सुबह की भागदौड़ में अक्सर चाय का प्याला हाथ में लिए लोग टीवी के सामने खड़े रहते हैं या बेडरूम से मुख्य कमरे के चक्कर काटते नजर आते हैं। जब दिन की शुरुआत इतनी अफरातफरी में होती है, तो घर चाहे जितना भी खूबसूरत सजा हो, सुबह का असल आनंद कहीं खो जाता है। इसी तनाव और जल्दबाजी से बचने के लिए आजकल घरों के इंटीरियर में एक शांत और खास कोने की मांग तेजी से बढ़ रही है। किसी खुली खिड़की के पास रखी एक छोटी सी मेज, दो आरामदायक कुर्सियां और हल्की धूप से रोशन जगह अब सिर्फ नाश्ता करने का जरिया नहीं रही, बल्कि सुकून और ताजगी के एक खास ठिकाने में तब्दील हो चुकी है।
सिनेमा जगत की जानी-मानी हस्तियों के आलीशान आशियानों की तस्वीरों में अक्सर ऐसे शांत और खूबसूरत कोने दिखाई देते हैं। इन तस्वीरों को देखकर कई बार लगता है कि ऐसा इंतजाम सिर्फ विशाल महलों या भारी-भरकम बजट वाले घरों में ही मुमकिन है। हकीकत इससे बिल्कुल अलग है, क्योंकि सही समझदारी और रचनात्मक सोच के साथ एक साधारण और छोटे फ्लैट में भी ऐसा ही मनमोहक स्पेस बड़ी आसानी से खड़ा किया जा सकता है।
क्या है यह खास इनडोर ब्रेकफास्ट स्पेस
इनडोर ब्रेकफास्ट कॉर्नर असल में घर के भीतर बनाया गया एक छोटा, सहज और अनौपचारिक डाइनिंग स्पेस होता है। इसका प्राथमिक मकसद यह होता है कि परिवार के सदस्य सुबह की चाय, कॉफी या हल्का नाश्ता बिना किसी हड़बड़ाहट के शांति से बैठकर ले सकें। आमतौर पर इसे रसोई के पास, डाइनिंग हॉल के किसी अप्रयुक्त हिस्से में या किसी खिड़की के किनारे तैयार किया जाता है।
इस व्यवस्था की सबसे बड़ी खूबी यह है कि इसके लिए किसी अलग कमरे की जरूरत नहीं पड़ती। इसका सीधा उद्देश्य घर के किसी खाली पड़े या बेकार कोने को बेहद उपयोगी और खूबसूरत बनाना होता है। बड़े मकानों में लोग खिड़की के पास स्थाई सिटिंग, गोल मेज और दो से चार कुर्सियों का इस्तेमाल करके इसे भव्य बना लेते हैं। वहीं दूसरी तरफ, छोटे मकानों में दीवार से सटी फोल्डिंग टेबल या एक संकरी कंसोल टेबल लगाकर भी बिल्कुल वही माहौल हासिल किया जा सकता है। इससे मुख्य कमरे की जगह भी नहीं घिरती और घर को एक बिल्कुल नया और खास स्पर्श मिल जाता है।
आलीशान घरों के स्टाइल से क्यों आकर्षित हो रहे हैं लोग
अक्सर मशहूर कलाकारों और हस्तियों के घरों की जो झलकियां सामने आती हैं, उनमें बड़े लिविंग एरिया के साथ-साथ ऐसे छोटे और सलीके से सजे सिटिंग एरिया बेहद आकर्षक लगते हैं। लोगों को यह शैली इसलिए भा रही है क्योंकि यह घर को किसी औपचारिक होटल या रेस्तरां जैसा दिखाने के बजाय बेहद निजी, अपना और आरामदायक एहसास कराती है।
इस तरह के कोने का एक बड़ा व्यावहारिक लाभ यह भी है कि जरूरत और वक्त के हिसाब से इसके उपयोग को बदला जा सकता है। सुबह के वक्त जहां यह नाश्ता करने और अखबार पढ़ने की जगह बनता है, वहीं दोपहर या शाम को यही कोना अपनी पसंदीदा किताब पढ़ने, चाय की चुस्कियां लेने या लैपटॉप पर कुछ जरूरी काम निपटाने के काम भी आ सकता है।
सीमित जगह में सही जगह और फर्नीचर का चुनाव
