आगरा के रसोई से सीखें सरसों का साग बनाने का पारंपरिक तरीका, 45 मिनट की धीमी आंच में छिपा है असली स्वादउत्तराखंड के बागेश्वर में डीएम कोर्ट बना आकर्षण का केंद्र, एक ही जगह से दिखते हैं सरयू संगम और ऐतिहासिक बागनाथ मंदिररोशनी के त्योहार पर बजट फ्रेंडली खरीदारी के लिए दिल्ली के शीर्ष पांच बाजारकोहरे के चलते मुरादाबाद रेल मंडल से गुजरने वाली 26 ट्रेनें पूरी तरह रद्द, 16 के फेरे घटेजमीन की हलचल पर पैनी नजर रखने के लिए देशभर में खुलेंगे सौ नए भूकंप केंद्रदीपावली पूर्व 6 नवंबर तक लक्ष्मीनारायण व बुधादित्य योग, मकर समेत इन राशियों पर धनवर्षा के संकेतविशाखा नक्षत्र में सूर्य का प्रवेश खोलेगा चार राशियों की किस्मत, धनतेरस से शुरू होगा आर्थिक तरक्की का दौरदीपावली पर जोधपुर में अनूठी पहल, आतिशबाजी के रूप में सजी अनार और कोटा चकरी वाली खास मिठाइयांगुवाहाटी के होटल बिलास इन में 5 लोगों की हत्या के मामले में आरोपी घनकांत गोगोई से क्राइम सीन कराया गया रीक्रिएटकुंडली के 3 विशेष भावों में वक्री शनि का प्रभाव: मेहनत से दिलाते हैं पद और धन
बिस्कुट और चिप्स के पैकेट पर लिखी बेस्ट बिफोर और एक्सपायरी डेट में क्या है अंतरट्रेंड्स
28 अक्तू॰ 2026, 4:42 am (5 दिन पहले)· 1

बिस्कुट और चिप्स के पैकेट पर लिखी बेस्ट बिफोर और एक्सपायरी डेट में क्या है अंतर

किराने की दुकान से पैक्ड फूड खरीदते समय लोग अक्सर बेस्ट बिफोर और एक्सपायरी डेट को एक ही समझ लेते हैं, लेकिन दोनों का मतलब अलग होता है।

पैक्ड फूड खरीदते समय पैकेट पर छपी तारीखों को देखना और समझना बेहद महत्वपूर्ण है। अक्सर लोग बाजार से बिस्कुट, चिप्स, दूध या अन्य खाद्य सामग्री खरीदते हैं, लेकिन उन पर लिखी तारीखों के असली अर्थ से अनजान रहते हैं। कई लोगों को लगता है कि बेस्ट बिफोर और एक्सपायरी डेट एक ही बात है, जबकि वास्तव में इनमें स्पष्ट अंतर होता है। एक तरफ जहां पहली तारीख किसी उत्पाद की गुणवत्ता और स्वाद से जुड़ी होती है, वहीं दूसरी तारीख उसके सुरक्षित उपभोग की सीमा को तय करती है। इन दोनों के बीच के तकनीकी और व्यावहारिक फर्क को जानकर ही कोई खरीदार सही फैसला ले सकता है और सेहत से जुड़े जोखिमों से बच सकता है।

किसी भी डिब्बाबंद खाद्य उत्पाद को खरीदते वक्त केवल उस पर लिखी तारीख ही काफी नहीं होती, बल्कि स्टोरेज के निर्देश, पैकेजिंग की मौजूदा स्थिति और उस वस्तु की प्राकृतिक विशेषता पर भी गौर करना आवश्यक होता है। यह समझना जरूरी है कि खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता समय के साथ कैसे बदलती है।

ये भी पढ़ें

जब किसी खाद्य सामग्री के पैकेट पर बेस्ट बिफोर लिखा होता है, तो इसका स्पष्ट आशय यह होता है कि यदि उसे सही तरीके से संग्रहित किया जाए, तो वह निर्धारित समय तक अपनी बेहतरीन गुणवत्ता बनाए रखेगा। इस गुणवत्ता के दायरे में उसका मूल स्वाद, ताजगी भरी खुशबू, प्राकृतिक रंग और बनावट शामिल होते हैं। उदाहरण के तौर पर, यदि बिस्कुट में हवा लग जाए या चिप्स का कुरकुरापन कम हो जाए, तो उसकी गुणवत्ता पर सीधा असर पड़ता है, हालांकि इसका मतलब यह नहीं है कि वह तुरंत जहरीला हो गया है।

