सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म्स पर इन दिनों पुरानी यादों को ताजा करने वाला एक अनूठा डिजिटल ट्रेंड छाया हुआ है। इंटरनेट उपयोगकर्ता अपनी साधारण तस्वीरों को डिजिटल तकनीक की मदद से 1980 के दशक की हिंदी फ़िल्मों के पोस्टर में बदल रहे हैं। इसी क्रम में उत्तर प्रदेश कैडर की बेहद चर्चित आईपीएस अधिकारी आशना चौधरी और उनके पति आईएएस अधिकारी अभिनव सिवाच की एक खास तस्वीर लोगों का ध्यान खींच रही है। दोनों अधिकारियों ने इस लोकप्रिय एआई ट्रेंड में हिस्सा लेते हुए एक काल्पनिक फ़िल्मी पोस्टर साझा किया है, जिसने इंटरनेट पर आते ही धूम मचा दी है।
'दिल के मुसाफिर' नाम से वायरल हुआ काल्पनिक फ़िल्मी पोस्टर
इंस्टाग्राम पर वायरल हो रहे इस ड्रमैटिक पोस्टर का शीर्षक 'दिल के मुसाफिर' रखा गया है। 80 के दशक के रेट्रो लुक, क्लासिक रंग संयोजनों और विंटेज फ़िल्मी शैली में डिजाइन किए गए इस पोस्टर में आईपीएस आशना चौधरी और आईएएस अभिनव सिवाच मुख्य भूमिका में नजर आ रहे हैं। पोस्टर को देखकर एक बारगी ऐसा लगता है मानो बॉलीवुड में किसी नए रोमांटिक दौर की शुरुआत हो रही हो। इस पोस्ट को शेयर करते हुए आशना चौधरी ने कैप्शन में लिखा कि आखिरकार हम सब अपनी जिंदगी के ड्रमैटिक अभिनेता हैं, जो बीते हुए समय को खूबसूरत और रोमांटिक रूप दे रहे हैं। इस पोस्ट के सामने आते ही सोशल मीडिया यूजर्स के बीच यह चर्चा शुरू हो गई कि क्या दोनों अधिकारी प्रशासनिक सेवा छोड़कर अभिनय के क्षेत्र में कदम रख रहे हैं, हालांकि सच यह है कि यह केवल एक मनोरंजक एआई डिजिटल ट्रेंड का हिस्सा है।
मसूरी स्थित अकादमी से शुरू हुई थी दोनों अफसरों की प्रेम कहानी
उत्तर प्रदेश कैडर के इन दोनों प्रतिभावान प्रशासनिक अधिकारियों की निजी जिंदगी भी किसी फ़िल्मी कहानी से कम नहीं है। आईपीएस आशना चौधरी और आईएएस अभिनव सिवाच की पहली मुलाकात उत्तराखंड के मसूरी स्थित प्रसिद्ध लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी (LBSNAA) में प्रशिक्षण के दौरान हुई थी। प्रशिक्षण की अवधि में शुरू हुई यह सामान्य पहचान धीरे-धीरे गहरी दोस्ती में बदली और फिर दोनों के बीच प्यार की शुरुआत हुई। इस रिश्ते को नया मोड़ देते हुए दोनों ने दिसंबर 2025 में शादी के पवित्र बंधन में बंधने का फैसला किया। प्रशासनिक जिम्मेदारियों के साथ-साथ यह जोड़ी सोशल मीडिया पर भी अपनी खूबसूरत बॉन्डिंग के लिए काफी पसंद की जाती है।
हापुड़ से निकलकर मथुरा में एएसपी के पद पर तैनात हैं आशना चौधरी
मूल रूप से उत्तर प्रदेश के हापुड़ जिले की रहने वाली आशना चौधरी ने कठिन मेहनत के बल पर देश की सबसे प्रतिष्ठित प्रशासनिक परीक्षा में सफलता हासिल की। 28 अगस्त 1998 को जन्मी आशना ने बीए ऑनर्स और एमए की उच्च शैक्षणिक डिग्री प्राप्त की है। इसके बाद उन्होंने वर्ष 2022 की यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा में ऑल इंडिया 116वीं रैंक हासिल करके अपने परिवार और गृह जिले का नाम रोशन किया। वर्तमान में वह उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले में सहायक पुलिस अधीक्षक यानी एएसपी (ASP) के पद पर सेवा दे रही हैं। अपने सख्त प्रशासनिक फैसलों और सरल व्यक्तित्व के कारण वह अक्सर सुर्खियों में रहती हैं। इंस्टाग्राम पर उन्हें 3 लाख से ज्यादा लोग फॉलो करते हैं।
कॉर्पोरेट की लाखों की नौकरी छोड़ आईएएस बने अभिनव सिवाच
आशना चौधरी के पति और आईएएस अधिकारी अभिनव सिवाच की सफलता की राह भी बेहद प्रेरणादायक है। वह मूल रूप से हरियाणा राज्य के फतेहाबाद जिले के अंतर्गत आने वाले गोरखपुर गांव के निवासी हैं। अभिनव ने वर्ष 2016 में दिल्ली से बीटेक की पढ़ाई पूरी की और इसके बाद देश के प्रतिष्ठित संस्थान आईआईएम कोलकाता से एमबीए की डिग्री हासिल की। उच्च शिक्षा के बाद उनके पास लाखों रुपये के वेतन पैकेज वाली कॉर्पोरेट नौकरी का विकल्प मौजूद था, लेकिन जनसेवा के लक्ष्य के चलते उन्होंने इसे छोड़ दिया। कड़ी मेहनत के दम पर उन्होंने यूपीएससी परीक्षा में ऑल इंडिया 12वीं रैंक अर्जित की और उत्तर प्रदेश कैडर के आईएएस अधिकारी बने।



















