त्योहारों का मौसम नजदीक आते ही हर परिवार अपने आशियाने को संवारने और चमकाने की तैयारियों में पूरी शिद्दत से जुट जाता है। घर के बड़े कमरों और हॉल की झाड़-पोंछ तो आसानी से हो जाती है, मगर इस गहमागहमी के बीच कुछ ऐसे अहम हिस्से पीछे छूट जाते हैं जहां मेहमानों की निगाह सबसे पहले जाती है। अगर इन उपेक्षित हिस्सों पर समय रहते ध्यान न दिया जाए, तो कई दिनों की कड़ी मेहनत के बाद भी घर का पूरा निखार सामने नहीं आ पाता। सही योजना के साथ अगर इन 7 खास कोनों को अपनी दिनचर्या में शामिल कर लिया जाए, तो मकान का कोना-कोना चमक उठेगा और त्योहार का आनंद भी कई गुना बढ़ जाएगा।
प्रवेश द्वार और मुख्य गेट की विशेष देखभाल
किसी भी घर का मुख्य प्रवेश द्वार वह पहला स्थान होता है जो बाहर से आने वाले हर व्यक्ति का स्वागत करता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार भी घर के मुख्य द्वार से ही मां लक्ष्मी और सकारात्मक शक्तियों का आगमन माना जाता है। अमूमन लोग भीतरी कमरों की दीवारों और फर्श को चमकाने में इतना व्यस्त हो जाते हैं कि मुख्य गेट के कोनों, चौखटों और नेम प्लेट पर जमी धूल पर ध्यान ही नहीं जाता। इस हिस्से को अच्छी तरह पोंछकर साफ करना बेहद जरूरी है। इसके बाद प्रवेश द्वार पर सुंदर फूलों या पारंपरिक तोरण लगाने से घर का बाहरी रूप पूरी तरह खिल उठता है और आने वाले मेहमानों पर बेहतरीन प्रभाव पड़ता है।
पर्दे और सोफे के कुशन कवर्स की गहरी धुलाई
कमरों में लगे पर्दे और सोफे पर सजे कुशन कवर्स साल भर वातावरण की धूल और मैल को सोखते रहते हैं। जब तक इनकी गहराई से सफाई न की जाए, तब तक कमरे का वातावरण कभी तरोताजा नहीं लग सकता। केवल झाड़-पोंछ देने से इनमें छिपा मैल बाहर नहीं निकलता और घर की भव्यता फीकी दिखने लगती है। त्योहार से कुछ दिन पहले ही सभी खिड़कियों के पर्दों और कुशन के कवर्स को साबुन के पानी में धोकर धूप में सुखा लेना चाहिए। धुले हुए पर्दों की भीनी सुगंध और साफ-सुथरा कपड़ा पूरे लिविंग एरिया के लुक को एक झटके में नया और आकर्षक बना देता है।
सीलिंग फैन और छत की फैंसी लाइट्स की सफाई
ऊंचाई पर होने के कारण पंखे और छत पर लगी लाइट्स अक्सर दैनिक सफाई का हिस्सा नहीं बन पाते। महीनों तक लगातार चलने की वजह से सीलिंग फैन के ब्लेड्स पर ग्रीस और धूल की एक मोटी परत जम जाती है, जो पंखा चलने पर नीचे भी गिर सकती है। इसी प्रकार झूमर, ट्यूबलाइट्स और फॉल्स सीलिंग के बल्बों के कांच पर धूल की परत रोशनी को मंद कर देती है। एक हल्के नम कपड़े की सहायता से पंखों के ब्लेड्स और सभी लाइट फिक्स्चर को साफ कर लेना चाहिए। जब ये उपकरण पूरी तरह साफ होकर जगमगाते हैं, तो पूरे घर में रोशनी का फैलाव पहले से दोगुना महसूस होता है।
रसोई की चिमनी और अलमारियों से चिकनाई हटाना
त्योहारों के दिनों में रसोईघर घर का सबसे व्यस्त केंद्र बन जाता है, क्योंकि यहीं पर कई तरह की मिठाइयां और पारंपरिक पकवान तैयार होते हैं। लगातार पकवान तलने और मसाले छौंकने के कारण किचन की चिमनी, एग्जॉस्ट फैन और लकड़ी या सनमाइका की अलमारियों पर तेल की चिपचिपी परत बैठ जाती है। यह चिकनाई धीरे-धीरे काफी सख्त हो जाती है जिसे साधारण पानी से हटाना मुश्किल होता है। त्योहार की मुख्य शुरुआत से पहले चिमनी के फिल्टर को खोलकर डी-ग्रीज करना और कैबिनेट्स को अंदर और बाहर से पोंछना बेहद आवश्यक है। रसोई स्वच्छ रहने से न सिर्फ खाना बनाना आसान होता है बल्कि हाइजीन भी बरकरार रहता है।
पूजा स्थल और देवी-देवताओं के बर्तनों की विशेष चमक
जिस घर के मंदिर में शुद्धता और भव्यता न हो, वहां उत्सव का माहौल अधूरा सा महसूस होता है। चाहे पूजा घर संगमरमर का बना हो या नक्काशीदार लकड़ी का, उसके हर एक कोने और दराज की सफाई बेहद जरूरी है। इसके अलावा पूजा में उपयोग होने वाले पीतल और तांबे के कलश, घंटी, थाली और दीयों पर समय के साथ कालापन आ जाता है। इन्हें नींबू या पीतांबरी पाउडर की मदद से मलकर दोबारा सोने जैसा चमकाया जा सकता है। जब भगवान का सिंहासन और सभी पात्र पूरी तरह चमकने लगते हैं, तो पूरे वातावरण में एक अद्भुत आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार होने लगता है।
स्विच बोर्ड और दरवाजों के हैंडल को सैनिटाइज करना
घर में सबसे ज्यादा छुई जाने वाली चीजों में बिजली के स्विच बोर्ड और कमरों के दरवाजों के हैंडल शामिल हैं। दिन भर में परिवार के सदस्यों और बाहर से आने वालों के हाथों के स्पर्श से इन पर काले धब्बे और उंगलियों के निशान बन जाते हैं। चूंकि ये आकार में छोटे होते हैं, इसलिए झाड़ू-पोंछा करते वक्त इन पर नजर नहीं जाती, जबकि सोफे पर बैठा कोई भी मेहमान इन्हें तुरंत देख लेता है। किसी कीटाणुनाशक स्प्रे या थोड़े से नम कपड़े की सहायता से इन हैंडल्स और स्विच बोर्ड्स को पोंछने से ये तुरंत नए जैसे चमकने लगते हैं और संक्रमण का खतरा भी टल जाता है।
बालकनी की ग्रिल और खिड़कियों के शीशे
त्योहार की रात जब दीये और रंग-बिरंगी लड़ियां जलाई जाती हैं, तो उनकी मुख्य सजावट खिड़कियों और बालकनी में ही की जाती है। अगर खिड़कियों के शीशे धूल से धुंधले पड़े हों, तो अंदर की रोशनी बाहर तक साफ नहीं चमक पाती। इसलिए खिड़कियों के कांच, उनकी जालियों, लोहे की ग्रिल्स और बालकनी के फर्श को पानी और साबुन से अच्छी तरह धो लेना चाहिए। बालकनी का फर्श और ग्रिल साफ होने के बाद जब वहां कतारबद्ध दीये जलाए जाएंगे, तो उनकी स्वर्णिम आभा दूर-दूर तक फैलेगी और पूरे इलाके में आपके घर की खूबसूरती सबसे अलग नजर आएगी।


