अगर आपके फ्लैट में जगह की तंगी है, तो सबसे पहले घर का ऐसा कोना तलाशें जहां किसी के आने-जाने का रास्ता न रुकता हो। प्राकृतिक रोशनी वाली खिड़की के पास की जगह इसके लिए सबसे बेहतर मानी जाती है। अगर कमरे में खिड़की का विकल्प मौजूद नहीं है, तो भी परेशान होने की जरूरत नहीं है। दीवार के सहारे एक साधारण टेबल रखकर उसके ठीक ऊपर वॉर्म लाइट वाली एक सुंदर लैंप लगाई जा सकती है, जिससे वहां एक सुखद और उजला माहौल बन सके।
फर्नीचर चुनते वक्त भारी और वजनी कुर्सियों के बजाय हल्की और आसानी से खिसकने वाली कुर्सियां या स्टूल चुनना समझदारी भरा कदम होता है। छोटे कमरों के लिए गोल मेज बहुत मुफीद साबित होती है, क्योंकि इसमें नुकीले कोने नहीं होते और चारों तरफ आसानी से चलने-फिरने की जगह बची रहती है। अगर फर्श पर जगह बहुत ही कम हो, तो दीवार पर फिट होने वाली ड्रॉप-लीफ या फोल्डिंग मेज सबसे बेहतरीन हल है, जिसे काम खत्म होने के बाद वापस दीवार से सटाकर बंद किया जा सकता है।
कम सामान और सही रंगों से निखारे लुक
इस कोने को आकर्षक बनाने के लिए ढेर सारा सजावटी सामान इकट्ठा करने की बिल्कुल जरूरत नहीं होती। मेज पर रखा एक छोटा सा इनडोर पौधा, साधारण टेबल मैट, खूबसूरत सिरेमिक कप और दीवार पर लगा एक सुंदर फ्रेम ही पूरे माहौल को बदल देने के लिए काफी है। बहुत ज्यादा चीजें रखने से वह छोटी सी जगह भरी-भरी और अस्त-व्यस्त लगने लगती है।
रंगों के तालमेल का ध्यान रखना भी जरूरी है। अगर आपके घर की बाकी दीवारों या पर्दों में पहले से गहरे और चटक रंग मौजूद हैं, तो इस कॉर्नर के फर्नीचर के लिए हल्के और न्यूट्रल रंगों का चयन करें। वहीं अगर घर का इंटीरियर बिल्कुल सादा और सफेद है, तो प्राकृतिक लकड़ी की मेज और हल्के रंगों की कुर्सियां उस खाली कोने में गर्माहट और नया आकर्षण घोल सकती हैं।
किफायती बजट और घर में रखे सामान का इस्तेमाल
ऐसा स्पेस तैयार करने के लिए बाजार से नया और महंगा फर्नीचर खरीदना कतई जरूरी नहीं है। घर में पहले से मौजूद किसी पुरानी छोटी टेबल और दो सामान्य कुर्सियों से भी शुरुआत की जा सकती है। पुरानी मेज को अच्छी तरह साफ करके या उस पर कोई नया टेबल रनर बिछाकर उसे बिल्कुल नया रूप दिया जा सकता है।
अगर रसोई के आसपास थोड़ी सी खाली जगह है, तो वहां एक पतली और लंबी टेबल लगाकर उसे तुरंत एक ब्रेकफास्ट जोन बनाया जा सकता है। जरूरत पड़ने पर यही मेज घर के अन्य छोटे-मोटे कामों, सब्जियां काटने या जरूरी सामान व्यवस्थित रखने के लिए भी काम में लाई जा सकती है।
दिखावे से परे, रोजमर्रा की जिंदगी का साथी
इस इनडोर ब्रेकफास्ट स्पेस की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह केवल देखने में सुंदर नहीं लगता, बल्कि घर की रोजमर्रा की जरूरतों से सीधे जुड़ा होता है। सुबह के समय जब हर किसी को दफ्तर, स्कूल या कॉलेज जाने की जल्दी होती है, तब परिवार के लोग यहां चंद मिनट साथ बैठकर बात कर सकते हैं और नाश्ता कर सकते हैं। इसके अलावा, जो लोग घर में अकेले रहते हैं, उनके लिए भी यह जगह दिनभर की थकान के बीच चाय के कप के साथ कुछ पल सुकून से बिताने का एक बेहद प्यारा जरिया बन जाती है।
























