गुरु पूर्णिमा पर राजनाथ सिंह ने गुरु परंपरा को बताया भारतीय संस्कृति की अनमोल धरोहरफ्रीज संपत्तियों से मुआवजा लेने वालों पर ईरान की चेतावनी, होर्मुज मार्ग रोकने का दिया सख्त निर्देशलाइव: अमेरिका और सऊदी अरब की सेनाओं ने इराक में ईरान समर्थित लड़ाकों के ठिकानों पर किया हमलाहगिंग फेस के अलावा कई बाहरी अकाउंट्स पर भी हुआ था ओपनएआई के बेकाबू एआई एजेंट का हमलासबपीना में एक अक्षर की गलती से बेकसूर ब्रैंडन क्लेम ने काटी जेल, अपील में बेगुनाही साबितघरेलू क्रिकेट में आशुतोष शर्मा ने रचा इतिहास, मात्र 11 गेंदों पर अर्धशतक ठोक तोड़ा युवराज सिंह का सालों पुराना रिकॉर्डथप्पड़कांड में जांच से नहीं हटाए जाएंगे एडीसीपी संदीप लांबा, हाईकोर्ट की टिप्पणी अहमजिमीकंद के बेमिसाल चिकित्सकीय गुण, जानिए पाचन सुधारने से लेकर डायबिटीज नियंत्रण में यह सब्जी कैसे करती है कामसीजेपी प्रवक्ता सौरव दास पर बरसीं भाजपा सांसद कंगना रनौत, 28 साल की उम्र में दो नेशनल अवॉर्ड जीतने की बात रखकर कसा तंजबेलेघाटा से तृणमूल कांग्रेस नेता राजू नस्कर पुलिस कस्टडी में, रंगदारी और धमकी के आरोपों पर बड़ा एक्शन
पुणे के पास मौजूद लोहागढ़ किले को 'लोहे का किला' क्यों कहा जाता हैयात्रा
2 जुल॰ 2026, 4:59 pm (27 दिन पहले)· 4

पुणे के पास मौजूद लोहागढ़ किले को 'लोहे का किला' क्यों कहा जाता है

पुणे के पास स्थित लोहागढ़ किला अपनी मजबूत बनावट की वजह से 'आयरन फोर्ट' कहलाता है, जानिए इसका करीब 2,000 साल पुराना इतिहास और यहां की खासियतें।

पुणे के आसपास घूमने की जगह तलाश रहे हैं तो लोहागढ़ किला एक बेहतरीन विकल्प हो सकता है। इतिहास, ट्रेकिंग और मानसून की हरियाली, तीनों का मजा एक साथ देने वाला यह किला अपनी मजबूत बनावट की वजह से आयरन फोर्ट यानी लोहे का किला भी कहलाता है। आखिर इस किले को यह खास नाम क्यों मिला, इसका इतिहास कितना पुराना है और यहां देखने लायक क्या-क्या है, आइए जानते हैं।

लोहे का किला नाम क्यों पड़ा

लोहागढ़ शब्द दो हिस्सों से मिलकर बना है, लोहा और गढ़ यानी किला। सीधे शब्दों में कहें तो इसका मतलब हुआ लोहे जितना मजबूत किला। इतिहासकार बताते हैं कि इस किले की दीवारें पत्थर की बनी बेहद मजबूत हैं और यह एक ऐसी जगह पर बना है जहां तक पहुंचना ही आसान नहीं था। यही वजह रही कि दुश्मन इसे आसानी से जीत नहीं पाते थे, और धीरे-धीरे इसे आयरन फोर्ट के नाम से जाना जाने लगा।

ये भी पढ़ें

2,000 साल से भी पुराना है इतिहास

माना जाता है कि लोहागढ़ किले का इतिहास करीब 2,000 साल पुराना है। इतने लंबे समय में यहां कई राजवंशों की सत्ता रही। सातवाहन, चालुक्य, राष्ट्रकूट, यादव, बहमनी, निज़ामशाही, मुगल और मराठा साम्राज्य, इन सभी ने अलग-अलग दौर में इस किले पर राज किया। बाद के समय में छत्रपति शिवाजी महाराज ने भी इस किले को अपनी ताकत और प्रतिष्ठा के प्रतीक के तौर पर इस्तेमाल किया। किले की मजबूत बनावट की वजह से यह लंबे समय तक एक अहम सैन्य ठिकाना बना रहा।

मानसून में और निखर जाती है खूबसूरती

बारिश के मौसम में लोहागढ़ किले के आसपास का नजारा बेहद खूबसूरत हो जाता है। चारों तरफ फैली हरियाली और पहाड़ पर चढ़ने वाला रोमांचक ट्रेकिंग रूट, दोनों मिलकर एक यादगार अनुभव देते हैं। यही वजह है कि हर साल बड़ी तादाद में ट्रेकर्स और प्रकृति प्रेमी इस किले की तरफ खिंचे चले आते हैं।

विंचूकाटा और किले की बाकी खासियतें

लोहागढ़ किले की सबसे अलग पहचान है इसका विंचूकाटा, यानी बिच्छू की पूंछ जैसा दिखने वाला हिस्सा। चट्टानों से बनी यह लंबी संरचना देखने में बिच्छू की पूंछ जैसी लगती है और पर्यटकों के बीच बेहद लोकप्रिय है। इसके अलावा किले का विशाल प्रवेश द्वार भी ध्यान खींचता है। पुरानी इमारतों और महलों के खंडहरों से यहां से सह्याद्रि पर्वत श्रृंखला का नजारा भी बेहद शानदार दिखाई देता है।

घूमने का सही समय

लोहागढ़ किला घूमने के लिए सबसे अच्छा समय जुलाई से सितंबर और फिर अक्टूबर से फरवरी के बीच माना जाता है। इन महीनों में यहां की प्राकृतिक खूबसूरती अपने चरम पर होती है और मौसम भी ट्रेकिंग के लिहाज से आरामदायक रहता है।

सवाल-जवाब

लोहागढ़ किला कहां स्थित है?
यह किला महाराष्ट्र में पुणे के पास स्थित है।
इसे 'आयरन फोर्ट' यानी लोहे का किला क्यों कहा जाता है?
इसकी पत्थर की मजबूत दीवारों, मुश्किल जगह पर होने और आसानी से न जीते जाने की वजह से इसे लोहे जितना मजबूत किला माना जाता है।
लोहागढ़ किले का इतिहास कितना पुराना है?
माना जाता है कि इसका इतिहास करीब 2,000 साल पुराना है।
इस किले पर किन-किन राजवंशों ने राज किया?
सातवाहन, चालुक्य, राष्ट्रकूट, यादव, बहमनी, निज़ामशाही, मुगल और मराठा साम्राज्य, इन सभी ने अलग-अलग समय में यहां शासन किया।
छत्रपति शिवाजी महाराज का इस किले से क्या संबंध है?
उन्होंने इस किले का इस्तेमाल अपनी ताकत और प्रतिष्ठा के प्रतीक के तौर पर किया था।
विंचूकाटा क्या है?
यह चट्टानों से बनी एक लंबी संरचना है जो बिच्छू की पूंछ जैसी दिखती है और किले की सबसे लोकप्रिय जगहों में से एक है।
लोहागढ़ किला घूमने का सबसे अच्छा समय कब है?
जुलाई से सितंबर और फिर अक्टूबर से फरवरी के बीच का समय घूमने के लिए सबसे अच्छा माना जाता है।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR