नाश्ते की थाली में पारंपरिक आलू या गोभी के पराठे की जगह हरी पत्तियों की ताजगी शामिल करना खाने का स्वाद और पोषण दोनों बढ़ा देता है। सहजन यानी मोरिंगा की कोमल पत्तियों से बना पराठा रसोई में बहुत कम मसालों और बेहद आसान सामग्री के साथ झटपट तैयार किया जा सकता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खानपान की पसंद से जुड़ी होने के कारण यह पौष्टिक रेसिपी हमेशा लोगों के बीच उत्सुकता का विषय बनी रहती है। सोशल मीडिया पर शेफ और डिजिटल क्रिएटर मनीषा अग्रवाल ने भी इस खास पराठे की विधि साझा की है, जिसके चलते लोग इसे अपने दैनिक भोजन में शामिल करने को लेकर काफी दिलचस्पी दिखा रहे हैं।
मोरिंगा पराठा तैयार करने के लिए जरूरी सामग्री
इस स्वादिष्ट और सेहतमंद पराठे को पकाने के लिए किसी विशेष या दुर्लभ सामग्री की जरूरत नहीं होती। घर की रसोई में रोजमर्रा इस्तेमाल होने वाली चीजों से ही इसे आसानी से बनाया जा सकता है। इसे तैयार करने के लिए मुख्य रूप से 1 कप गेहूं का आटा, 1/4 कप बेसन और लगभग 1 कप बिल्कुल ताजी मोरिंगा की पत्तियां आवश्यक होती हैं।
स्वाद को संतुलित करने के लिए इसमें स्वादानुसार नमक मिलाएं। बुनियादी मसालों की बात करें तो हल्दी, लाल मिर्च पाउडर और पेट के लिए लाभकारी अजवाइन का प्रयोग किया जा सकता है। पराठे के तीखेपन और महक को उभारने के लिए थोड़ी कुटी हुई हरी मिर्च तथा बारीक कद्दूकस या कुटा हुआ अदरक डालना बहुत अच्छा रहता है। आटा गूंथते समय उसमें मिलाने तथा पराठे को तवे पर अच्छी तरह सेंकने के लिए जरूरत के मुताबिक घी या कुकिंग तेल की आवश्यकता पड़ती है।
पत्तियों की सफाई और आटा गूंथने की सही विधि
इस रेसिपी की शुरुआत मोरिंगा की पत्तियों को तैयार करने से होती है। सहजन की डंडियों या टहनियों से पत्तियों को सावधानीपूर्वक तोड़कर अलग कर लें। इसके बाद पत्तियों को साफ पानी से दो-तीन बार अच्छी तरह धोना बहुत जरूरी है ताकि उन पर जमी धूल-मिट्टी पूरी तरह साफ हो जाए। धोने के बाद पत्तियों को छलनी या कपड़े पर रखकर कुछ देर छोड़ दें ताकि उनका अतिरिक्त पानी सूख जाए। इसके बाद आप चाहें तो इन पत्तियों को चाकू से बारीक काट सकते हैं या फिर सीधे आटे में मिला सकते हैं।
अब आटा तैयार करने के लिए एक बड़ी परात में 1 कप गेहूं का आटा और 1/4 कप बेसन निकाल लें। इसमें स्वादानुसार नमक, हल्दी, लाल मिर्च पाउडर और अजवाइन डालें। साथ ही कुटी हुई हरी मिर्च, अदरक और साफ की हुई मोरिंगा की पत्तियां भी मिला दें। आटे में लगभग एक चम्मच घी डालकर सभी चीजों को हाथों से अच्छी तरह मिला लें ताकि मोयन बराबर फैल जाए। इसके बाद थोड़ा-थोड़ा पानी डालते हुए सामान्य नरम आटा गूंथ लें। ध्यान रखें कि आटा न तो बहुत सख्त हो और न ही जरूरत से ज्यादा गीला या ढीला रहे। गूंथने के बाद आटे को ढककर कुछ मिनट के लिए रख दें, जिससे आटा अच्छी तरह सेट हो जाता है और लोइयां बेलते समय पराठा फटता नहीं है।
परतदार और कुरकुरा पराठा बेलने व सेंकने का तरीका
तैयार आटे से मध्यम आकार की छोटी-छोटी लोइयां काट लें। एक लोई उठाकर सूखे आटे में लपेटें और चकले पर बेलना शुरू करें। यदि आप पराठे को कुरकुरा और परतदार बनाना चाहते हैं, तो बेली गई गोल रोटी पर चम्मच से थोड़ा सा घी फैलाएं। इसके बाद रोटी को मोड़कर तिकोना या चौकोर आकार दें और फिर से हल्के हाथों से बेलें। इस प्रकार मोड़ने से पराठे के भीतर कई परतें बन जाती हैं, जिससे सेंकने के बाद वह बाहर से खस्ता और अंदर से बेहद नर्म बनता है। इस पराठे को बहुत पतला बेलने की आवश्यकता नहीं होती, बल्कि मध्यम मोटाई में बेलने पर इसका स्वाद सबसे अच्छा खिलकर आता है।
गैस पर तवा रखकर उसे अच्छी तरह गर्म कर लें। गर्म तवे पर बेला हुआ पराठा डालें। धीमी से मध्यम आंच पर कुछ देर पकने दें, जब पराठे की निचली सतह पर हल्के भूरे निशान उभरने लगें तो उसे चिमटे की मदद से पलट दें। अब दोनों तरफ थोड़ा-थोड़ा घी या तेल लगाकर मध्यम आंच पर अच्छी तरह दबाते हुए सेकें। पराठे को तब तक उलट-पलट कर सेकते रहें जब तक कि दोनों तरफ से सुनहरा भूरा रंग न आ जाए और उसकी बाहरी सतह खस्ता न हो जाए। तैयार गरमागरम मोरिंगा पराठे को ताजे दही, घर के बने अचार या तीखी हरी चटनी के साथ परोसें। यह हल्का और तृप्त करने वाला व्यंजन सुबह के नाश्ते से लेकर दोपहर के लंच बॉक्स तक हर समय के लिए उपयुक्त है।
भोजन में सहजन की पत्तियां शामिल करने के फायदे
सहजन यानी मोरिंगा की पत्तियों को पारंपरिक और आधुनिक खानपान में अत्यंत गुणकारी माना जाता है। इन हरी पत्तियों में भरपूर मात्रा में कैल्शियम, आयरन और एंटीऑक्सीडेंट जैसे महत्वपूर्ण पोषक तत्व पाए जाते हैं। यही वजह है कि इन्हें एक बेहतरीन और संतुलित आहार का हिस्सा माना जाता है।
हालांकि किसी भी एक खाद्य पदार्थ या खास रेसिपी को संपूर्ण स्वास्थ्य का एकमात्र इलाज या बीमारियों से बचाव का जादुई साधन मानना उचित नहीं है। स्वस्थ जीवनशैली और पोषण के लिए यह आवश्यक है कि अपनी दैनिक डाइट में विविधता रखी जाए, जिसमें अलग-अलग मौसमी हरी सब्जियां और पौष्टिक खाद्य पदार्थ नियमित रूप से शामिल हों।

















