सीतापुर के बिसवां में महंगाई से जाम तक, हर मोर्चे पर परेशान है जनता, प्रशासन से लगाई गुहारअंबाला छावनी में सजी 104 साल पुरानी फूल डोल यात्रा, जन्माष्टमी पर उमड़े श्रद्धालुमिर्जापुर द मूवी के गाने पर विवाद, रैपरिया बालम ने मेकर्स पर बिना अनुमति शूरवीर ट्रैक इस्तेमाल करने का लगाया आरोपकाली पड़ चुकी कड़ाही को कचरे में फेंकने से पहले आजमाएं ये घरेलू नुस्खे, चमक जाएगी जली हुई सतहअजा एकादशी 7 सितंबर को, जानें व्रत और पारण के साथ राहुकाल का सही समयदूध हिलाने पर बनने लगे ज्यादा झाग? FSSAI के इस टेस्ट से घर पर पहचानें डिटर्जेंट मिलावटफिटकरी और गुलाब जल का यह घरेलू नुस्खा आजमाने से पहले जान लें ये जरूरी बातेंगर्मी हो या सर्दी, पानी का तापमान घंटों बनाए रखेंगी ये 5 बॉटल्स, कीमत ₹1,000 से भी कमरात को सोने से पहले नाक में तीन चीज़ों की बूंदें डालने से सर्दी-सिरदर्द में मिलता है आराम, डॉक्टर ने बताया तरीकाजर्मनी के सैक्सोनी-आन्हाल्ट में एग्जिट पोल में एएफडी को मिली बड़ी बढ़त
काली पड़ चुकी कड़ाही को कचरे में फेंकने से पहले आजमाएं ये घरेलू नुस्खे, चमक जाएगी जली हुई सतहट्रेंड्स
6 सित॰ 2026, 10:24 pm (19 मिनट पहले)· 2

काली पड़ चुकी कड़ाही को कचरे में फेंकने से पहले आजमाएं ये घरेलू नुस्खे, चमक जाएगी जली हुई सतह

रोज इस्तेमाल होने वाली कड़ाही का तला जलकर काला पड़ जाए तो उसे फेंकने की जरूरत नहीं, बेकिंग सोडा, डिशवॉश लिक्विड, सफेद सिरका और नींबू जैसी घरेलू चीजों से जिद्दी दाग और चिकनाई आसानी से हटाई जा सकती है.

रसोई में रोजाना इस्तेमाल होने वाली कड़ाही धीरे-धीरे नीचे से काली पड़ जाती है, यह एक आम समस्या है जिससे लगभग हर घर की महिलाएं जूझती हैं. तेज आंच पर पकाते वक्त तेल जल जाए, दूध उबलकर गिर जाए या मसाला तले में चिपक जाए, हर बार सतह पर एक नई परत जम जाती है. पहले-पहल ये निशान स्पंज और साबुन से आसानी से छूट जाते हैं, मगर बार-बार गर्म होने की वजह से यह परत इतनी मजबूती से चिपक जाती है कि रोजमर्रा की सफाई से भी पूरी तरह साफ नहीं होती. बाहरी तले पर जमी यह कालिख कड़ाही को असल उम्र से कहीं ज्यादा पुराना और उपेक्षित दिखा देती है, जिस वजह से कई लोग उसे बदलने या महंगे केमिकल क्लीनर लाने के बारे में सोचने लगते हैं. जबकि हकीकत यह है कि रसोई में मौजूद कुछ आम चीजों से ही यह काम आसानी से हो सकता है.

इससे पहले कि सफाई शुरू की जाए, यह समझना जरूरी है कि हर कड़ाही एक जैसे मटेरियल से नहीं बनी होती. लोहे, स्टील, एल्युमिनियम और नॉन स्टिक कोटिंग वाले बर्तनों पर सफाई के तरीके और उनकी सहनशक्ति अलग-अलग होती है. गलत तरीका अपनाने पर बर्तन पर खरोंच पड़ सकती है या उसकी कोटिंग को नुकसान पहुंच सकता है, इसलिए हर उपाय आजमाने से पहले कड़ाही के मटेरियल को ध्यान में रखना बेहतर रहता है.

