रसोईघर में दैनिक भोजन तैयार करते वक्त बर्तनों के भीतरी हिस्से की सफाई तो नियमित रूप से हो जाती है, मगर एल्युमिनियम की कड़ाही का निचला और बाहरी हिस्सा लगातार आंच के संपर्क में रहने के कारण धीरे-धीरे काला पड़ जाता है। खाना पकाने के दौरान उड़ने वाले तेल के छोटे छींटे, तेज आंच का प्रभाव और रिसकर जले हुए मसालों की परतें मिलकर बर्तन के तले पर एक बेहद जिद्दी मैल जमा कर देती हैं। इस प्रकार की जमी हुई चिकनाई साधारण बर्तन धोने वाले साबुन से आसानी से दूर नहीं होती। प्रायः लोग इसे छुड़ाने के लिए घंटों जोर लगाकर घिसते रहते हैं, जिसके बावजूद बर्तन अपनी पुरानी चमक हासिल नहीं कर पाता और मैला नजर आता है। ऐसी समस्या से निपटने के लिए रसोई में सहज उपलब्ध घरेलू सामग्रियों के जरिए जमी हुई कालिख को ढीला कर साफ किया जा सकता है।
गर्म पानी, डिटर्जेंट और नमक का पहला चरण
बर्तन के बाहरी हिस्से पर बैठी सख्त और मोटी कालिख को हटाने की प्रक्रिया में सबसे पहला काम उस परत को नरम करना होता है। इसके लिए एक बड़े आकार के पात्र में 3 से 4 गिलास पानी भर लें। अब इस पानी के भीतर थोड़ा डिटर्जेंट पाउडर और एक चम्मच साधारण नमक डालकर अच्छी तरह मिला दें। इस घोल में थोड़ा नींबू का रस भी मिलाया जा सकता है, जो चिकनाई काटने में मददगार बनता है। इस तरल को आंच पर रखकर कुछ समय तक उबलने दें।
जब घोल अच्छी तरह खौल जाए, तब कड़ाही के काले पड़े पिछले हिस्से को इस गर्म पानी के मिश्रण में डुबोकर रख दें। लगभग 15 मिनट तक डूबा रहने से भाप और गर्म घोल के असर से जमी हुई कठोर गंदगी काफी हद तक ढीली और नरम पड़ जाती है। गर्म पानी से कड़ाही को बाहर निकालते वक्त विशेष सावधानी बरतनी चाहिए, ताकि हाथ न जलें; इसके लिए मोटे कपड़े या रसोई के दस्तानों का प्रयोग करना जरूरी है। बर्तन बाहर निकालने के उपरांत उसे सामान्य साफ पानी से धोकर देखें और जो ढीली कालिख बची हो, उसे किसी मुलायम स्क्रबर के सहारे हल्के हाथ से हटाएं। अत्यधिक ताकत लगाकर रगड़ने से बचने की सलाह दी जाती है।
बेकिंग सोडा के लेप से जिद्दी निशानों की सफाई
यदि शुरुआती गर्म पानी के उपचार के पश्चात भी कड़ाही के पिछले हिस्से पर जले हुए काले धब्बे बाकी रह जाते हैं, तो बेकिंग सोडा का इस्तेमाल करना एक उपयोगी कदम है। इसके लिए एक कटोरी में कुछ चम्मच बेकिंग सोडा लें और उसमें आवश्यकतानुसार थोड़ा गुनगुना या गर्म पानी मिलाकर एक गाढ़ा पेस्ट तैयार करें।
तैयार किए गए इस गाढ़े लेप को कड़ाही के काले और जले हुए हिस्सों पर पूरी तरह समान रूप से लगा दें। लेप लगाने के बाद कड़ाही को करीब 20 से 30 मिनट की अवधि के लिए ऐसे ही छोड़ दें, ताकि बेकिंग सोडा की रासायनिक क्रिया मैल की गहराई तक पहुंच सके। निर्धारित समय बीतने पर एक नरम स्क्रबर लेकर उसे बर्तन पर गोल-गोल घुमाते हुए धीरे-धीरे रगड़ें। वृत्ताकार गति में घिसाई करने से जमी हुई परत आसानी से उखड़ जाती है। इसके पश्चात बर्तन को ताजे पानी से भलीभांति धोकर साफ कर लें।
नींबू और डिशवॉश लिक्विड का संयुक्त मिश्रण
चिकनाई और चिपचिपे कालेपन को तेजी से हटाने में नींबू का रस अत्यधिक असरदार माना जाता है क्योंकि इसका अम्लीय गुण मैल के बंधन को कमजोर कर देता है। एक बर्तन में थोड़ा डिशवॉश लिक्विड, ताजा नींबू का रस और बेकिंग सोडा मिलाकर एक मिश्रित पेस्ट तैयार किया जा सकता है।
इस तैयार मिश्रण को कड़ाही के केवल बाहरी और पिछले काले हिस्से पर अच्छी तरह लेप दें। कुछ देर तक इसे बर्तन की सतह पर लगा रहने दें, फिर स्क्रबर की मदद से कोमलतापूर्वक मलें और साफ पानी से प्रक्षालित करें। यदि पहले प्रयास में पूरी कालिख न निकले, तो इस प्रक्रिया को दोबारा दोहराया जा सकता है। एक ही बार में अत्यधिक दबाव डालने की तुलना में धीरे-धीरे और चरणबद्ध तरीके से सफाई करना सतह को सुरक्षित रखने के लिए बेहतर विकल्प है।
एल्युमिनियम फॉयल के इस्तेमाल में जरूरी सावधानी
कई बार घरेलू नुस्खों में बर्तनों की सफाई हेतु एल्युमिनियम फॉयल की गेंद बनाकर स्क्रबर के रूप में उपयोग करने का सुझाव दिया जाता है। यद्यपि एल्युमिनियम की कड़ाही पर फॉयल का प्रयोग करते समय सावधानी बरतना आवश्यक है, क्योंकि अत्यधिक बल लगाकर घिसने से धातु की सतह को नुकसान पहुंच सकता है। किसी भी नए तरीके को पूरे बर्तन पर आजमाने से पूर्व उसके एक छोटे से हिस्से पर परख लेना चाहिए। विशेष रूप से यदि कड़ाही पर किसी प्रकार की सुरक्षात्मक परत या कोटिंग मौजूद हो, तो कठोर स्क्रबर अथवा अधिक घर्षण पैदा करने वाली वस्तुओं के उपयोग से पूरी तरह परहेज करना चाहिए, अन्यथा बर्तन पर स्थायी खरोंचें उभर सकती हैं।
भविष्य में कालिख से बचाव और रखरखाव
कड़ाही की पूरी सफाई संपन्न हो जाने के बाद उसे गीला छोड़ देने के बजाय साफ और सूखे कपड़े से अच्छी तरह पोंछकर सुखा लेना चाहिए। बर्तनों की नियमित देखभाल करने से उनके निचले हिस्से पर मैल और जले हुए तेल की मोटी परत एकत्र होने की आशंका बेहद कम हो जाती है। दैनिक दिनचर्या में यह आसान आदत डाली जा सकती है कि खाना पक जाने के बाद जब कड़ाही पूरी तरह ठंडी हो जाए, तब उसके बाहरी भाग को एक सूखे या हल्के नम कपड़े से पोंछकर रख दिया जाए, जिससे कालिख स्थायी रूप से जमने न पाए।


















