सुबह तैयार किया गया टिफिन जब दोपहर या शाम को खुलता है और उसमें रखी रोटियां सख्त या खिंची हुई मिलती हैं, तो खाने का पूरा स्वाद किरकिरा हो जाता है। अक्सर लोग यह मान लेते हैं कि रोटी ठीक से नहीं सिंकी, लेकिन असल में रोटी का कड़क होना केवल पकाने की प्रक्रिया पर निर्भर नहीं करता। इसमें आटा तैयार करने की बनावट, गूंथने के बाद का आराम, तवे की सही आंच और रोटियों को रखने के तौर-तरीके की भी अहम भूमिका होती है। खासकर जो कामकाजी लोग या छात्र सुबह ही पूरे दिन का भोजन पैक करते हैं, उनके लिए यह एक आम समस्या है। बिना किसी अतिरिक्त सामग्री या जटिल विधि के, कुछ बुनियादी नियमों का पालन करके रोटियों को लंबे समय तक रुई जैसा मुलायम बनाए रखा जा सकता है।
आटा गूंथते समय पानी की मात्रा और सही तरीका
रोटी की नरमी की पहली बुनियाद परात में आटा गूंथते समय ही रखी जाती है। आटे का लचीलापन ऐसा होना चाहिए जो न तो बहुत सख्त हो और न ही बहुत ज्यादा गीला या चिपचिपा। एक साथ ढेर सारा पानी उड़ेलने की जगह हमेशा थोड़ा-थोड़ा पानी छिड़कते हुए आटा मिलाएं। इससे आटे के कणों में नमी एक समान फैलती है और बाद में लोई बेलना बेहद आसान हो जाता है। बेहतर नतीजों के लिए हल्के गुनगुने पानी का प्रयोग किया जा सकता है, जो आटे में मौजूद लचक को बेहतर उभारता है। आटा तैयार होते ही फौरन रोटियां बेलना शुरू न करें, बल्कि उसे कुछ देर ठहरने का मौका देना बहुत जरूरी होता है।
गूंथे हुए आटे को आराम देना क्यों है जरूरी
आटा गूंथने के तुरंत बाद उसे किसी गीले या सूखे साफ बर्तन से अच्छी तरह ढककर लगभग 15 से 20 मिनट के लिए अलग रख दें। इस ठहराव के दौरान आटे के भीतर नमी पूरी तरह समा जाती है और उसका टेक्सचर बेहद कोमल हो जाता है। अगर गूंथे हुए आटे को खुला छोड़ दिया जाए, तो हवा लगते ही उसकी ऊपरी सतह सूखकर पपड़ीदार हो जाती है, जिससे रोटियां बेलते वक्त किनारे फटने लगते हैं और सिकने के बाद वे सख्त हो जाती हैं। इसलिए आटे को हमेशा ढककर ही रखें।
तवे का सही तापमान और पकाने की विधि
रोटी सेंकने के दौरान आंच का संतुलन सबसे ज्यादा मायने रखता है। चपाती तवे पर डालने से पहले यह पक्का कर लें कि तवा पर्याप्त गर्म हो चुका हो। धीमी आंच पर बहुत देर तक पकाने से रोटी के भीतर की बची-खुची नमी भाप बनकर उड़ जाती है और वह रबर जैसी कड़ी हो जाती है। इसलिए रोटी को हमेशा मध्यम से तेज आंच पर ही सेकना चाहिए। जरूरत से ज्यादा समय तक तवे पर रखने, बार-बार उलटने-पलटने या किसी कपड़े से बहुत ज्यादा दबाने की गलती न करें। जैसे ही दोनों तरफ से रोटी ठीक तरह फूल जाए और सुनहरी चित्ती आ जाए, उसे तुरंत तवे से हटा लें।
सेंकने के तुरंत बाद कैसे रखें रोटियां
तवे से उतरने के बाद रोटियों को खुली हवा में छोड़ देना उनकी नरमी को सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचाता है। गर्म रोटियों को एक के ऊपर एक व्यवस्थित रखें और उन्हें किसी साफ सूती कपड़े में लपेट दें। इसके बाद उन्हें ढक्कन वाले किसी बंद डिब्बे या कैसरोल में रखें। ऐसा करने से हवा सीधे तौर पर रोटियों पर नहीं लगती और उनके अंदर की प्राकृतिक नमी सुरक्षित रहती है। अगर आप सुबह के समय टिफिन या लंच बॉक्स तैयार कर रहे हैं, तो रोटियों को ज्यादा देर तक किचन के स्लैब पर खुला रखने के बजाय जल्द से जल्द पैक करने की आदत डालें।
फॉयल पेपर में रोटियां लपेटते समय बरतें यह सावधानी
अधिकतर लोग रोटियों को तवे से उतारते ही सीधे एल्युमिनियम फॉयल में लपेट देते हैं, जो एक बड़ी चूक साबित होती है। खौलती हुई गर्म रोटी से निकलने वाली अत्यधिक भाप फॉयल के अंदर पानी की बूंदों के रूप में जमा हो जाती है, जिससे रोटियां पसीजकर गीली और चिपचिपी हो जाती हैं। इससे बचने के लिए रोटियों को थोड़ी देर भाप शांत होने तक रखें, फिर उन्हें फॉयल में लपेटकर किसी एयरटाइट डिब्बे में बंद करें।
अगर रोटियां सख्त हो जाएं तो कैसे लौटाएं नरमी
अगर किसी कारणवश रोटियां पहले ही सूखकर सख्त हो चुकी हैं, तो उन्हें दोबारा गर्म करते वक्त सीधा तवे पर न सेकें। उन्हें किसी ढके हुए बर्तन में रखकर हल्की भाप के सहारे गर्म करें, जिससे उनकी खोई हुई नरमी कुछ हद तक वापस आ जाती है। हालांकि, रोटियों को देर तक खाने योग्य और ताजा बनाए रखने के लिए सबसे बेहतर यही है कि उन्हें कमरे के तापमान पर खुला छोड़ने की जगह सही तरीके से स्टोर किया जाए।



















