दुनिया के किसी भी नए देश में कदम रखने पर वहां की जीवनशैली और सामाजिक व्यवस्था इंसान को धीरे-धीरे अपने रंग में ढालने लगती है। भारत एक ऐसा देश है जहां आने वाले विदेशी पर्यटक और प्रवासी यहां के समृद्ध अनुभवों और अनूठे सामाजिक ढांचे में पूरी तरह रच-बस जाते हैं। आज के आधुनिक दौर में विदेशी नागरिक भारत से जुड़े अपने अनुभवों को सोशल मीडिया के जरिए दुनिया के सामने बेझिझक रख रहे हैं। इसी कड़ी में भारत में एक लंबा समय गुजार चुकीं पोलैंड की निवासी डोमिनिका पटालास कालरा की एक सोशल मीडिया पोस्ट खूब ध्यान खींच रही है। उन्होंने अपने व्यक्तिगत अनुभवों के आधार पर उन 15 खास आदतों को सूचीबद्ध किया है, जिन्हें अपनाना केवल और केवल भारत में ही संभव है।
विदेश से आकर भारत के रंग में रंगीं डोमिनिका
डोमिनिका पटालास कालरा ने अपने आधिकारिक इंस्टाग्राम अकाउंट के माध्यम से अपनी इस खास फेहरिस्त को नेटिजन्स के साथ साझा किया। अपनी पोस्ट में उन्होंने बेहद ईमानदारी से स्वीकार किया कि जब वे पहली बार भारत आई थीं, तब यहां का माहौल, लोगों का रहन-सहन और सांस्कृतिक भिन्नताएं देखकर उनका मन थोड़ा असहज और अजीब हो गया था। हालांकि जैसे-जैसे वक्त बीता, वे भारतीय जीवनशैली की बारीकियों को समझने लगीं। भारत के लोगों के खुलेपन और अपनापन भरे व्यवहार ने उनका दिल जीत लिया और वे इस देश की संस्कृति से प्यार कर बैठीं। इसके बाद उन्होंने अपनी दिनचर्या में कुछ ऐसी दिलचस्प गतिविधियों को शामिल कर लिया, जिन्हें वे केवल भारत की धरती पर ही करना पसंद करती हैं।
सड़क किनारे की चाय से लेकर बिन बुलाए रिश्ते: 15 अनूठी आदतें
डोमिनिका की बनाई गई इस लिस्ट में भारतीय समाज की छोटी-छोटी रोजमर्रा की ऐसी बातें शामिल हैं, जो यहां रहने वालों के लिए तो सामान्य हैं, लेकिन किसी विदेशी के लिए अनोखा अनुभव बन जाती हैं। उनके अनुसार भारत में वे निम्नलिखित काम बेझिझक कर सकती हैं
- खान-पान और हाइजीन: भारत में स्वच्छता या हाइजीन की अत्यधिक चिंता किए बिना कहीं भी स्वादिष्ट भोजन का आनंद लिया जा सकता है।
- ऑटो ड्राइवर से तुरंत पहचान: ऑटो में बैठने के महज 30 सेकेंड की बातचीत में ही किसी भी ऑटो चालक के साथ सहज होकर सफर तय किया जा सकता है।
- पैदल सड़क पार करना: तेज रफ्तार ट्रैफिक की ज्यादा परवाह किए बिना अन्य पैदल यात्रियों के समूह के साथ मिलकर आसानी से सड़क क्रॉस की जा सकती है।
- टपरी की चाय: सड़क किनारे स्थित किसी भी छोटी चाय की दुकान या टपरी से बेझिझक गरमा-गरम चाय पी जा सकती है।
- अन्जान लोगों से रास्ता पूछना: रास्ते में चलते हुए किसी भी अनजान व्यक्ति से सही दिशा पूछकर आगे बढ़ा जा सकता है।
- बिना झिझक किसी के घर जाना: बिना किसी पूर्व योजना या संकोच के सीधे किसी के भी घर में दाखिल हुआ जा सकता है।
