देशभर की मंडियों और खुदरा बाजारों में प्याज की बढ़ती कीमतों पर अंकुश लगाने के लिए केंद्र सरकार ने बड़े पैमाने पर हस्तक्षेप शुरू किया है। इसी कड़ी में 800 मीट्रिक टन प्याज लेकर विशेष 'कांदा एक्सप्रेस' ट्रेन दिल्ली के आदर्श नगर रेलवे स्टेशन पर पहुंची है। बाजार में प्याज की दरें 55 से 60 रुपये प्रति किलो तक पहुंच जाने के कारण आम उपभोक्ताओं को राहत देने के उद्देश्य से सरकार ने 35 रुपये प्रति किलो की रियायती दर पर बिक्री शुरू की है।
आजादपुर मंडी और खुदरा केंद्रों तक पहुंचेगी सप्लाई
कांदा एक्सप्रेस से आई इस विशाल खेप में से प्याज का एक बड़ा हिस्सा दिल्ली की प्रसिद्ध आजादपुर मंडी में भेजा जा रहा है। वहां से इसे राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) के प्रमुख खुदरा बाजारों और मोबाइल वैन के जरिए सीधे उपभोक्ताओं तक पहुंचाया जाएगा। बाजार भाव से लगभग 18 प्रतिशत सस्ती दरों पर प्याज उपलब्ध कराने की योजना से लोगों की रसोई के बजट पर पड़ रहा दबाव कम होने की उम्मीद है।
दिल्ली-एनसीआर समेत इन राज्यों को मिलेगी राहत
सब्सिडी वाली दर पर प्याज की बिक्री केवल दिल्ली तक सीमित नहीं रहेगी। केंद्र सरकार की इस पहल का विस्तार नोएडा, गाजियाबाद, वाराणसी और चंडीगढ़ जैसे शहरों तक किया जा रहा है। इन सभी स्थानों पर 35 रुपये प्रति किलो की दर से प्याज की उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है, ताकि त्योहारी मौसम और मांग के समय आम जनता को महंगाई की मार न झेलनी पड़े।
कीमतों को नियंत्रित करने के लिए सरकारी कदम
हाल के हफ्तों में आपूर्ति श्रृंखला प्रभावित होने के कारण कई शहरों में प्याज के दाम उछलकर 60 रुपये प्रति किलो के स्तर पर पहुंच गए थे। सरकार के पास मौजूद बफर स्टॉक से कांदा एक्सप्रेस जैसी मालगाड़ियों के जरिए प्याज की त्वरित डिलीवरी की जा रही है, जिससे प्रमुख मांग केंद्रों में आवक तेज हो सके और स्थानीय व्यापारियों द्वारा की जाने वाली जमाखोरी या मुनाफाखोरी पर रोक लगाई जा सके।



















