प्राथमिक बाज़ार में मचेगी हलचल जब एक साथ बोली के लिए खुलेंगे जियो प्लेटफॉर्म्स और पारस हेल्थकेयर के नए पब्लिक इश्यूसैमसंग ने फिर हासिल किया पहला स्थान पर भारतीय स्मार्टफोन बाजार में आई दशक की सबसे बड़ी मंदीजापान का केंद्रीय बैंक दिसंबर में बढ़ा सकता है ब्याज दरें, अर्थशास्त्रियों के नए सर्वेक्षण में बड़े नीतिगत बदलाव के संकेतकच्चे तेल में भारी उछाल के बीच डब्ल्यूटीआई 100 डॉलर के पार, वैश्विक समुद्री मार्गों पर गहराया संकटजापानी येन पर बना दबाव, अमेरिकी डॉलर 158.50 के स्तर के पास मजबूत स्थिति मेंकोडरमा में हीरो ग्लैमर एक्स बनी युवाओं की पसंद, कम खर्च और डिजिटल खूबियों की बदौलत खरीदार संतुष्टअमेरिकी डॉलर में सुस्ती से स्विस फ्रैंक मजबूत, क्या 0.8225 का अहम सपोर्ट तोड़ पाएगा यूएसडी सीएचएफज्वार के आटे से गाजीपुर की गीतांजलि ने बनाई खास मिठाई, चीनी के बिना गुड़ से तैयार होती है रेसिपीकच्चे तेल में तेजी और फ्रांस के वित्तीय संकट से यूरो पर दबाव, डॉलर ने की जोरदार वापसीउत्तराखंड के मैदानी इलाकों में गुनगुनी धूप का पहरा, ऊंचे पर्वतीय इलाकों में बर्फबारी और हल्की बारिश की तैयारी
भोजन के बाद भारीपन और एसिडिटी से परेशान लोगों के लिए फिजिशियन ने सुझाए पांच घरेलू उपायस्वास्थ्य
21 अक्तू॰ 2026, 7:06 am (8 मिनट पहले)· 0

भोजन के बाद भारीपन और एसिडिटी से परेशान लोगों के लिए फिजिशियन ने सुझाए पांच घरेलू उपाय

पुणे की डॉक्टर शालिनी सिंह सालुंखे ने भोजन के उपरांत पेट फूलने, खट्टी डकार और गैस की समस्या से बचाव के लिए असरदार घरेलू पेय और जीवनशैली से जुड़े नियम बताए हैं।

भोजन समाप्त करते ही कई लोगों को पेट में भारीपन, खिंचाव और गैस बनने की गंभीर शिकायत होने लगती है। जब यह परेशानी लगातार बनी रहती है तो खट्टी डकारें आने लगती हैं और सीने में तीखी जलन का अनुभव होने लगता है। ऐसे अस्वस्थ पाचन चक्र से राहत पाने के लिए पुणे स्थित इनामदार मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल की इंटरनल मेडिसिन विशेषज्ञ और जनरल फिजिशियन डॉक्टर शालिनी सिंह सालुंखे ने कुछ बेहद असरदार घरेलू नुस्खों और जीवनशैली से जुड़े महत्वपूर्ण नियमों की जानकारी साझा की है। इन उपायों को अपनी दिनचर्या में जोड़कर उदर संबंधी दिक्कतों को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है।

पाचन तंत्र को सुकून देने वाले पांच प्रमुख घरेलू नुस्खे

पेट के भारीपन और गैस्ट्रिक दबाव को कम करने में रसोई में मौजूद कुछ प्राकृतिक चीजें दवा की तरह काम करती हैं। डॉक्टर शालिनी सिंह सालुंखे ने पाचन को सुचारू बनाने के लिए इन पांच विकल्पों के इस्तेमाल की सलाह दी है

