राजस्थान के सिरोही जिले में पंचायती राज व्यवस्था के भीतर युवाओं की भागीदारी की एक बेहद प्रेरणादायक तस्वीर सामने आई है। आबूरोड पंचायत समिति के तहत आने वाली आमथला ग्राम पंचायत में 21 साल की आदिवासी युवती संगीता कुमारी गरासिया ने सरपंच पद का चुनाव जीतकर जिम्मेदारी संभाली है। संगीता वर्तमान में बीए तृतीय वर्ष की छात्रा हैं और उनके पिता एक स्थानीय औद्योगिक इकाई में दैनिक मजदूर के रूप में काम करते हैं। पढ़ाई जारी रखने के साथ ही उन्होंने अब अपने पूरे गांव के प्रशासनिक और विकास कार्यों की बागडोर अपने हाथों में ली है।
आरक्षण और घर-घर जनसंपर्क से तय हुआ चुनावी सफर
आमथला ग्राम पंचायत में जब सरपंच पद अनुसूचित जनजाति (एसटी) महिला वर्ग के लिए आरक्षित घोषित हुआ, तब संगीता कुमारी गरासिया और उनके परिजनों ने लोकतांत्रिक प्रक्रिया में भाग लेने का निर्णय लिया। नामांकन के पश्चात उन्होंने पारंपरिक रैलियां निकालने के अलावा प्रत्येक मोहल्ले में घर-घर जाकर ग्रामीणों से सीधा संवाद किया और समर्थन मांगा। चुनाव के दिन मतदाताओं ने उन पर गहरा भरोसा जताया। मतगणना संपन्न होने के बाद घोषित परिणामों में संगीता ने 47 मतों के अंतर से जीत दर्ज की। चुनावी आंकड़ों के अनुसार, विजेता संगीता को कुल 836 वोट हासिल हुए, जबकि उनकी मुख्य प्रतिद्वंद्वी प्रत्याशी के खाते में 789 वोट आए थे।
कॉलेज की पढ़ाई के साथ बुनियादी ढांचा सुधारने का संकल्प
संगीता आबूरोड स्थित राजकीय महाविद्यालय से कला वर्ग में स्नातक (बीए) के अंतिम वर्ष की पढ़ाई पूरी कर रही हैं। अपनी उच्च शिक्षा जारी रखने के साथ-साथ वह पंचायत के समग्र उत्थान के लिए योजनाबद्ध तरीके से काम करने का इरादा रखती हैं। उनका प्राथमिक ध्यान गांव की आवश्यक नागरिक सुविधाओं को सुदृढ़ करने पर केंद्रित है। इसमें ग्रामीण सड़कों की मरम्मत, जल निकासी के लिए पक्की नालियों का निर्माण, शुद्ध पेयजल की निरंतर आपूर्ति और निर्बाध बिजली व्यवस्था सुनिश्चित करना शामिल है। जिन मजरों और बस्तियों में मार्ग क्षतिग्रस्त हैं, वहां नई सड़कों का निर्माण कराया जाएगा और जहां अब तक विद्युत लाइनें नहीं पहुंच पाई हैं, उन अंधेरे कोनों तक रोशनी पहुंचाना उनकी कार्ययोजना का मुख्य हिस्सा है।
फैक्ट्री श्रमिक की बेटी की ग्रामीण नेतृत्व तक की यात्रा
एक साधारण पृष्ठभूमि से ताल्लुक रखने वाली संगीता का यह सफर पूरे क्षेत्र के लिए उल्लेखनीय है। उनके पिता वीरमाराम गरासिया आमथला स्थित मॉडर्न इंसुलेटर फैक्ट्री में इंसुलेटर निर्माण का कार्य करते हैं। एक सामान्य कामकाजी परिवार से निकलकर पंचायत के सर्वोच्च पद तक पहुंचना उनके और समाज दोनों के लिए बड़ा बदलाव है। अपनी शिक्षा के दम पर संगीता उन सभी अटके हुए सार्वजनिक कार्यों को पूरा कराने का प्रयास करेंगी जो पहले नहीं हो सके। उनका मुख्य लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी और लाभ पंचायत के अंतिम व्यक्ति तक पारदर्शी ढंग से पहुंचे।



















