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रांची के पास स्थित मायावी तालाब का लुभावना नजारा और उसकी जानलेवा गहराई की पूरी कहानीयात्रा
29 जुल॰ 2026, 4:40 am (91 दिन पहले)· 2

रांची के पास स्थित मायावी तालाब का लुभावना नजारा और उसकी जानलेवा गहराई की पूरी कहानी

रांची रिंग रोड के पास स्थित मनातू गांव का यह तालाब अपनी प्राकृतिक सुंदरता के लिए प्रसिद्ध है, लेकिन खनन के गहरे गड्ढों और फिसलने वाली चट्टानों के कारण स्थानीय लोग इसे जानलेवा मानते हैं।

झारखंड की राजधानी रांची से लगभग 15 किलोमीटर दूर स्थित एक अद्वितीय जल निकाय इन दिनों पर्यटकों को अपनी प्राकृतिक सुंदरता से आकर्षित कर रहा है। रांची रिंग रोड के समीप मनातू गांव में स्थित यह काला तालाब दिखने में जितना मनोरम है, उतना ही खतरनाक भी माना जाता है। पत्थरों की ऊंची चट्टानों के बीच स्थित यह जलाशय खनन के दौरान बनाए गए गहरे गड्ढों में समय के साथ पानी भर जाने से निर्मित हुआ है। ऊपरी सतह से देखने पर पानी काफी कम नजर आता है, लेकिन जैसे ही कोई व्यक्ति इसमें कदम रखता है, उसे इसकी वास्तविक और अप्रत्याशित गहराई का अहसास होता है।

खनन के गड्ढों से बना सुरम्य लेकिन जोखिम भरा क्षेत्र

इस अनूठे स्थल का निर्माण वर्षों पहले खनन गतिविधियों के लिए की गई खुदाई के कारण हुआ था। धीरे-धीरे बारिश और प्राकृतिक जल स्रोतों के कारण इन विशाल गड्ढों ने एक सुंदर तालाब का रूप ले लिया। पानी के चारों ओर मौजूद चट्टानें और आसपास फैली हरियाली इसे एक आकर्षक स्वरूप प्रदान करती हैं। शहर की भीड़भाड़ और शोरगुल से दूर होने के कारण यह स्थान मानसिक शांति की तलाश करने वाले लोगों के लिए एक पसंदीदा गंतव्य बन चुका है। लोग यहां फुर्सत के पल बिताने, पिकनिक मनाने और तस्वीरें लेने आते हैं।

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मायावी तालाब का खौफ और जानलेवा चट्टानी तलहटी

हालांकि इस जगह की खूबसूरती के पीछे एक बड़ा खतरा भी छिपा हुआ है। स्थानीय निवासी नरेश के अनुसार इस जलाशय में अब तक कई लोग अपनी जान गंवा चुके हैं। इसी वजह से स्थानीय ग्रामीण इसे मायावी तालाब कहकर पुकारते हैं और इसके पानी के पास जाने से भी कतराते हैं। तालाब की अंदरूनी संरचना काफी जटिल और चट्टानी है। जलक्रीड़ा या तैराकी के इरादे से पानी में उतरने वाले युवा अक्सर इसकी गहराई और फिसलन का सही अंदाजा नहीं लगा पाते।

नरेश ने स्पष्ट किया कि पानी के अंदर केवल सख्त और नुकीली चट्टानें हैं। सतह इतनी फिसलन भरी है कि पैर फिसलते ही व्यक्ति का शरीर सीधे चट्टानों से टकरा जाता है। इस गंभीर खतरे को देखते हुए यहां आने वाले हर व्यक्ति को कड़ी हिदायत दी जाती है कि वे पानी को छूने या उसमें उतरने का प्रयास बिल्कुल न करें। प्राकृतिक नजारे का लुत्फ केवल किनारे पर सुरक्षित दूरी से ही उठाना चाहिए।

लॉन्ग ड्राइव और शांत वातावरण का आनंद

सुरक्षा संबंधी खतरों के बावजूद यह क्षेत्र उन लोगों के लिए बहुत लोकप्रिय है जो खुली सड़कों पर वाहन चलाने का आनंद लेते हैं। इस स्थल के ठीक पास सेंट्रल यूनिवर्सिटी ऑफ झारखंड का परिसर स्थित है। इस इलाके की सड़कें बेहद साफ और चौड़ी हैं, जिसके कारण युवा और परिवार अक्सर यहां लॉन्ग ड्राइव के लिए आते हैं। चारों तरफ फैली हरियाली और शांत माहौल मन को सुकून पहुंचाने का काम करता है। यदि आप भी किसी शांत और सुंदर स्थान पर बैठकर समय बिताना चाहते हैं तो यह एक उपयुक्त जगह है, बशर्ते आप पानी से सुरक्षित दूरी बनाए रखें।

सवाल-जवाब

रांची से मनातू का यह तालाब कितनी दूरी पर स्थित है?
यह तालाब झारखंड की राजधानी रांची से लगभग 15 किलोमीटर दूर रांची रिंग रोड के पास मनातू गांव में स्थित है।
इस तालाब का निर्माण किस प्रकार हुआ था?
खनन कार्य के लिए खोदे गए गहरे गड्ढों में समय के साथ पानी भर जाने से इस तालाब का निर्माण हुआ था।
स्थानीय लोग इसे मायावी तालाब क्यों कहते हैं?
ऊपरी सतह से पानी उथला दिखता है लेकिन अंदर से बेहद गहरा और चट्टानी है, जहाँ कई दुर्घटनाएँ होने के कारण लोग इसे मायावी तालाब कहते हैं।
इस तालाब के पानी में उतरना क्यों खतरनाक है?
तालाब के अंदर नुकीली और फिसलने वाली चट्टानें हैं, जिससे पैर फिसलने पर व्यक्ति चट्टानों से टकराकर डूब जाता है।
इस स्थान के आसपास कौन सा प्रमुख संस्थान स्थित है?
इस तालाब के पास सेंट्रल यूनिवर्सिटी ऑफ झारखंड का परिसर स्थित है।
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