पितृ पक्ष का पवित्र अवसर शुरू हो चुका है और इस दौरान देश के कोने-कोने से श्रद्धालुओं का गया की ओर रुख करना स्वाभाविक रूप से बढ़ गया है। सनातन संस्कृति में पितृ पक्ष के इन विशेष दिनों में अपने पूर्वजों की आत्मा की शांति के लिए पिंडदान और तर्पण करने की परंपरा का अत्यंत महत्वपूर्ण स्थान है। इस धार्मिक अनुष्ठान के लिए बिहार का गया शहर देश के सबसे प्रमुख और पवित्र तीर्थस्थलों में शुमार किया जाता है। हर साल लाखों लोग अपने पितरों को श्रद्धांजलि अर्पित करने और उनका आशीर्वाद पाने के लिए गया पहुंचते हैं। यदि आप भी राजधानी दिल्ली से गया जाने की अपनी यात्रा की योजना बना रहे हैं, तो भारतीय रेलवे की ट्रेनें आपके लिए सबसे अधिक सुलभ, सुविधाजनक और किफायती माध्यम साबित हो सकती हैं। दिल्ली में नई दिल्ली रेलवे स्टेशन से लेकर पुरानी दिल्ली रेलवे स्टेशन और आनंद विहार टर्मिनल तक कई प्रमुख स्टेशनों से गया जंक्शन के लिए सीधी रेल सेवाएं संचालित होती हैं। अपनी इस आध्यात्मिक यात्रा को सुगम बनाने के लिए यह बेहद आवश्यक है कि आप यात्रा से पहले ही ट्रेनों के नाम, उनके रवाना होने के समय और किराए की सही जानकारी प्राप्त कर लें।
गया में पिंडदान का धार्मिक महत्व और वेदियां
बिहार पर्यटन विभाग से प्राप्त जानकारियों के अनुसार गया में पिंडदान के लिए कुल 48 प्रमुख वेदियां निर्धारित की गई हैं, जिनका सनातन धर्म में बहुत बड़ा महात्म्य माना जाता है। इनमें विष्णुपद मंदिर को सबसे अधिक पवित्र और विशेष स्थान प्राप्त है जहाँ देश-विदेश से लोग आते हैं। इसके अलावा पावन फल्गु नदी और प्रसिद्ध सीता कुंड का धार्मिक महत्व भी किसी से छिपा नहीं है। इन सभी स्थानों के साथ-साथ पंचतीर्थ की परिक्रमा को भी पिंडदान की प्राचीन परंपरा का एक अनिवार्य और महत्वपूर्ण हिस्सा माना गया है। इस वर्ष पितृ पक्ष का मेला 25 सितंबर से 10 अक्टूबर 2026 तक आयोजित होने की आधिकारिक जानकारी दी गई है। दिल्ली से गया की कुल सड़क और रेल दूरी लगभग 980 से 1000 किलोमीटर के दायरे में आती है। हालांकि सफर तय करने के लिए सड़क मार्ग और हवाई यात्रा के विकल्प भी खुले हुए हैं, फिर भी लंबी दूरी होने के कारण ट्रेन के सफर को सबसे ज्यादा आरामदायक माना जाता है। विशेष तौर पर जब आप अपने पूरे परिवार के साथ यात्रा कर रहे हों, तो समय से पहले ट्रेन में आरक्षित सीट बुक करवा लेना समझदारी भरा कदम रहता है क्योंकि इस दौरान भारी भीड़ उमड़ने की पूरी संभावना बनी रहती है.
महाबोधि एक्सप्रेस से करें गया का सफर
दिल्ली से गया के बीच चलने वाली ट्रेनों में महाबोधि एक्सप्रेस यात्रियों के बीच हमेशा से एक बेहद लोकप्रिय और भरोसेमंद विकल्प रही है। इस ट्रेन का नंबर 12398 है जो नई दिल्ली से हर दिन दोपहर ठीक 12:25 बजे अपनी यात्रा शुरू करती है। यह ट्रेन विभिन्न स्टेशनों से गुजरते हुए अगले दिन तड़के सुबह करीब 2:55 बजे गया जंक्शन पर यात्रियों को लेकर पहुंचती है। नई दिल्ली से गया तक की इस पूरी रेल यात्रा को पूरा करने में लगभग 14 घंटे और 30 मिनट का समय लग जाता है। उपलब्ध अनुमानित आंकड़ों के अनुसार इस ट्रेन में स्लीपर श्रेणी का किराया लगभग 510 रुपए के आसपास रहता है। वहीं यदि आप थर्ड एसी श्रेणी में यात्रा करना चाहते हैं तो इसका किराया लगभग 1330 से 1400 रुपए तक हो सकता है, जबकि सेकेंड एसी श्रेणी के लिए आपको करीब 1880 से 1990 रुपए तक चुकाने पड़ सकते हैं। राहत की बात यह है कि महाबोधि एक्सप्रेस सप्ताह के सातों दिन यानी प्रतिदिन नियमित रूप से पटरी पर दौड़ती है.
