यदि आप साल 2026 में विदेश यात्रा पर जाने का प्लान बना रहे हैं, तो फ्लाइट टिकट बुक करने से पहले वीज़ा और एंट्री से जुड़ी तमाम ज़रूरतों की जांच बेहद सावधानी से कर लें। दुनिया भर के कई देशों ने भारतीय पासपोर्ट धारकों के लिए अपनी वीज़ा प्रक्रियाओं में बड़े पैमाने पर बदलाव किए हैं। कई मामलों में पहले से चली आ रही सुविधाओं की जगह अब या तो पूरी तरह से ऑफलाइन आवेदन प्रक्रिया ने ले ली है या फिर ई-वीज़ा अनिवार्य कर दिया गया है। ऐसे में यात्रा की तैयारी करते समय पुरानी जानकारी वाले लेखों या सोशल मीडिया पोस्ट पर आंख मूंदकर भरोसा करना यात्रियों के लिए बड़ी मुश्किलें खड़ी कर सकता है। आइए विस्तार से जानते हैं कि किन देशों ने भारतीय यात्रियों के लिए अपने नियमों में संशोधन किया है।
लाओस और श्रीलंका के नियमों में बदलाव
लाओस जाने वाले भारतीय यात्रियों के लिए ऑनलाइन विकल्प बेहद महत्वपूर्ण हो चुके हैं। वहां के अधिकृत एंट्री पॉइंट्स के बारे में उपलब्ध जानकारी से यह बिल्कुल साफ पता चलता है कि भारतीय पासपोर्ट धारकों के लिए ई-वीज़ा की सुविधा उपलब्ध है। इसलिए, लाओस के लिए उड़ान भरने से पहले ऑनलाइन प्रक्रियाओं और सभी ज़रूरी दस्तावेज़ों की सही से जांच करना बहुत जरूरी है ताकि सीमा पर किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
दूसरी तरफ, श्रीलंका ने भी भारतीय यात्रियों के लिए अपनी एंट्री प्रक्रियाओं में एक बड़ा बदलाव किया है। आगामी 25 मई, 2026 से, भारत समेत कुल 40 देशों के नागरिकों के लिए 30 दिन का मुफ्त टूरिस्ट ईटीए यानी इलेक्ट्रॉनिक ट्रैवल ऑथराइज़ेशन उपलब्ध कराया गया है। हालांकि, यह सेवा पूरी तरह मुफ्त होने के बावजूद यात्रा शुरू करने से पहले ईटीए प्राप्त करना अनिवार्य किया गया है। इसके तहत भारतीय नागरिक 30 दिन के वीज़ा के लिए पात्र माने जाते हैं, जिसमें उन्हें दो बार एंट्री यानी डबल एंट्री की अनुमति मिलती है।
ईरान और चिली की नई डिजिटल व्यवस्था
पश्चिम एशिया के देश ईरान ने भी भारतीय यात्रियों के लिए अपनी वीज़ा प्रक्रिया में संशोधन किया है। जहां पहले यात्रियों के लिए वीज़ा-ऑन-अराइवल का लोकप्रिय विकल्प खुला हुआ था, वहीं अब मौजूदा सिस्टम के तहत यात्रा से पहले ही ई-वीज़ा के लिए आवेदन करना अनिवार्य कर दिया गया है। इसलिए, ईरान की यात्रा करने की सोच रहे लोगों को वहां रवाना होने से पहले वहां की वीज़ा आवेदन प्रक्रिया को अच्छी तरह समझ लेना चाहिए।
दक्षिण अमेरिकी देश चिली ने भी भारतीय पासपोर्ट धारकों के लिए अपनी वीज़ा प्रक्रिया को पूरी तरह से डिजिटल रूप दे दिया है। आधिकारिक जानकारी से यह बात सामने आती है कि जहां पहले एक स्टैंडर्ड वीज़ा की कागजी प्रक्रिया की आवश्यकता होती थी, वहीं अब ऑनलाइन ई-वीज़ा का विकल्प सुलभ करा दिया गया है। यात्रियों को सलाह दी जाती है कि वे अपनी यात्रा तय करने से पहले आधिकारिक स्रोतों के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया और पात्रता मानदंडों की पूरी पुष्टि ज़रूर कर लें।
घाना और वेनेज़ुएला के वीज़ा विकल्प
अफ्रीकी देश घाना और दक्षिण अमेरिकी देश वेनेज़ुएला में भी भारतीय यात्रियों की वीज़ा प्रक्रियाओं में महत्वपूर्ण बदलाव देखे गए हैं। ये दोनों देश अब भारतीय पासपोर्ट धारकों को ई-वीज़ा का विकल्प प्रदान करते हैं, जिससे यात्रियों को अपनी यात्रा शुरू करने से पहले ही ऑनलाइन माध्यम से अपने आवेदन जमा करने की सुविधा मिल जाती है। इसके जरिए कागजी कार्रवाई कम होती है और समय की बचत भी होती है।
यात्रा से पहले इन बातों का रखें विशेष ध्यान
अंतरराष्ट्रीय यात्रा नियमों में कभी भी बदलाव हो सकता है, इसलिए अपनी फ्लाइट के टिकट बुक करने से ठीक पहले संबंधित देश की आधिकारिक इमिग्रेशन या फिर वहां के दूतावास की वेबसाइट पर जाकर नवीनतम नियमों की अच्छी तरह जांच कर लें। यह पूरी तरह सुनिश्चित कर लें कि आपके पास अपना मूल पासपोर्ट, ई-वीज़ा की मंजूरी का पत्र, वापसी या आगे की यात्रा के पुख्ता टिकट और अपनी वित्तीय क्षमता यानी पर्याप्त धन के प्रमाण के दस्तावेज़ पूरी तरह तैयार हैं ताकि आव्रजन जांच के दौरान किसी प्रकार की परेशानी न आए।



















