आगरा के रसोई से सीखें सरसों का साग बनाने का पारंपरिक तरीका, 45 मिनट की धीमी आंच में छिपा है असली स्वादउत्तराखंड के बागेश्वर में डीएम कोर्ट बना आकर्षण का केंद्र, एक ही जगह से दिखते हैं सरयू संगम और ऐतिहासिक बागनाथ मंदिररोशनी के त्योहार पर बजट फ्रेंडली खरीदारी के लिए दिल्ली के शीर्ष पांच बाजारकोहरे के चलते मुरादाबाद रेल मंडल से गुजरने वाली 26 ट्रेनें पूरी तरह रद्द, 16 के फेरे घटेजमीन की हलचल पर पैनी नजर रखने के लिए देशभर में खुलेंगे सौ नए भूकंप केंद्रदीपावली पूर्व 6 नवंबर तक लक्ष्मीनारायण व बुधादित्य योग, मकर समेत इन राशियों पर धनवर्षा के संकेतविशाखा नक्षत्र में सूर्य का प्रवेश खोलेगा चार राशियों की किस्मत, धनतेरस से शुरू होगा आर्थिक तरक्की का दौरदीपावली पर जोधपुर में अनूठी पहल, आतिशबाजी के रूप में सजी अनार और कोटा चकरी वाली खास मिठाइयांगुवाहाटी के होटल बिलास इन में 5 लोगों की हत्या के मामले में आरोपी घनकांत गोगोई से क्राइम सीन कराया गया रीक्रिएटकुंडली के 3 विशेष भावों में वक्री शनि का प्रभाव: मेहनत से दिलाते हैं पद और धन
उत्तराखंड के नागरिकों पर कथित टिप्पणी को लेकर विवाद, पुष्कर सिंह धामी ने अखिलेश यादव और कांग्रेस पर साधा निशानाट्रेंड्स
25 अक्तू॰ 2026, 4:25 am (8 दिन पहले)· 0

उत्तराखंड के नागरिकों पर कथित टिप्पणी को लेकर विवाद, पुष्कर सिंह धामी ने अखिलेश यादव और कांग्रेस पर साधा निशाना

समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव की एक कथित वीडियो क्लिप सामने आने के बाद उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने तीखा पलटवार करते हुए रामपुर तिराहा गोलीकांड का जिक्र किया और कांग्रेस से भी रुख स्पष्ट करने की मांग की।

समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव का एक कथित वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित होने के बाद उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के राजनीतिक गलियारों में गरमाहट आ गई है। इंटरनेट पर साझा की जा रही इस क्लिप में अखिलेश यादव कथित तौर पर यह कहते हुए सुनाई दे रहे हैं कि उत्तर प्रदेश के भीतर सबसे बड़े घुसपैठिये वास्तव में उत्तराखंड के ही लोग हैं। इस विवादित बयान के सामने आते ही विपक्षी दलों के नेताओं और इंटरनेट उपयोगकर्ताओं ने समाजवादी पार्टी प्रमुख की तीखी आलोचना शुरू कर दी है, जिससे दोनों राज्यों की राजनीति में नया विवाद खड़ा हो गया है।

देवभूमि और वीरभूमि के सम्मान को ठेस पहुंचाने का आरोप

इस बयान पर कड़ा ऐतराज जताते हुए उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को बेहद सख्त रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड केवल देवभूमि ही नहीं, बल्कि वीरभूमि भी है, जिसका इतिहास देश की सुरक्षा और संप्रभुता के लिए दिए गए बलिदानों से भरा हुआ है। पुष्कर सिंह धामी ने जोर देकर कहा कि इस पवित्र धरती ने भारत को महान संत, जांबाज सैनिक और राष्ट्र निर्माण के लिए सर्वस्व न्योछावर करने वाले कई समर्पित व्यक्तित्व दिए हैं। ऐसे में उत्तराखंड के स्वाभिमानी नागरिकों को घुसपैठिया करार देना उनके आत्मसम्मान, पहचान और लंबे संघर्ष का सीधा अपमान है।

ये भी पढ़ें

मुजफ्फरनगर के रामपुर तिराहा कांड की दिलाई याद

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने बयान में समाजवादी पार्टी के संस्थापक और पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव के शासनकाल की घटनाओं का भी विशेष उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की जनता उस दौर को कभी नहीं भुला सकती जब पृथक राज्य की मांग को लेकर शांतिपूर्ण आंदोलन चल रहा था। उस समय उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव थे और उसी दौरान मुजफ्फरनगर के रामपुर तिराहा पर आंदोलनकारियों पर गोलियां बरसाई गई थीं। पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उस दौर में आंदोलनकारियों पर बर्बरता से गोलियां चलाई गई थीं और आज उसी विरासत को आगे बढ़ाने वाले उनके पुत्र अखिलेश यादव उत्तराखंड के लोगों को उत्तर प्रदेश में घुसपैठिया बता रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य की जनता अपने ऐतिहासिक बलिदान और संघर्ष की इस पीड़ा को कभी विस्मृत नहीं कर सकती।

