अक्सर हमारे किचन में मौजूद साधारण सा ताजा दही केवल खानपान का स्वाद बढ़ाने तक सीमित नहीं रहता, बल्कि यह बालों की संपूर्ण सेहत सुधारने के लिए भी एक बेहतरीन घरेलू विकल्प साबित हो सकता है। मौसम बदलने, धूल-मिट्टी या प्रदूषण की वजह से जब बाल अपनी स्वाभाविक नमी खोकर पूरी तरह बेजान और रूखे नजर आने लगते हैं, या फिर स्कैल्प पर जरूरत से ज्यादा चिपचिपाहट और तेल जमा होने लगता है, तो आमतौर पर लोग महंगे रासायनिक प्रोडक्ट्स खरीदने की तरफ भागते हैं। हालांकि, इन समस्याओं से निपटने के लिए भारतीय रसोई में मौजूद प्राकृतिक सामग्रियों के साथ दही का सही मेल बनाकर बेहद उपयोगी हेयर मास्क तैयार किए जा सकते हैं। बालों की पारंपरिक देखभाल में सादे दही को सीधे सिर पर लगाने के बजाय उसमें आंवला, एलोवेरा, मेथी के दाने या मुल्तानी मिट्टी मिलाकर इस्तेमाल करने की परंपरा काफी लंबे समय से चली आ रही है।
फिर भी यह बात हमेशा ध्यान में रखनी चाहिए कि हर इंसान के स्कैल्प का प्रकार और बालों की संरचना एक जैसी नहीं होती। इसलिए किसी भी देसी नुस्खे का असर हर सिर पर बिल्कुल समान रूप से दिखाई दे, यह कतई अनिवार्य नहीं है। किसी भी घरेलू प्रयोग को शुरू करने से पहले जरूरी सावधानियां बरतना और पैच टेस्ट करना बेहद अकलमंदी भरा कदम माना जाता है।
बालों के लिए दही के स्वाभाविक गुण और जरूरी सावधानियां
दही के भीतर प्राकृतिक रूप से प्रोटीन और लैक्टिक एसिड जैसे कई महत्वपूर्ण तत्व मौजूद होते हैं। जब इसे बालों की जड़ों और सिर की त्वचा पर लगाया जाता है, तो यह बालों को एक बेहतरीन कंडीशनिंग अहसास देने का काम करता है। इसके साथ ही यह स्कैल्प पर जमी गंदगी को साफ करने में भी काफी मददगार साबित हो सकता है। हालांकि, यहां यह स्पष्ट रूप से समझ लेना चाहिए कि दही कोई जादुई दवा नहीं है जो बालों के गंभीर झड़ने या पुरानी डैंड्रफ की समस्या को रातोंरात पूरी तरह ठीक कर दे। यदि बालों के कमजोर होने या टूटने की समस्या लंबे समय से लगातार बनी हुई है, तो केवल बाहरी लेप लगाने के बजाय उसके असली कारण को गहराई से पहचानना बेहद जरूरी होता है।
जब भी आप घर पर कोई देसी हेयर मास्क तैयार करें, तो हमेशा इस बात का ख्याल रखें कि दही एकदम ताजा और साफ-सुथरा होना चाहिए। जरूरत से ज्यादा खट्टा या बासी हो चुका दही इस्तेमाल करने से कुछ संवेदनशील लोगों के स्कैल्प पर तीखी जलन, खुजली या भारी असहजता पैदा हो सकती है। इसलिए पहली बार कोई भी नया लेप सिर पर लगाने से पहले उसकी थोड़ी सी मात्रा अपनी त्वचा के किसी छोटे से हिस्से पर लगाकर देख लें, ताकि किसी किस्म की एलर्जी की आशंका से बचा जा सके।
रूखे और बेजान बालों में नई जान फूंकने के लिए दही और एलोवेरा
अगर आपके बाल पूरी तरह रूखे, बेजान और उलझे हुए महसूस होते हैं, तो दही के साथ एलोवेरा जेल का संयोजन एक शानदार उपाय बन सकता है। इस आसान लेप को तैयार करने के लिए एक कटोरी में 2 चम्मच ताजा दही लें और उसमें 1 बड़ा चम्मच ताजा या शुद्ध एलोवेरा जेल अच्छी तरह मिला लें। जब यह मिश्रण एकदम एकसार हो जाए, तो इसे अपनी उंगलियों की मदद से सिर के स्कैल्प पर और बालों की पूरी लंबाई पर अच्छी तरह से फैलाकर लगाएं।
इस पैक को सिर पर करीब 20 से 30 मिनट तक ऐसे ही लगा रहने दें ताकि इसके नमी प्रदान करने वाले गुण बालों में समा सकें। तय समय पूरा होने के बाद बालों को किसी भी हल्के माइल्ड शैंपू और सादे पानी से अच्छी तरह धो लें। यह मिश्रण बालों को छूने में रेशमी और बेहद मुलायम बनाने में काफी मदद करता है। ध्यान रहे कि यदि आपको अतीत में कभी एलोवेरा से किसी भी प्रकार की खुजली या जलन की शिकायत रही हो, तो इसे सीधे अपनी स्कैल्प की त्वचा पर लगाने से पूरी तरह बचें।
बालों की मजबूती के लिए मेथी के दानों और दही का पारंपरिक नुस्खा