ये भी पढ़ें

बेकिंग सोडा का गाढ़ा पेस्ट सबसे पहला उपाय

अगर कड़ाही की सतह पर जले हुए भोजन के निशान या काले धब्बे नजर आ रहे हैं, तो सबसे पहले बेकिंग सोडा का सहारा लिया जा सकता है. एक छोटी कटोरी में कुछ चम्मच बेकिंग सोडा डालकर उसमें हल्का गर्म पानी मिलाया जाता है, ताकि एक गाढ़ा लेप तैयार हो सके. इस लेप को कड़ाही के दागदार हिस्सों पर अच्छी तरह लगाया जाता है, जहां दाग ज्यादा गहरे हैं वहां परत को थोड़ा मोटा रखा जा सकता है. इसे करीब आधे घंटे तक ऐसे ही छोड़ देने से जमी हुई मैल ढीली पड़ने लगती है. उसके बाद मुलायम स्पंज या बर्तन के मुताबिक सही स्क्रबर से हल्के हाथों से रगड़ा जाता है. अगर एक बार में दाग पूरी तरह न छूटे तो इस प्रक्रिया को दोहराया जा सकता है, जोर लगाकर रगड़ने की जरूरत नहीं पड़ती.

चिकनाई ज्यादा हो तो डिशवॉश लिक्विड को साथ में मिलाएं

कई बार परेशानी सिर्फ जले हुए निशानों तक सीमित नहीं रहती, बल्कि तेल और मसालों की मोटी परत भी तले पर जम जाती है. ऐसी स्थिति में बेकिंग सोडा के साथ डिशवॉश लिक्विड मिलाना कारगर साबित हो सकता है. सबसे पहले कड़ाही की गंदी सतह को थोड़ा गीला किया जाता है, फिर उस पर बेकिंग सोडा छिड़ककर डिशवॉश लिक्विड की कुछ बूंदें डाली जाती हैं. स्पंज से दोनों को हल्के हाथों से फैलाकर कुछ देर के लिए छोड़ देना चाहिए, ताकि यह मिश्रण चिकनाई में घुल सके. इसके बाद स्पंज की मदद से पूरी सतह को धीरे-धीरे साफ किया जाता है. डिशवॉश लिक्विड तेल को हटाने में मदद करता है, जबकि बेकिंग सोडा जिद्दी मैल पर असर दिखाता है. सफाई पूरी होने पर कड़ाही को साफ पानी से अच्छी तरह खंगालना जरूरी है, ताकि किसी भी तरह का साबुन या पाउडर बर्तन पर न रह जाए.

बहुत पुराने दाग के लिए सफेद सिरका आजमाया जा सकता है

जिन कड़ाहियों पर सालों पुरानी गंदगी जम चुकी है, वहां सफेद सिरके का इस्तेमाल फायदेमंद हो सकता है. जले हुए हिस्से पर पहले बेकिंग सोडा डाला जाता है और फिर उसके ऊपर थोड़ी मात्रा में सफेद सिरका डाला जाता है. दोनों के मिलते ही झाग बनने लगता है, जो जमी हुई परत को ढीला करने में मदद करता है. इसे कुछ मिनट तक ऐसे ही छोड़ने के बाद मुलायम स्पंज से सतह साफ की जा सकती है, अंत में कड़ाही को पानी से अच्छी तरह धो लिया जाता है. हालांकि यहां सावधानी बरतना जरूरी है, क्योंकि हर बर्तन पर सिरके जैसी अम्लीय चीजें देर तक छोड़ना सही नहीं रहता. खासकर एल्युमिनियम, कास्ट आयरन या किसी खास कोटिंग वाली कड़ाही के मामले में निर्माता के निर्देशों को देख लेना बेहतर है. वहीं नॉन स्टिक कड़ाही पर सख्त स्क्रबर बिल्कुल इस्तेमाल नहीं करना चाहिए, क्योंकि इससे उसकी कोटिंग उखड़ सकती है.