बेस्ट बिफोर की समयसीमा समाप्त होने का मतलब यह कतई नहीं होता कि वह खाद्य पदार्थ उसी तारीख को खराब हो चुका है। इसके बावजूद, इसका यह अर्थ भी नहीं निकाला जाना चाहिए कि तारीख बीत जाने के बाद वह हर स्थिति में पूरी तरह सुरक्षित रहेगा। उत्पाद की सुरक्षा इस बात पर निर्भर करती है कि वह किस किस्म का है, उसकी पैकेजिंग कैसी है और उसे किस वातावरण में रखा गया है। केवल अपनी आंखों से देखकर या सूंघकर किसी भी खाद्य वस्तु के पूरी तरह सुरक्षित होने का दावा नहीं किया जा सकता।

एक्सपायरी डेट या यूज बाय जैसी चेतावनियों को हमेशा पूरी गंभीरता के साथ लिया जाना चाहिए। इन तारीखों का सटीक अर्थ उत्पाद के लेबल और उस पर लागू होने वाले खाद्य सुरक्षा नियमों पर आधारित होता है। सामान्य तौर पर इनका संबंध तय अवधि के भीतर ही उस खाद्य पदार्थ का सेवन करने से होता है। यदि ऐसी कोई अंतिम तारीख गुजर चुकी है, तो उस प्रोडक्ट को सुरक्षित मानकर खाना स्वास्थ्य के लिए गंभीर जोखिम पैदा कर सकता है।

विशेष रूप से दूध और अन्य जल्दी खराब होने वाली खाद्य वस्तुओं के मामले में पैकेट पर दिए गए दिशा-निर्देशों का कड़ाई से पालन करना चाहिए। यदि किसी वस्तु पर इस्तेमाल की अंतिम तिथि तय कर दी गई है, तो उस सीमा को लांघने के बाद उसका सेवन बिल्कुल न करें। इसके अलावा यह भी ध्यान में रखना आवश्यक है कि सही तारीख होने के बावजूद यदि किसी उत्पाद को गलत तापमान पर रखा गया है, तो वह निर्धारित समय से पहले ही खराब हो सकता है।

बाजार से पैक्ड फूड की खरीदारी करते समय केवल भारी डिस्काउंट या कम कीमत देखकर ही अपना निर्णय न लें। खरीदारी के दौरान कुछ अन्य महत्वपूर्ण बातों पर भी पैनी नजर रखनी चाहिए, जो आपकी सेहत के लिए बेहद जरूरी हैं।

सबसे पहले पैकेट पर छपी तारीखों को ध्यान से देखें और समझें कि वहां बेस्ट बिफोर, एक्सपायरी डेट या यूज बाय में से क्या लिखा गया है। इसके बाद पैकेट की भौतिक स्थिति की अच्छी तरह जांच करें। यदि पैकेट कहीं से भी फटा हुआ, खुला हुआ, लीक करता हुआ या सामान्य से अधिक फूला हुआ दिखाई दे, तो उसे खरीदने से तौबा करें।

उत्पाद पर दिए गए स्टोरेज से जुड़े निर्देशों को अवश्य पढ़ें, क्योंकि कई खाद्य पदार्थों को हमेशा ठंडी जगह पर या सीधे फ्रिज के अंदर रखना अनिवार्य होता है। इसके साथ ही लेबल पर छपी अन्य जानकारियां भी देखें, जिनमें मुख्य सामग्री, किसी भी प्रकार की एलर्जी से जुड़ी चेतावनी और निर्माता कंपनी का पूरा विवरण शामिल होता है।

सामग्री घर ले आने के बाद भी उसे पैकेट पर बताए गए तापमान और अन्य जरूरी शर्तों के अनुसार ही सही जगह पर स्टोर करें, ताकि उसकी ताजगी और सुरक्षा बरकरार रहे।

बेस्ट बिफोर की समयावधि बीत जाने के बाद भी क्या उस खाद्य पदार्थ का सेवन करना सुरक्षित होता है? इस सवाल का कोई एक सीधा जवाब नहीं है, क्योंकि यह हर वस्तु के मामले में अलग हो सकता है। बेस्ट बिफोर की अवधि निकल जाने के बाद कुछ उत्पादों की गुणवत्ता में गिरावट आ सकती है, लेकिन केवल उस तारीख के आधार पर ही उसकी सुरक्षा तय नहीं की जा सकती।

यदि पैकेट पहले ही खुल चुका है, उत्पाद को नमी या अत्यधिक गर्मी में रखा गया है, अथवा उस पर दिए गए स्टोरेज के नियमों का पालन नहीं किया गया है, तो स्वास्थ्य पर मंडराने वाला खतरा काफी बढ़ जाता है। इसलिए तारीख गुजरने के बाद किसी भी खाद्य वस्तु को केवल उसकी गंध, स्वाद या दिखावट के भरोसे सुरक्षित न मान लें।

दूसरी तरफ, एक्सपायरी डेट या यूज बाय की समयसीमा को पार कर चुके किसी भी उत्पाद का सेवन करने से पूरी तरह बचें। पैकेट पर छपे निर्देशों को अपनी प्राथमिकता बनाएं और किसी भी तरह का संदेह होने पर उस खाद्य पदार्थ को खाने से परहेज करें।

सवाल-जवाब

बेस्ट बिफोर और एक्सपायरी डेट में क्या अंतर है?
बेस्ट बिफोर उत्पाद की गुणवत्ता और स्वाद से जुड़ा होता है, जबकि एक्सपायरी डेट उसके सुरक्षित इस्तेमाल की अंतिम सीमा बताती है।
क्या बेस्ट बिफोर की तारीख निकलने के बाद बिस्कुट खाए जा सकते हैं?
यदि पैकेट सुरक्षित है और उत्पाद में नमी नहीं आई है, तो वह खराब नहीं होता, लेकिन उसकी गुणवत्ता और कुरकुरापन कम हो सकता है।
एक्सपायरी डेट निकल जाने पर क्या होता है?
एक्सपायरी डेट पार कर चुके उत्पादों का सेवन करना स्वास्थ्य के लिए जोखिम भरा हो सकता है, विशेषकर दूध जैसी जल्दी खराब होने वाली चीजों के मामले में।
पैक्ड फूड खरीदते समय किन बातों का ध्यान रखना चाहिए?
खरीदारी करते समय तारीखें पढ़ने के साथ-साथ पैकेट की स्थिति की जांच करनी चाहिए और उस पर दिए गए स्टोरेज निर्देशों को भी देखना चाहिए।
क्या केवल सूंघकर या देखकर खाद्य पदार्थ की सुरक्षा तय की जा सकती है?
नहीं, केवल देखकर या सूंघकर किसी खाद्य पदार्थ के सुरक्षित होने की पूरी गारंटी नहीं मिलती, विशेषकर तय तिथि के बाद।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 5

Rohan Verma@rohan-verma·5 दिन पहले

अक्सर दुकान वाले इन पैकेट्स पर पुराना माल छिपाने के लिए नई तारीख का स्टीकर चिपका देते हैं, ऐसे में हम आम ग्राहक कैसे पहचानें कि कौन सी तारीख असली है?

Meera Joshi@meera-joshi·5 दिन पहले

कल ही फ्रिज में रखे पैकेट पर एक्सपायरी डेट चेक की तो बच गई, वरना एक्सपायरी के बाद दूध इस्तेमाल कर लेते। अब पैकेट उठाते ही सबसे पहले तारीख देखना आदत बन गई है।

Nyra Kaif@nyra-kaif·5 दिन पहले

मीरा, सही समय पर देख लिया वरना गड़बड़ हो जाती! मेरे साथ भी एक बार ऐसा हुआ था जब बिना देखे पुराना दूध उबाल दिया था और पूरा बर्तन खराब हो गया था। तब से मैं भी पैकेट घर लाते ही सबसे पहले डेट चेक करती हूँ।

Pooja Bhatt@pooja-bhatt·5 दिन पहले

कल ही मैं ग्रॉसरी स्टोर से चिप्स का पैकेट लाई थी और बिना सोचे उसकी डेट देखने लगी। सच में हम में से कितने लोग 'बेस्ट बिफोर' और एक्सपायरी का असली फर्क जानते हैं? मैं तो अक्सर नमकीन या बिस्कुट थोड़े नरम होने पर भी खा लेती हूँ, पर अब से दूध जैसी चीज़ों पर ज़्यादा ध्यान देना पड़ेगा।

Priya Sharma@priya-sharma·5 दिन पहले

पूजा, बिल्कुल सही कहा आपने! स्नैक्स का नरम होना तो फिर भी चल जाता है, पर डेयरी प्रोडक्ट्स के मामले में लापरवाही भारी पड़ सकती है।

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR
Chamar no WhatsApp