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पहाड़ों के बीच शांत माहौल की तलाश में हैं तो रुख करें इन 5 खूबसूरत झीलों कायात्रा
19 सित॰ 2026, 2:55 pm (18 मिनट पहले)· 0

पहाड़ों के बीच शांत माहौल की तलाश में हैं तो रुख करें इन 5 खूबसूरत झीलों का

लद्दाख और कश्मीर की शांत वादियों में बसी ये पांच प्राकृतिक झीलें भीड़-भाड़ से दूर सुकून और खूबसूरत नजारों का बेहतरीन अनुभव कराती हैं।

देशभर में फैली प्राकृतिक झीलें अपने नीले पानी, आसपास खड़े विशाल पहाड़ों और लुभावने दृश्यों के कारण पर्यटकों को आकर्षित करती रही हैं। इनमें से कई जगहें बेहद लोकप्रिय पर्यटन केंद्रों में गिनी जाती हैं, जबकि कुछ स्थल ऐसे भी हैं जहां सैलानियों की आवाजाही तुलनात्मक रूप से काफी सीमित रहती है। अगर कोई यात्री रोजमर्रा के शोरगुल से दूर बिल्कुल शांत माहौल में कुदरत का सानिध्य चाहता है, तो लद्दाख और कश्मीर की इन पांच झीलों की यात्रा एक शानदार विकल्प बन सकती है।

लद्दाख के चांगथांग में बसी त्सो मोरीरी

लद्दाख के चांगथांग क्षेत्र में लगभग 4,000 मीटर की ऊंचाई पर त्सो मोरीरी स्थित है। चारों तरफ से गगनचुंबी पर्वतों से घिरी इस झील की पहचान इसका गहरा नीला पानी है। यह पूरा क्षेत्र त्सो मोरीरी वेटलैंड कंजर्वेशन रिज़र्व के अंतर्गत आता है, जिसके चलते यहां देश-विदेश से आने वाले प्रवासी पक्षियों सहित वन्यजीवों की कई प्रजातियों को आसानी से देखा जा सकता है। लेह प्रशासन के विवरण के मुताबिक, बेहद चर्चित पैंगोंग झील के मुकाबले इस जगह पर पर्यटकों का दबाव कम रहता है, जिससे यहां शांति और एकांत का अनूठा अनुभव मिलता है।

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रूपशु घाटी की सफेद पहचान त्सो कार

लद्दाख के ही रूपशु घाटी इलाके में त्सो कार झील मौजूद है, जो अपनी भौगोलिक बनावट के कारण एक अलग पहचान रखती है। स्थानीय तौर पर इसे सफेद झील यानी व्हाइट लेक के नाम से भी पुकारा जाता है। इस झील के आसपास खारे और मीठे पानी के जलाशयों के साथ दलदली जमीन का एक दुर्लभ इकोसिस्टम विकसित हुआ है। विभिन्न प्रकार के दुर्लभ पक्षियों की मौजूदगी की वजह से यह पूरा क्षेत्र पक्षी प्रेमियों और बर्ड वॉचर्स के लिए किसी जन्नत से कम नहीं माना जाता।

घास के मैदानों के बीच कश्मीर की विशनसर झील

कश्मीर के ऊंचे अल्पाइन क्षेत्र में स्थित विशनसर झील रोमांच और कुदरती खूबसूरती का अनूठा संगम पेश करती है। गर्मियों के मौसम में इस झील के आसपास का इलाका मखमली हरे घास के मैदानों और रंग-बिरंगे जंगली फूलों की चादर से ढक जाता है। विशाल चोटियों के मध्य इस झील का नीला और हरा आभा वाला पानी बेहद मनमोहक दिखाई देता है। इस झील तक पहुंचने का एकमात्र जरिया पैदल ट्रेकिंग है, यही वजह है कि सुगम रास्तों वाली आम पर्यटन जगहों के मुकाबले यहां का माहौल कहीं ज्यादा शांत और प्रदूषणमुक्त रहता है।

ग्लेशियर के पानी से पोषित गडसर झील

कश्मीर के दुर्गम पहाड़ी ट्रेकिंग रूट पर पड़ने वाली गडसर झील भी अपनी अप्रतिम छटा के लिए जानी जाती है। इस खूबसूरत झील को पानी सीधे पिघलते ग्लेशियरों और ऊंचे पहाड़ी झरनों से मिलता है। गर्मियों के महीनों में झील के किनारों पर कई तरह के दुर्लभ अल्पाइन फूल खिलते हैं, जो पूरे परिदृश्य को बेहद आकर्षक बना देते हैं। चूंकि यह जगह बेहद सुदूर इलाके में स्थित है और यहां पहुंचने के लिए कठिन ट्रेकिंग करनी पड़ती है, इसलिए यह रोमांचक और अलग तरह के सफर की तलाश करने वालों को खूब भाती है।

खामोश वादियों का नगीना येये त्सो

लद्दाख की कम पहचानी गई और शांत झीलों में येये त्सो का नाम भी शामिल है। यह झील अपने गहरे नीले पानी और आसपास फैले बंजर, सूखे पहाड़ों के बीच एक अद्भुत दृश्य विरोधाभास पेश करती है। भौगोलिक रूप से बेहद दूरदराज स्थित होने के कारण यहां आम पर्यटकों की भीड़ देखने को नहीं मिलती। जो लोग बिना किसी हलचल के कुदरत के बिल्कुल करीब वक्त बिताना चाहते हैं, उनके लिए यह झील एक आदर्श ठिकाना साबित होती है।

सवाल-जवाब

त्सो मोरीरी झील समुद्र तल से कितनी ऊंचाई पर स्थित है?
त्सो मोरीरी झील लद्दाख के चांगथांग इलाके में लगभग 4,000 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है।
त्सो कार झील को किस अन्य नाम से जाना जाता है?
त्सो कार झील को व्हाइट लेक यानी सफेद झील के नाम से भी जाना जाता है।
कश्मीर की विशनसर झील तक कैसे पहुंचा जा सकता है?
विशनसर झील तक पहुंचने के लिए कोई सड़क मार्ग नहीं है, वहां केवल पैदल ट्रेकिंग करके ही पहुंचा जा सकता है।
गडसर झील को पानी कहां से मिलता है?
गडसर झील प्राकृतिक रूप से पिघलते ग्लेशियरों और पहाड़ी झरनों के पानी से पोषित होती है।
पैंगोंग झील की तुलना में त्सो मोरीरी की क्या खासियत है?
लेह प्रशासन के अनुसार, पैंगोंग झील के मुकाबले त्सो मोरीरी अधिक शांत है और वहां पर्यटकों की भीड़ काफी कम रहती है।
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