भारतीय घरों में बालों को मजबूत और घना बनाए रखने के लिए मेथी के दानों का प्रयोग सदियों पुराना और आजमाया हुआ नुस्खा माना जाता रहा है। इस पारंपरिक पैक को बनाने के लिए रात को सोने से पहले 2 से 3 चम्मच साबुत मेथी के दानों को एक कटोरी साफ पानी में भिगोकर रख दें। अगली सुबह इन फूले हुए दानों को मिक्सी या सिलबट्टे पर बारीक पीसकर एक चिकना पेस्ट तैयार कर लें।
इसके बाद 2 चम्मच ताजे दही में तैयार किया गया मेथी का पेस्ट डालकर बढ़िया हेयर मास्क बना लें। अब इस गाढ़े लेप को अपनी जड़ों से लेकर बालों के सिरों तक अच्छी तरह लगाएं और लगभग 30 मिनट के लिए छोड़ दें। निर्धारित समय बीतने के बाद बालों को किसी सौम्य माइल्ड शैंपू की सहायता से बहुत अच्छी तरह पानी से धो लें। यहां यह सावधानी जरूर रखें कि मेथी का पेस्ट बहुत ज्यादा सूखा या दरदरा न हो, क्योंकि अगर यह अत्यधिक गाढ़ा या चिपचिपा रह गया तो बालों को धोते वक्त इसे रेशों से बाहर निकालने में काफी परेशानी और उलझन का सामना करना पड़ सकता है।
आंवला पाउडर और दही से बालों को दें प्राकृतिक चमक
आंवले के प्राकृतिक गुणों से हर कोई वाकिफ है और जब इसे दही के साथ मिलाया जाता है, तो यह बालों के पोषण के लिए एक बेहतरीन देसी उपचार बन जाता है। इस पैक को बनाने के लिए 2 चम्मच ताजे दही में 2 चम्मच शुद्ध आंवला पाउडर मिलाएं और चम्मच से फेंटकर एक चिकना और एकसार पेस्ट तैयार कर लें।
इस लेप को अपने बालों की पूरी लंबाई पर और आवश्यकता के मुताबिक सिर की जड़ों में लगाएं। इसे सिर पर लगभग 30 से 45 मिनट तक सूखने और असर दिखाने के लिए छोड़ दें, फिर सादे पानी से सिर को पूरी तरह धोकर साफ कर लें। आंवले के कसैले स्वभाव के कारण कुछ लोगों के बालों में शुरुआत में हल्का रूखापन महसूस हो सकता है। इसलिए यदि आप इसे पहली बार आजमा रहे हैं, तो इसे बहुत अधिक देर तक सिर पर लगाए रखने के बजाय कम समय, यानी करीब 20 मिनट के भीतर ही धो लेना अधिक सुरक्षित और बेहतर रहेगा।
ऑयली स्कैल्प और अतिरिक्त चिपचिपाहट दूर करने के लिए मुल्तानी मिट्टी
बहुत से लोगों की यह आम शिकायत होती है कि बाल धोने के महज एक या दो दिन के भीतर ही उनका स्कैल्प जरूरत से ज्यादा तैलीय और चिपचिपा हो जाता है। इस अतिरिक्त चिकनाई को सोखने के लिए दही और मुल्तानी मिट्टी का हेयर पैक बेहद उपयोगी साबित होता है। इसे बनाने के लिए 2 चम्मच ताजे दही में आवश्यकतानुसार मुल्तानी मिट्टी का महीन पाउडर मिलाकर एक गाढ़ा पेस्ट तैयार करें।
इस मिश्रण को मुख्य रूप से सिर की त्वचा यानी स्कैल्प के उन हिस्सों पर केंद्रित करते हुए लगाएं जहां तेल अधिक निकलता है। इसे करीब 15 से 20 मिनट तक लगा रहने दें और फिर पानी से साफ कर लें। मुल्तानी मिट्टी को सिर पर बहुत देर तक लगाए रखने से स्कैल्प और बाल जरूरत से ज्यादा सूख सकते हैं, इसलिए यह बिल्कुल भी जरूरी नहीं है कि आप इसे पूरी तरह पपड़ी बनकर सूखने तक सिर पर लगाए रखें। जिन लोगों का स्कैल्प पहले से ही अत्यधिक सूखा या संवेदनशील है, उन्हें इस पैक का इस्तेमाल बेहद सावधानीपूर्वक ही करना चाहिए।
घरेलू हेयर मास्क लगाते वक्त इन जरूरी बातों का रखें ध्यान
प्राकृतिक नुस्खों का लाभ उठाने के लिए यह समझना जरूरी है कि दही से बने इन हेयर मास्क को रोजाना सिर पर लगाने की कोई आवश्यकता नहीं होती। हफ्ते में केवल कभी-कभार या एक बार इनका उपयोग कर लेना ही बालों की उचित देखभाल के लिए पर्याप्त होता है। यदि सिर पर किसी भी मिश्रण को लगाने के बाद अचानक तेज खुजली, त्वचा का लाल पड़ना, जलन या किसी भी तरह की असहजता महसूस होने लगे, तो बिना देर किए सिर को तुरंत ठंडे पानी से अच्छी तरह धोकर साफ कर लें।
इसके अलावा, यदि आपके बाल लगातार भारी संख्या में टूट रहे हैं, सिर की त्वचा पर असहनीय खुजली या सफेद पपड़ी जैसी गंभीर समस्या दिखाई दे रही है, अथवा बालों की हालत तेजी से बदतर होती जा रही है, तो केवल घरेलू उपायों के भरोसे बिल्कुल न बैठे रहें। ऐसी किसी भी गंभीर स्थिति में बिना समय गंवाए किसी प्रमाणित त्वचा विशेषज्ञ या ट्राइकोलॉजिस्ट से मिलकर उचित चिकित्सकीय जांच और परामर्श लेना ही सबसे सही और सुरक्षित फैसला होता है।



