सियालदह राजधानी एक्सप्रेस से कम समय में पहुंचें
जो यात्री कम से कम समय खर्च करके तेजी से गया पहुंचना चाहते हैं, उनके लिए सियालदह राजधानी एक्सप्रेस एक बेहतरीन और तेज विकल्प साबित हो सकता है। इस प्रीमियम ट्रेन का ट्रेन नंबर 12314 है जो नई दिल्ली रेलवे स्टेशन से शाम के वक्त 4:30 बजे प्रस्थान करती है। अपनी तेज गति से दौड़ते हुए यह गाड़ी अगले दिन बहुत सुबह करीब 3:42 बजे गया जंक्शन के प्लेटफॉर्म पर यात्रियों को उतारती है। राजधानी श्रेणी की होने के कारण इस पूरी यात्रा में कुल 11 घंटे और 12 मिनट का ही समय लगता है जो अन्य मेल या एक्सप्रेस गाड़ियों की तुलना में काफी कम है। किराए की बात करें तो थर्ड एसी श्रेणी का शुरुआती किराया लगभग 1485 रुपए होने की जानकारी सामने आती है, जबकि सेकेंड एसी श्रेणी के लिए यात्रियों को 2120 रुपए से अधिक की राशि चुकानी पड़ सकती है। चूंकि यह एक सुपरफास्ट राजधानी ट्रेन है, इसलिए इसका किराया सामान्य एक्सप्रेस ट्रेनों की तुलना में थोड़ा अधिक रहता है लेकिन समय की भारी बचत होती है.
नेताजी एक्सप्रेस और पुरुषोत्तम एक्सप्रेस के विकल्प
यात्रियों की सुविधा के लिए नेताजी एक्सप्रेस का विकल्प भी उपलब्ध कराया गया है जिसे ट्रेन संख्या 13052 या 12312 के अंतर्गत संचालित किया जाता है। यह रेलगाड़ी पुरानी दिल्ली रेलवे स्टेशन से सुबह के वक्त लगभग 6:15 बजे रवाना होती है और पूरे दिन का सफर तय करते हुए उसी दिन रात को करीब 11:30 बजे गया जंक्शन पर आकर रुकती है। इस रूट पर इस ट्रेन से सफर करने में लगभग 17 घंटे और 15 मिनट का लंबा समय लग जाता है। स्लीपर कोच में इस ट्रेन का अनुमानित किराया लगभग 510 रुपए है, जबकि थर्ड एसी का किराया करीब 1335 रुपए और सेकेंड एसी का किराया लगभग 1895 रुपए के आसपास रहने का अनुमान जताया गया है। रेलवे से मिली जानकारी के अनुसार यह ट्रेन भी प्रतिदिन नियमित रूप से संचालित होती है। दूसरी ओर, पुरुषोत्तम एक्सप्रेस जिसका ट्रेन नंबर 12802 है, आनंद विहार टर्मिनल से रात के समय 10:45 बजे अपनी यात्रा का आरंभ करती है। यह ट्रेन अगले दिन दोपहर में करीब 12:35 बजे गया जंक्शन पहुंचती है और इसका कुल सफर लगभग 13 घंटे 50 मिनट का होता है। पुरुषोत्तम एक्सप्रेस में स्लीपर क्लास का अनुमानित किराया 505 रुपए से 520 रुपए के बीच हो सकता है, जबकि थर्ड एसी का किराया लगभग 1330 रुपए या उससे कुछ अधिक हो सकता है और यह ट्रेन भी रोजाना चलती है.
नंदनकानन एक्सप्रेस और टिकट बुकिंग से जुड़ी सावधानियां
गया जाने वाली गाड़ियों की सूची में नंदनकानन एक्सप्रेस भी शामिल है जिसका ट्रेन नंबर 12816 है। यह ट्रेन आनंद विहार टर्मिनल से सुबह करीब 7:30 बजे प्रस्थान करती है और लगभग 13 घंटे 55 मिनट का सफर तय करके शाम को करीब 9:25 बजे गया जंक्शन पहुंचती है। इस ट्रेन में स्लीपर श्रेणी का किराया करीब 510 रुपए, थर्ड एसी का किराया लगभग 1330 रुपए और सेकेंड एसी का किराया 1890 रुपए से अधिक हो सकता है। ध्यान देने योग्य बात यह है कि नंदनकानन एक्सप्रेस प्रतिदिन नहीं चलती बल्कि कुछ चुनिंदा खास दिनों में ही इसका संचालन होता है, इसलिए टिकट बुक करने से पहले इसके चलने के दिन अवश्य जांच लें। पितृ पक्ष के पवित्र दिनों में गया की यात्रा करने वाले श्रद्धालुओं की तादाद में भारी इजाफा होने के कारण ट्रेनों में कंफर्म सीट मिलना एक बड़ी चुनौती बन सकता है। इसलिए जैसे ही आपकी यात्रा की तारीख तय हो जाए, तुरंत सीटों की उपलब्धता की जांच कर लें। यहाँ बताए गए सभी समय और किराए केवल अनुमानित आंकड़े हैं और वास्तविक समय तथा किराए में रेलवे द्वारा बदलाव किया जा सकता है। किसी भी प्रकार की असुविधा से बचने के लिए टिकट बुक करने से पहले IRCTC की आधिकारिक वेबसाइट या रेलवे के पोर्टल पर जाकर ताजा स्थिति की पुष्टि जरूर कर लें.



