ये भी पढ़ें
  • अदरक का गुनगुना पानी: अदरक का पानी पाचन मार्ग में होने वाली असुविधा को शांत करने में सहायक होता है। इसे तैयार करने के लिए एक कप सादे पानी में ताजे अदरक के बारीक टुकड़े डालकर अच्छी तरह उबाल लें। जब यह मिश्रण हल्का गुनगुना रह जाए, तब घूंट-घूंट करके इसका सेवन करें।
  • सौंफ का उबला पानी: पेट की गड़बड़ियों और गैस के निवारण के लिए सौंफ का उपयोग पारंपरिक रूप से किया जाता रहा है। एक कप पानी में एक चम्मच सौंफ डालकर खौलाएं और फिर इस काढ़े को छानकर पिएं। यह उदर की मांसपेशियों को आराम देने में मददगार होता है।
  • आहार में पके केले का उपयोग: केला फाइबर का एक बेहतरीन प्राकृतिक स्रोत माना जाता है, जिसे दैनिक संतुलित खानपान में आसानी से शामिल किया जा सकता है। इसमें मौजूद घुलनशील फाइबर आंतों की क्रियाशीलता को दुरुस्त रखते हैं और नियमित मल त्याग को बनाए रखने में सीधी मदद करते हैं।
  • जीरे का अर्क युक्त पानी: भोजनोपरांत पेट के भारीपन से जूझ रहे व्यक्तियों को जीरे का पानी पीने से तुरंत हल्कापन महसूस हो सकता है। इसे बनाने की विधि बेहद सरल है, जिसमें एक कप खौलते पानी में आधा चम्मच जीरा पकाया जाता है और फिर छानकर उस गुनगुने जल का घूंट लिया जाता है।
  • कैमोमाइल टी का सेवन: कैमोमाइल टी एक लोकप्रिय हर्बल चाय है, जिसका हल्का प्रभाव शरीर और पाचन तंत्र को शिथिलता प्रदान करता है। भोजन के बाद होने वाली बेचैनी, भारीपन और पाचन मार्ग की जटिलताओं को दूर करने के लिए कई लोग इस चाय को पीना पसंद करते हैं।

भोजन के तौर-तरीकों में सुधार भी है बेहद आवश्यक

सिर्फ घरेलू उपचार अपनाने से पूरी राहत मिलना संभव नहीं है, जब तक कि भोजन करने की मूल आदतों में सुधार न किया जाए। डॉक्टर के अनुसार, खाना हमेशा शांति से और धीरे-धीरे चबाकर खाना चाहिए, क्योंकि जल्दबाजी में निगलने से पेट में हवा अधिक मात्रा में प्रवेश कर जाती है, जिससे गैस का दबाव बढ़ता है।

इसके साथ ही, खाना समाप्त होते ही तुरंत बिस्तर पर लेट जाने की आदत पाचन तंत्र को सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचाती है। भोजन ग्रहण करने के बाद कम से कम दस से पंद्रह मिनट तक हल्की गति से टहलना पाचन क्रिया को तेज करता है। इसके अलावा, रात के खाने का समय शाम सात बजे से पहले तय करना पेट की सेहत के लिए अत्यंत लाभकारी साबित होता है, जिससे शरीर को भोजन पचाने का पर्याप्त समय मिल जाता है।

सवाल-जवाब

खाना खाने के बाद पेट में गैस और भारीपन क्यों महसूस होता है?
भोजन बहुत जल्दी निगलने, ठीक से न चबाने या खाने के तुरंत बाद निष्क्रिय होकर लेट जाने से पेट में गैस और भारीपन बनने लगता है।
अदरक का पानी पेट के लिए किस तरह तैयार करना चाहिए?
एक कप पानी में अदरक के टुकड़े डालकर खौलाएं और फिर गुनगुना रहने पर धीरे-धीरे घूंट लेकर पिएं।
सौंफ और जीरे का पानी गैस में कैसे राहत पहुंचाते हैं?
सौंफ और जीरे को पानी में उबालकर पीने से पाचन तंत्र को आराम मिलता है और पेट में जमा गैस व भारीपन तेजी से कम होता है।
भोजन के बाद कितनी देर टहलना उपयोगी माना गया है?
खाना समाप्त करने के तुरंत बाद दस से पंद्रह मिनट की हल्की सैर करने से पाचन सुचारू होता है।
रात का भोजन किस समय तक कर लेने की सलाह दी गई है?
पाचन क्रिया को स्वस्थ रखने और एसिडिटी से बचने के लिए रात का खाना शाम सात बजे से पहले खा लेना चाहिए।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR
Chamar no WhatsApp