सड़कों पर चलते समय हमारा ध्यान अक्सर विभिन्न वाहनों पर लगी अलग-अलग रंगों की नंबर प्लेटों पर जाता है। किसी गाड़ी पर बिल्कुल सफेद तख्ती दिखाई देती है, तो किसी पर चमकीला पीला, गहरा हरा या फिर काला रंग नजर आता है। यह रंग कोई दिखावटी पसंद या सजावट का हिस्सा नहीं है, बल्कि गाड़ी के वैध इस्तेमाल और उसकी सटीक श्रेणी को दर्शाने वाला एक कानूनी संकेत है। हमारे देश में गाड़ियों की नंबर प्लेटों की व्यवस्था केंद्रीय मोटर वाहन नियमों के अधीन तय की गई है, ताकि कानून प्रवर्तन एजेंसियों और आम जनता दोनों को गाड़ी का वैधानिक दायरा तुरंत समझ आ सके।
निजी सवारी के लिए सफेद प्लेट की अनिवार्यता
सफेद बैकग्राउंड और उस पर उभरे काले अक्षरों वाली नंबर प्लेट पूरी तरह से निजी वाहनों की पहचान कराती है। रोजमर्रा के पारिवारिक या निजी आवागमन के लिए खरीदी जाने वाली कारें, स्कूटर और मोटरसाइकिलें इसी श्रेणी में आती हैं। इस रंग का सीधा सा वैधानिक अर्थ यह है कि इस वाहन का उपयोग केवल व्यक्तिगत कार्यों के लिए किया जा सकता है। इन गाड़ियों को व्यावसायिक सवारी परिवहन या पैसे लेकर सामान ढोने जैसे कार्यों में लगाने की अनुमति नहीं होती है।
व्यावसायिक गतिविधियों की पहचान है पीला बैकग्राउंड
पीले बैकग्राउंड पर काले अक्षरों वाली प्लेटें व्यावसायिक वाहनों के लिए निर्धारित की गई हैं। सड़कों पर यात्रियों को ले जाने वाली टैक्सियां, कैब, ऑटो रिक्शा, बसें और माल ढोने वाले ट्रक इसी रंग की प्लेट के साथ नजर आते हैं। गाड़ी का विशिष्ट वाणिज्यिक उपयोग और उसका कानूनी स्वरूप उसके आधिकारिक रजिस्ट्रेशन दस्तावेजों तथा उस पर लागू होने वाले वाहन वर्ग के जरिए तय किया जाता है। इससे यह साफ हो जाता है कि वाहन का संचालन राजस्व जुटाने वाली सेवाओं के लिए हो रहा है।
इलेक्ट्रिक मोबिलिटी के लिए हरा रंग
प्रदूषण मुक्त परिवहन को बढ़ावा देने के साथ सड़कों पर इलेक्ट्रिक वाहनों की पहचान के लिए विशेष रूप से हरी नंबर प्लेटें तय की गई हैं। इस वर्ग में भी इस्तेमाल के आधार पर दो स्पष्ट विभाजन किए गए हैं। निजी इस्तेमाल वाली इलेक्ट्रिक गाड़ियों में हरे बैकग्राउंड के साथ सफेद रंग के अक्षरों का इस्तेमाल होता है। वहीं दूसरी ओर, व्यावसायिक स्तर पर चलने वाली इलेक्ट्रिक गाड़ियों में हरे बैकग्राउंड पर पीले रंग के अक्षर दर्ज किए जाते हैं। यह कलर कोडिंग दूर से ही बिजली से चलने वाले वाहनों की शिनाख्त कराने में मदद करती है।
रेंटल और सेल्फ ड्राइव सेगमेंट का काला रंग
काले बैकग्राउंड पर पीले अक्षरों वाली नंबर प्लेटें आमतौर पर कुछ रेंटल या सेल्फ-ड्राइव गाड़ियों पर लगाई जाती हैं। इस अनूठे रंग का मकसद इन विशेष कमर्शियल या किराए की गाड़ियों को सामान्य निजी कारों से बिल्कुल अलग दिखाना होता है। इस श्रेणी की गाड़ियों की वास्तविक स्थिति और संचालन से जुड़े नियम भी उनके आधिकारिक रजिस्ट्रेशन रिकॉर्ड और मौजूदा दिशा-निर्देशों के आधार पर नियंत्रित होते हैं।
विशिष्ट और आधिकारिक श्रेणियों के विशेष नियम
आम जनता द्वारा इस्तेमाल की जाने वाली गाड़ियों के अलावा कुछ खास श्रेणियों के लिए अलग रजिस्ट्रेशन सिस्टम बनाए गए हैं। उदाहरण के तौर पर, राजनयिक यानी डिप्लोमैटिक मिशनों से जुड़े वाहनों के लिए विशिष्ट रजिस्ट्रेशन व्यवस्था लागू रहती है। इसके साथ ही कुछ खास आधिकारिक श्रेणियों की गाड़ियों के लिए भी निर्धारित प्रारूप तैयार किए गए हैं। इन विशेष वाहनों पर लागू होने वाले कायदे-कानून आम निजी या नियमित व्यावसायिक वाहनों से पूरी तरह भिन्न होते हैं।



