- अन्जान आंटी के व्यक्तिगत कमेंट्स: कोई भी अनजान आंटी बिना झिझक आपके करियर, शादी के फैसले या शारीरिक वजन पर टिप्पणी कर सकती है।
- तीखे खाने की चुनौती: बेहद तीखा और मसालेदार भोजन करने के बाद भी मुस्कुराकर यह कहा जा सकता है कि यह खाना ज्यादा तीखा नहीं है।
- भीड़भाड़ वाला सफर: ऑटो, बस या ट्रेन में अन्य सवारियों के साथ सटकर बैठा जा सकता है, जहां पर्सनल स्पेस नाम की कोई अवधारणा महसूस नहीं होती।
- आधी रात का भोजन: देर रात या आधी रात के वक्त बेझिझक खाना खाया जा सकता है और इसे पूरी तरह सामान्य दिनचर्या माना जा सकता है।
- अन्जान शादी में शिरकत: किसी ऐसी शादी का हिस्सा बना जा सकता है, जहां आप दूल्हा-दुल्हन या मेहमानों में से लगभग किसी को नहीं जानते।
- पड़ोसियों से खाना स्वीकारना: पड़ोसियों की तरफ से आए खाने को सहर्ष स्वीकार करना पड़ता है, क्योंकि इनकार करने पर उनका अपमान माना जाएगा।
- रिश्तों के संबोधन का प्रयोग: समाज में किसी भी अपरिचित व्यक्ति को भैया, दीदी, अंकल या आंटी कहकर संबोधित किया जा सकता है।
- चाय की दुकान पर लंबी महफिल: सड़क किनारे चाय के स्टॉल पर बिना किसी जल्दी के घंटों बैठकर समय बिताया जा सकता है।
- समय का भारतीय अंदाज़: गंतव्य से काफी दूर होने के बावजूद फोन पर निश्चिंत होकर यह कहा जा सकता है कि मैं बस पांच मिनट में पहुंच रही हूं।
सोशल मीडिया पर यूज़र्स की मजेदार और भावुक प्रतिक्रियाएं
डोमिनिका ने अपनी पोस्ट के अंत में बड़े ही स्नेहपूर्ण लहजे में लिखा कि भारत के नियम और कायदे बाकी दुनिया से पूरी तरह अलग और अनोखे हैं। उनकी इस पोस्ट के वायरल होते ही सोशल मीडिया यूज़र्स ने भी जमकर अपनी प्रतिक्रियाएं दीं। एक यूज़र ने कमेंट करते हुए लिखा कि समय वाली आखिरी बात तो शत-प्रतिशत सच है। एक अन्य यूज़र ने खुशी जताते हुए लिखा कि उन्हें यह देखकर बेहद अच्छा लगा कि पोलिश महिला ने भारत के आत्मीय और अपनापन भरे व्यवहार का अनुभव किया। एक तीसरे यूज़र ने चुटकी लेते हुए कहा कि भारत में ऐसी आदतों की सूची अभी और भी लंबी हो सकती है।
भारतीय समाज की आत्मीयता और अनूठा ताना-बाना
ऑनलाइन चर्चा के दौरान एक यूज़र ने गहराई से बात समझते हुए लिखा कि ये तमाम काम केवल भारत में ही संभव हैं, क्योंकि यहां पूरे समाज को एक बड़े परिवार की तरह माना जाता है। वहीं एक अन्य व्यक्ति ने ऑटो में बिना पर्सनल स्पेस के बैठने वाले अनुभव पर चुटकी लेते हुए लिखा कि कई बार यह स्थिति थोड़ी ज्यादा हो जाती है, हालांकि हमें यात्रियों की सुविधा का ध्यान रखना चाहिए। डोमिनिका का यह अनुभव साफ दर्शाता है कि भारतीय समाज की अनौपचारिकता, गर्मजोशी और मेलजोल की संस्कृति किस तरह विदेश से आए लोगों को भी अपना मुरीद बना लेती है।


