कांग्रेस की चुप्पी पर उठाए तीखे सवाल

अखिलेश यादव पर तीखा प्रहार करने के साथ ही मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कांग्रेस को भी इस विवाद के घेरे में खींच लिया। उन्होंने सवाल किया कि क्या कांग्रेस अपने राजनीतिक गठबंधन सहयोगी अखिलेश यादव के इस कथित बयान से पूरी तरह सहमत है। पुष्कर सिंह धामी ने पूछा कि क्या कांग्रेस नेतृत्व को उत्तराखंड के सम्मानित निवासियों को घुसपैठिया कहा जाना स्वीकार्य है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की जनता के सामने कांग्रेस को यह स्पष्ट करना चाहिए कि वह इस अपमानजनक बयान का समर्थन करती है या फिर इसके खिलाफ कोई स्पष्ट स्टैंड लेगी।

सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस

वायरल क्लिप को लेकर विभिन्न डिजिटल मंचों पर व्यापक चर्चा चल रही है। जहां एक ओर राजनीतिक विरोधी समाजवादी पार्टी प्रमुख के इस बयान को उत्तराखंड के नागरिकों का अपमान बता रहे हैं, वहीं दूसरी ओर इस बयान के संदर्भ और प्रामाणिकता को लेकर भी सवाल खड़े किए जा रहे हैं। पूरे घटनाक्रम ने दोनों पड़ोसी राज्यों के बीच क्षेत्रीय और राजनीतिक संवाद को एक बेहद संवेदनशील मोड़ पर ला खड़ा किया है।

सवाल-जवाब

विवाद किस बयान को लेकर शुरू हुआ?
यह विवाद एक वायरल वीडियो क्लिप के सामने आने के बाद शुरू हुआ, जिसमें अखिलेश यादव पर उत्तराखंड के लोगों को उत्तर प्रदेश में घुसपैठिया कहने का आरोप है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस बयान पर क्या प्रतिक्रिया दी?
पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उत्तराखंड देवभूमि और वीरभूमि है, और इसके नागरिकों को घुसपैठिया कहना उनके सम्मान और बलिदान का अपमान है।
पुष्कर सिंह धामी ने किस ऐतिहासिक घटना का उल्लेख किया?
उन्होंने मुजफ्फरनगर के रामपुर तिराहा गोलीकांड की याद दिलाई, जो पृथक उत्तराखंड राज्य की मांग के दौरान मुलायम सिंह यादव के मुख्यमंत्रित्व काल में हुआ था।
मुख्यमंत्री धामी ने कांग्रेस से क्या सवाल पूछा?
उन्होंने पूछा कि क्या कांग्रेस अपने राजनीतिक सहयोगी अखिलेश यादव के इस बयान का समर्थन करती है और क्या उसे उत्तराखंड के लोगों का ऐसा अपमान स्वीकार है।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 5

Li Wei@li-wei·7 दिन पहले

अखिलेश यादव का बयान उत्तराखंड के लोगों के लिए बहुत अपमानजनक है। धामी ने रामपुर तिराहा कांड की याद दिलाकर सही घेरा है, अब कांग्रेस को भी बताना चाहिए कि वे इस बात से सहमत हैं या नहीं।

Priya Sharma@priya-sharma·8 दिन पहले

देवभूमि के लोगों को ऐसा कुछ कहना बहुत गलत है। राजनीति अपनी जगह है, पर किसी पूरे राज्य के नागरिकों को घुसपैठिया बता देना उनके आत्मसम्मान को ठेस पहुँचाता है। ऐसी बयानबाज़ी से हमारे सामाजिक ताने-बाने की शांति और आपसी भाईचारा खराब होता है।

Nyra Kaif@nyra-kaif·8 दिन पहले

प्रिया जी, आपकी बात बिल्कुल सही है। मैं पिछले साल ही देवभूमि घूमने गई थी, वहाँ के लोग इतने प्यारे और मददगार हैं कि उन्हें ऐसा सुनना दिल दुखा देता है।

Pooja Bhatt@pooja-bhatt·8 दिन पहले

उत्तराखंड आंदोलन के वो दिन मुझे आज भी याद हैं जब हमारे कई जानने वाले उस संघर्ष में शामिल हुए थे। अपनों को इस तरह घुसपैठिया सुनना सचमुच बहुत दुखद और हैरान करने वाला है।

Meera Joshi@meera-joshi·8 दिन पहले

पूजा जी, आपकी बात बिल्कुल सही है। मेरे कुछ रिश्तेदार भी उत्तराखंड राज्य बनने की उस लड़ाई में शामिल थे और उन दिनों का तनाव आज भी घर में याद किया जाता है, इसलिए ऐसे बयान दिल को ठेस पहुँचाते हैं।

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR
Chamar no WhatsApp