छत पर बगीचा तैयार करना एक सुखद अनुभव है, लेकिन बदलते मौसम की मार झेलना अक्सर नाजुक पौधों के लिए मुश्किल साबित होता है। कड़कड़ाती धूप, मूसलाधार बारिश और ठंडी हवाओं का असर पौधों की सेहत पर सीधा पड़ता है। अगर आप चाहते हैं कि मौसम का मिज़ाज चाहे जैसा भी हो, आपकी छत की रंगत और हरियाली बनी रहे, तो सही पौधों का चुनाव बेहद ज़रूरी है। कुछ ऐसे बेहद मजबूत और सहनशील पौधे हैं जो सख्त से सख्त मौसम को भी झेल लेते हैं और बेहद कम देखभाल में आपकी छत को साल भर सुंदर बनाए रखते हैं।
रंगीन और मजबूत बोगनवेलिया
बोगनवेलिया तेज और कड़क धूप को बेहद पसंद करने वाला पौधा है, जो छत के खुले माहौल के लिए एक आदर्श चुनाव है। इसके चमकीले और रंग-बिरंगे फूल दीवारों, जालियों या रेलिंग के आसपास फैलकर बेहद मनमोहक दृश्य प्रस्तुत करते हैं। इस पौधे को बहुत अधिक पानी देने की जरूरत नहीं होती है। भरपूर धूप और गमले में पानी की अच्छी निकासी की व्यवस्था मिलने पर यह पौधा बिना किसी परेशानी के लंबे समय तक फलता-फूलता रहता है।
सदाबहार का सदाबहार आकर्षण
सदाबहार पौधे का नाम ही इसकी सबसे बड़ी खासियत को बयां करता है। इसके छोटे, सलोने और आकर्षक फूल छत के किसी भी कोने में रंग भर देते हैं। यह पौधा भीषण गर्मी और तेज धूप में भी बहुत अच्छी तरह से वृद्धि करता है। सामान्य और बेसिक देखभाल के साथ ही इसमें लगातार फूल खिलते रहते हैं। इसे गमले में लगाकर आप अपनी बालकनी या रूफटॉप गार्डन के हर कोने को आसानी से सजा सकते हैं।
रसोई और बगीचे का दोस्त करी पत्ता
करी पत्ता केवल भोजन का स्वाद बढ़ाने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह छत के बगीचे की सुंदरता बढ़ाने के लिए भी एक काम की पसंद है। इस पौधे की अच्छी सेहत के लिए पर्याप्त धूप मिलना बेहद आवश्यक है। इसके साथ ही गमले की मिट्टी में जल निकासी की सही व्यवस्था होनी चाहिए। समय-समय पर इसकी छंटाई करते रहने से यह पौधा घना और झाड़ीदार बना रहता है, जिससे आपको घर पर ही हमेशा ताज़ा करी पत्ता भी मिलता रहता है।
ताज़गी और खुशबू से भरपूर लेमनग्रास
लेमनग्रास एक बहुत तेज़ी से फैलने वाली घास प्रजाति का पौधा है जिसे गमलों में बेहद आसानी से उगाया जा सकता है। इसकी पत्तों से आने वाली हल्की नींबू जैसी भीनी सुगंध आसपास के पूरे वातावरण को तरोताजा कर देती है। गर्मी और मानसून के दिनों में इसकी बढ़त बहुत तेज़ होती है। इसे लगाते समय केवल इस बात का ध्यान रखना होता है कि गमले के भीतर पानी जमा न होने पाए।
सदाबहार रंग भरने वाला गुड़हल
गुड़हल यानी हिबिस्कस आपके रूफटॉप गार्डन में जीवंत रंग जोड़ने का बेहतरीन ज़रिया है। पर्याप्त मात्रा में सूरज की रोशनी मिलने पर इसमें बड़े और खूबसूरत फूल खिलते हैं। गर्मियों के दिनों में इसे नियमित रूप से पानी की आवश्यकता होती है, जबकि बारिश के मौसम में इसे अतिरिक्त पानी के जमाव से बचाना आवश्यक है। पौधे में आ चुकी सूखी टहनियों की समय-समय पर कटाई-छंटाई करने से इसमें नए फूल और पत्तियां तेज़ी से निकलती हैं।
सुगंधित और टिकाऊ चंपा
चंपा अपने मनमोहक फूलों और बेहतरीन खुशबू के कारण होम गार्डनिंग के लिए बहुत खास माना जाता है। यह सीधी धूप वाली जगह पर बहुत अच्छी तरह से फलता है। एक बार जब चंपा का पौधा गमले में अच्छी तरह अपनी जड़ें जमा लेता है, तो इसे बहुत कम देखभाल की जरूरत होती है। छत पर किसी बड़े आकार के गमले में चंपा लगाना लंबे समय के लिए एक बेहद शानदार विकल्प साबित होता है।
गुच्छों में खिलने वाला सुंदर रंगन
रंगन या इक्सोरा पौधा अपने घने और सुंदर फूलों के गुच्छों के लिए पहचाना जाता है। इसके लाल, गुलाबी और अन्य चटकीले रंगों के फूल रूफटॉप गार्डन को आकर्षित बनाते हैं। इस पौधे को अच्छी प्राकृतिक रोशनी, संतुलित पानी और पोषक तत्वों से भरपूर मिट्टी की आवश्यकता होती है। उचित देखभाल मिलने पर यह पौधा सालों-साल आपकी छत की खूबसूरती में चार चांद लगाता रहता है।
गमलों का रखरखाव और मौसम के अनुसार देखभाल
कठोर मौसम सहने वाले पौधों का चुनाव करने के साथ-साथ गमलों की सही व्यवस्था करना भी उतना ही महत्वपूर्ण है। छत पर रखे जाने वाले सभी गमलों के तले में पानी निकलने के लिए पर्याप्त छेद होने अनिवार्य हैं। गर्मियों में जब तेज धूप के कारण मिट्टी बहुत जल्दी सूख जाती है, तब पौधों को सुबह तड़के या शाम के समय पानी देना सबसे उत्तम रहता है। वहीं दूसरी ओर, बारिश के दिनों में मिट्टी की नमी जांचे बिना रोजाना पानी डालने की आदत से बचना चाहिए ताकि जड़ें सड़ने न पाएं।



















