकिंग रूट माउंट आबू वाइल्डलाइफ सेंचुरी के संरक्षित क्षेत्र में आता है, इसलिए यहां प्रकृति के साथ साथ समृद्ध वन्यजीवों को देखने का अवसर भी मिलता है। स्थानीय ट्रेवल और एडवेंचर गाइड चिंटू यादव के अनुसार, इस नेचुरल ट्रेल पर ट्रेकिंग करते समय पर्यटकों को स्लॉथ बेयर, तेंदुआ और ग्रे लंगूर जैसे जंगली जानवर नजर आ सकते हैं। इसके अतिरिक्त, बर्ड वाचिंग के शौकीनों के लिए ग्रीन मुनिया जैसे दुर्लभ और खूबसूरत पक्षी देखने का अवसर भी मिलता है। हालांकि, खतरनाक वन्यजीवों की मौजूदगी को देखते हुए पर्यटकों को हमेशा उनसे सुरक्षित दूरी बनाकर रखनी चाहिए। सुरक्षा के लिहाज से वन विभाग द्वारा प्रशिक्षित गाइड को साथ लेकर ट्रेकिंग करना सबसे बेहतर और सुरक्षित माना जाता है।

पालनपुर पॉइंट का नामकरण और जरूरी सावधानियां

स्थानीय मान्यताओं के अनुसार, इस व्यू पॉइंट का नाम गुजरात के प्रसिद्ध शहर पालनपुर के नाम पर रखा गया है। माउंट आबू से जब गुजरात दिशा की ओर नीचे उतरते हैं, तो सबसे पहला बड़ा शहर पालनपुर ही दिखाई देता है। शायद इसी भौगोलिक स्थिति के कारण इस पहाड़ी बिंदु को पालनपुर पॉइंट कहा जाने लगा। लंबी और थका देने वाली ट्रेकिंग के बाद जब पर्यटक इस चोटी पर पहुंचते हैं, तो वहां की असीम शांति मन को तरोताजा कर देती है।

हालांकि, इस ट्रेक पर जाने वाले पर्यटकों के लिए कुछ बेहद जरूरी दिशा निर्देश भी हैं। ट्रेकिंग के लिए सुबह का समय सबसे उपयुक्त माना जाता है। चूंकि यह इलाका काफी सुनसान रहता है, इसलिए अकेले यात्रा करने से बचना चाहिए। रास्ता भटकने और जंगली जानवरों के जोखिम से बचने के लिए गाइड के निर्देशों का पूरी तरह पालन करना अनिवार्य है। इसके अलावा, अच्छी ग्रिप वाले मजबूत जूते, पीने का पर्याप्त पानी और आवश्यक सामान साथ रखना चाहिए। ध्यान रहे कि यह 12 किलोमीटर लंबा ट्रेक काफी चुनौतीपूर्ण है, इसलिए जिन लोगों को सांस लेने में समस्या है या चलने फिरने में कठिनाई होती है, उन्हें इस ट्रेक पर जाने से बचना चाहिए।

सवाल-जवाब

पालनपुर पॉइंट ट्रेक कितना लंबा है?
पालनपुर पॉइंट ट्रेक माउंट आबू वन्यजीव अभयारण्य में बनी लगभग 12 किलोमीटर लंबी एक प्राकृतिक ट्रेल है।
पालनपुर पॉइंट ट्रेक शुरू कहां से होता है?
यह ट्रेक माउंट आबू के गौमुख मार्ग से शुरू होता है और फिल्टर हाउस के पास से आगे बढ़ता है।
इस ट्रेक के दौरान कौन से वन्यजीव देखे जा सकते हैं?
ट्रेकिंग के दौरान स्लॉथ बेयर, तेंदुआ, ग्रे लंगूर और ग्रीन मुनिया जैसे दुर्लभ पक्षी दिखाई दे सकते हैं।
पालनपुर पॉइंट नाम कैसे पड़ा?
माउंट आबू से गुजरात दिशा में जाने पर सबसे पहला मुख्य शहर पालनपुर नजर आता है, जिसके नाम पर इस जगह का नाम रखा गया माना जाता है।
ट्रेकिंग के दौरान क्या सावधानियां रखनी चाहिए?
अकेले ट्रेक न करें, वन विभाग से प्रशिक्षित गाइड साथ रखें, अच्छी ग्रिप वाले जूते पहनें, पर्याप्त पानी साथ रखें और वन्यजीवों से सुरक्षित दूरी बनाएं।
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