भारतीय खानपान की विविधता विदेशी पर्यटकों को हमेशा से अपनी ओर आकर्षित करती रही है। विशेष रूप से जब बात सड़कों पर बिकने वाले चटपटे व्यंजनों की आती है, तो पर्यटकों का उत्साह देखते ही बनता है। तटीय राज्य गोवा में भ्रमण के लिए पहुंची एक रूसी महिला का ऐसा ही एक दिलचस्प अनुभव सामने आया है। स्थानीय भोजनालय में नए जायके की तलाश कर रही इस पर्यटक को जब गोलगप्पे चखने का विकल्प दिया गया, तो उसने स्पष्ट मना कर दिया। हालांकि, इसके तुरंत बाद मिले दूसरे सुझाव ने उसके पूरे खाने के अनुभव को यादगार बना दिया।
गोलगप्पे को नकारा, भेलपूरी पर जताई सहमति
भोजनालय में मौजूद लोगों ने जब महिला से पानी पूरी चखने का आग्रह किया, तो उसने बताया कि उसे यह व्यंजन पसंद नहीं है। इसके बाद उसे हल्के और कुरकुरे स्वाद वाली भेलपूरी आजमाने की सलाह दी गई। इस नए सुझाव को महिला ने तुरंत स्वीकार कर लिया। अपने नाश्ते को और खास बनाने के लिए उसने भेल के साथ गरमा-गरम मसाला चाय का ऑर्डर भी दिया। स्ट्रीट फूड और पारंपरिक चाय की यह जुगलबंदी आमतौर पर भारतीय खानपान की पहचान मानी जाती है, जिसे इस विदेशी सैलानी ने भी आजमाया।
पोहा, चिप्स और सलाद से की स्वाद की तुलना
भेलपूरी की पहली बाइट लेते ही पर्यटक के चेहरे पर संतुष्टि के भाव नजर आए। व्यंजन का अनोखा स्वाद उसे बेहद पसंद आया और उसने इसकी खुलकर तारीफ की। अपने अनुभव को साझा करते हुए उसने भेलपूरी के स्वाद की तुलना पारंपरिक पोहे से की। इसके अलावा, उसने मुरमुरे और कुरकुरे सेव के मेल को सलाद और चिप्स के मिश्रण जैसा बताया। सोशल मीडिया मंच इंस्टाग्राम पर इंडो वाइब चेक नामक हैंडल से साझा किए गए इस वीडियो ने भारतीय स्ट्रीट फूड प्रेमियों के बीच खासी चर्चा छेड़ दी है।
कुरकुरेपन और मसालों का संतुलन है भेलपूरी
भेलपूरी भारत के सबसे लोकप्रिय और पुराने स्ट्रीट फूड्स में शुमार है। यूं तो इसकी जड़ें महाराष्ट्र और विशेषकर मुंबई से जुड़ी हैं, मगर आज यह देश के हर कोने में अपनी अलग पहचान बना चुका है। इसे तैयार करने के लिए हल्के मुरमुरे, बारीक कटे प्याज, पके हुए टमाटर और उबले आलू का इस्तेमाल किया जाता है। इसके ऊपर तीखी हरी चटनी और इमली की खट्टी-मीठी चटनी डाली जाती है। अंत में बेसन के बारीक सेव और मसालों का तड़का इसे कुरकुरा, चटपटा और संतुलित स्वाद प्रदान करता है।
स्वाद के अनुसार बदलाव की सुविधा
इस व्यंजन की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसे हर व्यक्ति अपनी पसंद के हिसाब से तैयार करवा सकता है। जो लोग अधिक तीखा पसंद करते हैं, वे इसमें हरी मिर्च और नींबू का रस बढ़वा लेते हैं, जबकि कम मिर्च पसंद करने वाले लोग मीठी चटनी की मात्रा ज्यादा रखवाते हैं। भेलपूरी को हमेशा तैयार होते ही तुरंत परोसा जाता है, ताकि नमकीन सेव और मुरमुरे की करारी बनावट बरकरार रहे और चटनी के संपर्क में आकर वे नरम न पड़ें।



















