घर की बालकनी या छोटे से बगीचे में विभिन्न प्रकार के मसाले और जड़ी-बूटियां उगाने का क्रेज लगातार बढ़ रहा है। आमतौर पर लोग अपने घरों में धनिया, पुदीना, हरी मिर्च और कढ़ी पत्ता जैसे पौधे आसानी से उगा लेते हैं, लेकिन जब बात लौंग का पौधा लगाने की आती है तो यह प्रक्रिया थोड़ी जटिल साबित होती है। इन दिनों सोशल मीडिया के अलग-अलग प्लेटफॉर्म पर एक अजीबोगरीब गार्डनिंग हैक काफी तेजी से वायरल हो रहा है। इस वायरल दावे में कहा जा रहा है कि अगर आप ताजे प्याज के टुकड़े में सूखी लौंग को गाड़कर मिट्टी में दबा देते हैं, तो महज 15 दिनों के भीतर लौंग की जड़ें निकलने लगती हैं और पौधा उगना शुरू हो जाता है। इस वीडियो और पोस्ट को देखकर कई लोग इसे घर पर आजमाने की कोशिश कर रहे हैं क्योंकि इसमें किसी महंगे केमिकल या बाजार से खरीदे गए रूटिंग पाउडर की आवश्यकता नहीं बताई जा रही है। हालांकि, किसी भी घरेलू प्रयोग को आंख मूंदकर अपनाने से पहले इसकी वानस्पतिक सच्चाई को समझना बेहद आवश्यक है, क्योंकि रसोई में रखी सूखी लौंग से पौधा तैयार होना इतना आसान नहीं होता है।
सोशल मीडिया पर क्यों वायरल हो रहा है प्याज वाला नुस्खा?
इंटरनेट पर शेयर की जा रही वीडियो में यह दिखाया जाता है कि एक ताजा प्याज लें और उसे बीच से काट लें। इसके बाद प्याज के अंदरूनी गूदे वाले हिस्से में मसाले के रूप में इस्तेमाल होने वाली सूखी लौंग को हल्का सा गाड़ दिया जाता है। फिर इस प्याज को मिट्टी से भरे किसी गमले में रखकर ऊपर से हल्की मिट्टी की परत डाल दी जाती है। दावे के अनुसार प्याज के प्राकृतिक गुण लौंग को जल्दी अंकुरित होने में मदद करते हैं। बागवानी का शौक रखने वाले लोगों को यह तरीका इसलिए लुभावना लगता है क्योंकि प्याज आसानी से हर रसोई में मिल जाता है। लोग सोचते हैं कि बिना किसी अतिरिक्त खर्च के वे घर बैठे लौंग का पौधा तैयार कर लेंगे। लेकिन कृषि विशेषज्ञों और बागवानी के जानकारों का मानना है कि इस तरह के प्रयोगों को एक मनोरंजक ट्रॉयल के रूप में तो देखा जा सकता है, लेकिन इसे पौधा उगाने की कोई पक्की गारंटी नहीं माना जा सकता।
क्या सच में प्याज का रस लौंग की जड़ें निकालने में मदद करता है?
इस वायरल तरीके के पीछे यह तर्क दिया जाता है कि प्याज प्राकृतिक रूप से रूटिंग हार्मोन की तरह कार्य करता है। वैज्ञानिक दृष्टि से देखा जाए तो प्याज में कई तरह के पोषक तत्व, एंटीऑक्सीडेंट और सल्फर यौगिक मौजूद होते हैं जो मिट्टी की जैविक संरचना को प्रभावित कर सकते हैं। परंतु, अभी तक किसी भी वैज्ञानिक अध्ययन या शोध में यह सिद्ध नहीं हुआ है कि प्याज का रस या गूदा लौंग जैसी सख्त छाल वाली कली में तेजी से जड़ें निकालने के लिए किसी प्राकृतिक हार्मोन की तरह काम कर सकता है। अगर आप प्याज को गमले की मिट्टी में दबाते हैं तो उल्टा प्याज में मौजूद अधिक नमी के कारण कवक या फफूंद लगने का खतरा बढ़ जाता है। इससे लौंग अंकुरित होने के बजाय सड़ सकती है। इसलिए प्याज को जड़ें निकालने का अचूक उपाय मानना वैज्ञानिक रूप से गलत है।
रसोई वाली सूखी लौंग से पौधा उगाना क्यों है लगभग असंभव?
लौंग का पौधा न उगने के पीछे सबसे बड़ा कारण स्वयं लौंग की प्रकृति है। हम अपनी रसोई में जिस लौंग का उपयोग मसाले के रूप में करते हैं, वह वास्तव में लौंग के सदाबहार पेड़ की सूखी हुई फूल की कली होती है। बाजार में बिक्री के लिए आने से पहले इन कलियों को लंबे समय तक सुखाया जाता है और कई प्रकार के प्रसंस्करण से गुजारा जाता है। सुखाने की इस प्रक्रिया के दौरान लौंग के भीतर मौजूद नमी पूरी तरह समाप्त हो जाती है, जिससे इसके अंकुरण की क्षमता भी खत्म हो जाती है। जब बीज या कली के भीतर जीवित कोशिकाएं ही नहीं बचतीं, तो उसे मिट्टी में दबाने या प्याज में लगाने से भी कोई नया पौधा नहीं निकल सकता। यदि आप सचमुच अपने घर में लौंग का पौधा उगाना चाहते हैं, तो बाजार की सूखी लौंग के स्थान पर किसी प्रामाणिक नर्सरी से ताजा और अंकुरण योग्य बीज प्राप्त करना अनिवार्य है।
लौंग लगाने के लिए सही मिट्टी, गमला और पानी देने का सही तरीका
यदि आप ताजे बीजों या नर्सरी के पौधे के साथ लौंग उगाने का प्रयास कर रहे हैं, तो मिट्टी की गुणवत्ता और जल निकासी पर विशेष ध्यान देना चाहिए। लौंग के पौधे को ऐसी मिट्टी की आवश्यकता होती है जिसमें पानी लंबे समय तक जमा न रहे। इसके लिए आप सामान्य बगीचे की मिट्टी में अच्छी तरह से सड़ी हुई जैविक खाद, थोड़ी रेत या कोकोपीट मिलाकर एक आदर्श मिट्टी का मिश्रण तैयार कर सकते हैं। गमले के निचले हिस्से में जल निकासी के लिए पर्याप्त छेद होने चाहिए ताकि अतिरिक्त पानी आसानी से बाहर निकल सके। मिट्टी में नमी बनाए रखना जरूरी है, लेकिन गमले को पानी से भर देना पौधे के लिए घातक साबित हो सकता है। विशेष रूप से बारिश के मौसम में अधिक पानी देने से बचें, अन्यथा मिट्टी में दबी लौंग और प्याज दोनों में बदबूदार सड़न पैदा हो जाएगी।
15 दिनों में अंकुरण के दावे का वैज्ञानिक विश्लेषण और समाधान
15 दिनों में लौंग की जड़ें निकलने का दावा पूरी तरह से परिस्थितियों पर निर्भर करता है और हर मामले में यह सच नहीं हो सकता। किसी भी बीज के अंकुरित होने की समय-सीमा बीज की ताजगी, आसपास के तापमान, हवा की नमी और मिट्टी की स्थिति पर निर्भर करती है। यदि आपने किराना दुकान वाली सूखी लौंग का उपयोग किया है, तो तीन से चार सप्ताह बीत जाने के बाद भी आपको मिट्टी में कोई बदलाव दिखाई नहीं देगा। ऐसे में बार-बार पानी डालने के बजाय गमले की मिट्टी को खंगालकर बीज की स्थिति जांच लेनी चाहिए। यदि लौंग या प्याज में फफूंद, सड़न या दुर्गंध दिखाई दे, तो उसे तुरंत गमले से बाहर निकालकर फेंक देना चाहिए ताकि आसपास की मिट्टी खराब न हो।
घर पर लौंग का पौधा तैयार करने का सबसे भरोसेमंद विकल्प
यदि आपका अंतिम लक्ष्य अपने घर पर लौंग का एक स्वस्थ और हरा-भरा पौधा तैयार करना है, तो इंटरनेट पर वायरल होने वाले जुगाड़ वाले तरीकों पर समय बर्बाद करने से बचना चाहिए। इसके लिए सबसे व्यावहारिक और भरोसेमंद तरीका यही है कि आप अपने पास की किसी पंजीकृत या विश्वसनीय पौधे की नर्सरी में जाएं और वहां से लौंग की कलम या एक स्वस्थ छोटा पौधा खरीदें। नर्सरी से लाया गया पौधा पहले से ही वातावरण के अनुकूल ढला होता है। इसे घर लाकर हल्की धूप, निरंतर नमी और अच्छी जल निकासी वाली मिट्टी में लगाने से पौधे के तेजी से बढ़ने की संभावना कई गुना बढ़ जाती है।



















