तेलंगाना के कामारेड्डी जिले में इन दिनों एक अनोखा नजारा देखने को मिल रहा है, जहां रचनात्मकता और जरूरत का एक अनूठा मेल सामने आया है। यहाँ एक गैस एजेंसी के संचालक ने अपनी व्यावसायिक इमारत की छत पर बनी सामान्य पानी की टंकी को एक विशाल एलपीजी गैस सिलेंडर का रूप दे दिया है। पहली नजर में यह संरचना किसी बड़े भारत गैस सिलेंडर जैसी प्रतीत होती है, जिसे देखने के बाद राहगीर हैरान रह जाते हैं और यह पूरे क्षेत्र में कौतूहल का केंद्र बन गया है।
सामान्य तौर पर आवासीय और व्यावसायिक भवनों की छतों पर पानी स्टोर करने के लिए प्लास्टिक या सीमेंट की टंकियां स्थापित की जाती हैं। हालांकि, इस गोदाम के मालिक ने अपने व्यवसाय से जुड़ाव दिखाते हुए एक लीक से हटकर प्रयोग किया है। उन्होंने न केवल टंकी को चमकीले लाल रंग से रंगा बल्कि उस पर भारत गैस का आधिकारिक लोगो और सुरक्षा से जुड़े जरूरी निर्देश भी बिल्कुल सटीक तरीके से उकेरे। इसके अलावा, सिलेंडर पर बना एक हंसता हुआ चेहरा इस पूरी संरचना में एक सजीव और मनमोहक भाव पैदा करता है।
आसपास फैले हुए हरे-भरे खेतों और शांत ग्रामीण परिवेश के बीच बनी यह खास इमारत दूर से ही लोगों का ध्यान अपनी ओर खींच लेती है। मुख्य सड़क से आने-जाने वाले यात्री और स्थानीय ग्रामीण जब इस विशालकाय मुस्कुराते हुए सिलेंडर पर नजर डालते हैं, तो वे एक पल के लिए रुक जाते हैं। लोग इस अनूठी निर्माण शैली और गोदाम मालिक की सृजनात्मक सोच की जमकर सराहना कर रहे हैं।
देसी हुनर और अनूठी ब्रांडिंग का बेहतरीन नमूना
देश के तमाम ग्रामीण अंचलों में लोगों द्वारा अपनी पसंद या पेशे के आधार पर मकान की छतों पर हवाई जहाज, ट्रैक्टर या फुटबॉल के आकार की टंकियां बनवाने का शौक पुराना है। कामारेड्डी की यह टंकी उसी पारंपरिक देसी हुनर और व्यावहारिक सूझबूझ की एक शानदार दास्तां कहती है। यह पानी की जरूरत को पूरा करने के साथ-साथ बिना किसी खर्चीले विज्ञापन के गैस एजेंसी के लिए एक बेहतरीन और अनोखी ब्रांडिंग का काम भी कर रही है।



















