रसोई में खाना बनाते वक्त जरा सी जल्दबाजी या ध्यान भटकने से दाल में नमक का अनुपात बिगड़ जाना बेहद स्वाभाविक बात है। जब पूरी मेहनत से तैयार की गई दाल पकने के बाद चखी जाती है और उसमें नमक तेज निकलता है, तो कई बार निराशा होती है और समझ नहीं आता कि भोजन को कैसे ठीक किया जाए। अधिकांश लोग ऐसी स्थिति में दाल को बेकार समझ लेते हैं या दोबारा नई दाल पकाने का भारी झंझट उठाने लगते हैं। हालांकि पूरी डिश को फेंकने या दोबारा शुरू से बनाने की कोई जरूरत नहीं होती, क्योंकि रसोई में रोज इस्तेमाल होने वाली कुछ सामान्य सामग्रियों की मदद से ही दाल के बिगड़े स्वाद को आसानी से संतुलित किया जा सकता है।
स्वाद का आकलन करके सही तरीका चुनें
नमक की अधिकता को ठीक करने से पहले यह जांचना जरूरी है कि समस्या किस स्तर की है। इसके लिए सबसे पहले चम्मच में थोड़ी दाल लेकर अच्छी तरह चखें ताकि यह पता चल सके कि नमक हल्का सा तेज है या बहुत अधिक खारापन आ चुका है। इसके साथ ही दाल की कुल मात्रा, उसकी गाढ़ी या पतली बनावट और उसमें इस्तेमाल किए गए अन्य मसालों को भी ध्यान में रखना चाहिए। हर प्रकार की दाल या हर स्थिति में एक ही नुस्खा कारगर नहीं होता, इसलिए सही विकल्प का चुनाव परिस्थिति देखकर ही करें।
उबले आलू के इस्तेमाल से कम करें खारापन
दाल में अतिरिक्त नमक को कम करने के लिए उबला हुआ आलू सबसे सरल और असरदार घरेलू नुस्खों में से एक माना जाता है। इस उपाय को आजमाने के लिए एक या दो उबले आलू लें, उनका छिलका उतारें और उन्हें थोड़े बड़े टुकड़ों में काट लें। इन टुकड़ों को नमकीन दाल में डालकर धीमी आंच पर लगभग 10 से 15 मिनट तक पकने दें। जब आलू दाल के साथ मंद आंच पर उबलता है, तो वह दाल के स्वाद को सोखने और बदलने लगता है, जिससे नमक की तीखी अनुभूति काफी हद तक कम हो जाती है। यदि घर में किसी को दाल में आलू के टुकड़े पसंद न हों, तो दाल के पक जाने के बाद आप इन टुकड़ों को कलछी से बाहर निकाल सकते हैं। वहीं दूसरी तरफ, यदि आलू को दाल में ही छोड़ दिया जाए, तो इससे दाल गाढ़ी भी हो जाएगी और उसके स्वाद में भी एक नयापन आ जाएगा।
दाल की कुल मात्रा या गर्म पानी बढ़ाकर बनाएं संतुलन
यदि दाल में नमक बहुत ज्यादा पड़ गया हो और सामान्य उपायों से काम न बन रहा हो, तो दाल का कुल आयतन बढ़ाना सबसे अधिक व्यावहारिक और समझदारी भरा कदम है। अगर रसोई में पहले से थोड़ी सादी पकी हुई दाल बिना नमक की रखी हो, तो उसे इस तेज नमक वाली दाल में मिला दें। ऐसा करने से नमक पूरी दाल में समान रूप से बंट जाता है और उसका स्वाद पूरी तरह सामान्य हो जाता है। यदि आपके पास पहले से पकी हुई अतिरिक्त दाल उपलब्ध नहीं है, तो दाल में थोड़ा सा गर्म पानी मिलाकर उसे कुछ मिनटों तक अच्छी तरह उबाल लें। पानी डालते समय इस बात का विशेष ध्यान रखें कि बहुत अधिक पानी डालने से दाल जरूरत से ज्यादा पतली और बेस्वाद हो सकती है। इसलिए एक बार में ढेर सारा पानी डालने के बजाय थोड़ा-थोड़ा करके गर्म पानी मिलाएं और बीच-बीच में दाल को चखते रहें। जब नमक सही अनुपात में आ जाए और आपको दाल का स्वाद थोड़ा फीका लगे, तो अंत में बिना नमक का एक हल्का तड़का लगाया जा सकता है, जिससे दाल फिर से ताजी और जायकेदार बन जाएगी।
नींबू का रस और ताजी मलाई का प्रयोग
जब दाल में नमक का स्तर केवल थोड़ा सा ही ज्यादा हुआ हो, तो उसे ठीक करने के लिए खटास या चिकनाई का सहारा लिया जा सकता है। इसके लिए दाल पूरी तरह पक जाने के बाद उसमें थोड़ी सी मात्रा में ताजे नींबू का रस निचोड़ें और अच्छी तरह मिला दें। नींबू का रस दाल में एक हल्का खट्टापन और ताजगी जोड़ता है, जिससे जीभ पर नमक का तेज अहसास दब जाता है और स्वाद संतुलित लगने लगता है। इसके अलावा अरहर या मूंग जैसी दालों में थोड़ी ताजी मलाई मिलाना भी एक बेहतरीन विकल्प है। ताजी मलाई मिलाने से दाल का स्वाद बेहद मुलायम, मखमली और क्रीमी हो जाता है, जो नमक के असर को हल्का कर देता है। हालांकि मलाई का यह नुस्खा हर दाल की बनावट के साथ मेल नहीं खाता, इसलिए मलाई का चयन दाल की प्रकृति को ध्यान में रखकर ही करें।
गलत तरीकों से बचें और अपनाएं सही तरकीब
नमक को संतुलित करते समय कुछ बातों से बचना चाहिए। कई बार लोग नमक के असर को काटने के लिए उसमें बहुत अधिक मात्रा में चीनी डालने की गलती कर बैठते हैं, जिससे दाल का मूल स्वाद बिगड़ जाता है और वह मीठी हो जाती है। चीनी जैसी चीजों से स्वाद बदलने के बजाय दाल को पतला करना या उसकी मात्रा बढ़ाना ही सबसे सही तरीका है। अगर नमक थोड़ा तेज है तो नींबू या मलाई आजमाएं, बहुत ज्यादा खारापन है तो बिना नमक की दाल या पानी मिलाएं, और यदि दाल को गाढ़ा बनाए रखना है तो उबले आलू का सहारा लें।
भविष्य में नमक ज्यादा होने से ऐसे बचें
खाना बनाते समय सावधानी बरतना ही सबसे बड़ा उपाय है। जब भी दाल बनाएं, नमक को एक साथ पूरा डालने के बजाय थोड़ा-थोड़ा करके डालें। दाल के पूरी तरह पक जाने के बाद उसका स्वाद चखें और जरूरत महसूस होने पर ही थोड़ा और नमक मिलाएं। विशेष रूप से जब आप प्रेशर कुकर में दाल बना रहे हों, तब पानी और अन्य सामग्रियों के अनुपात का पूरा ध्यान रखें। इस छोटी सी आदत को अपनी दिनचर्या में शामिल करने से भोजन में नमक ज्यादा होने की समस्या से हमेशा बचा जा सकता है।


