अंदर से चिपका जला खाना निकालने का तरीका

कभी-कभी भोजन कड़ाही के अंदरूनी हिस्से में इतनी मजबूती से चिपक जाता है कि सीधे रगड़ने पर भी नहीं छूटता. ऐसे मामलों में पहले उस परत को नरम करना समझदारी भरा कदम है. इसके लिए कड़ाही में इतना पानी भरा जाता है कि जला हुआ भाग पूरी तरह डूब जाए, फिर उसमें बेकिंग सोडा मिलाकर पानी को हल्की आंच पर गर्म किया जाता है. यहां तेज उबाल लाने या घंटों गैस जलाए रखने की जरूरत नहीं होती. गुनगुने पानी और बेकिंग सोडा के मेल से चिपकी हुई परत धीरे-धीरे मुलायम पड़ने लगती है. इसके बाद गैस बंद करके कड़ाही को थोड़ा ठंडा होने दिया जाता है, फिर पानी निकालकर मुलायम स्पंज या उपयुक्त स्क्रबर से जली हुई परत को आराम से हटाया जा सकता है. आखिर में डिशवॉश लिक्विड से सामान्य तरीके से धोकर कड़ाही को अच्छी तरह पोंछकर सुखा लेना चाहिए.

हल्के दाग और बदबू के लिए नींबू का इस्तेमाल

अगर कड़ाही पर बहुत गहरी जली हुई परत नहीं है, बल्कि केवल तेल की गंध या मामूली दाग रह गए हैं, तो आधा नींबू भी काम आ सकता है. नींबू को हल्के दाग वाली जगह पर रगड़ने के बाद डिशवॉश लिक्विड से कड़ाही को धो लिया जाता है. इस उपाय को अपनाते समय भी बर्तन के मटेरियल का ध्यान रखना जरूरी है और नींबू को सतह पर बहुत देर तक छोड़ने से बचना चाहिए, क्योंकि अम्लीय तत्व लंबे समय तक संपर्क में रहने पर धातु को नुकसान पहुंचा सकते हैं.

सफाई करते वक्त इन गलतियों से बचें

कड़ाही को जल्दी चमकाने के लालच में कई लोग बहुत सख्त और नुकीले स्क्रबर से रगड़ना शुरू कर देते हैं, जिससे बर्तन की सतह पर खरोंच आ सकती है. नॉन स्टिक कड़ाही के साथ यह गलती और भी महंगी पड़ सकती है, क्योंकि कोटिंग उखड़ने पर उसे जबरन इस्तेमाल करने के बजाय निर्माता की सलाह के मुताबिक बदलना ही सही रहता है. इसी तरह गर्म कड़ाही पर एकदम ठंडा पानी डालने से भी परहेज करना चाहिए, क्योंकि अचानक तापमान बदलने पर कुछ बर्तनों का आकार या सतह प्रभावित हो सकती है. सबसे बेहतर तरीका यही है कि कड़ाही को पहले थोड़ा ठंडा होने दिया जाए और उसके बाद ही सफाई का काम शुरू किया जाए.

सवाल-जवाब

जली हुई कड़ाही साफ करने के लिए सबसे पहले क्या आजमाना चाहिए?
सबसे पहले बेकिंग सोडा और गर्म पानी का गाढ़ा पेस्ट जले हुए हिस्से पर लगाकर 20 से 30 मिनट छोड़ना चाहिए.
तेल और चिकनाई की मोटी परत के लिए क्या तरीका बेहतर है?
बेकिंग सोडा के साथ डिशवॉश लिक्विड मिलाकर सतह पर लगाने से चिकनाई आसानी से हट जाती है.
क्या सफेद सिरका हर तरह की कड़ाही पर इस्तेमाल किया जा सकता है?
नहीं, एल्युमिनियम, कास्ट आयरन या खास कोटिंग वाली कड़ाही पर सिरका इस्तेमाल करने से पहले निर्माता के निर्देश देखना बेहतर है.
अंदर चिपका जला हुआ खाना कैसे निकाला जा सकता है?
कड़ाही में पानी और बेकिंग सोडा डालकर हल्का गर्म करने से चिपका हुआ खाना नरम होकर आसानी से निकल जाता है.
नॉन स्टिक कड़ाही साफ करते समय किस बात का खास ध्यान रखें?
नॉन स्टिक कड़ाही पर सख्त या खुरदरे स्क्रबर का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए, क्योंकि इससे कोटिंग उखड़ सकती है.
गर्म कड़ाही पर ठंडा पानी डालने से बचना क्यों जरूरी है?
अचानक तापमान बदलने से कुछ बर्तनों के आकार या सतह पर बुरा असर पड़ सकता है, इसलिए पहले कड़ाही को थोड़ा ठंडा होने देना चाहिए.
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR