अगरतला में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान त्रिपुरा के मुख्यमंत्री माणिक साहा ने सोमवार को स्पष्ट किया कि यदि केंद्र सरकार की ओर से कोई आधिकारिक आदेश आता है, तो उनका प्रशासन राज्य में यूनिफॉर्म सिविल कोड लागू करने के लिए पूरी तरह से तैयार है। मुख्यमंत्री का यह बयान तब सामने आया जब उसके ठीक एक दिन पहले केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने रविवार को यह घोषणा की थी कि देश के 21 राज्यों में भारतीय जनता पार्टी और उसके सहयोगियों की सरकारें 2029 के लोकसभा चुनावों से पहले यूनिफॉर्म सिविल कोड यानी यूसीसी को देश में लागू कर देंगी।
इस विषय पर विस्तार से बताते हुए मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि उन्होंने इस मामले को सबसे पहले मीडिया रिपोर्टों के माध्यम से देखा और समझा है। उन्होंने कहा कि मीडिया के जरिए जानकारी मिलने के बाद अब राज्य सरकार केंद्र के अगले कदम का इंतजार कर रही है और जैसे ही कोई औपचारिक दिशा-निर्देश जारी किए जाएंगे, राज्य प्रशासन उसके अनुरूप कार्रवाई करने में पीछे नहीं हटेगा। हालांकि, मुख्यमंत्री ने यह भी साफ किया कि उनकी जानकारी के अनुसार इस कानून को शायद राज्य के आदिवासी क्षेत्रों में लागू नहीं किया जाएगा।
यूसीसी का दायरा और आगामी राजनीतिक कार्यक्रम
यूनिफॉर्म सिविल कोड के प्रावधानों के तहत विवाह, तलाक, संपत्ति का उत्तराधिकार और लिव-इन रिलेशनशिप जैसे तमाम व्यक्तिगत और पारिवारिक मामलों में धर्म की सीमाओं से ऊपर उठकर सभी नागरिकों के लिए एक समान कानून बनाने की परिकल्पना की गई है। इस बड़े प्रशासनिक कदम पर चर्चा के साथ-साथ मुख्यमंत्री ने एक अन्य महत्वपूर्ण राजनीतिक और सामाजिक कार्यक्रम की भी घोषणा की है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन में मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री के रूप में पूरे 25 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में राज्य सरकार द्वारा 17 सितंबर से एक महीने तक चलने वाले विशेष कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा।
हालांकि, इन आयोजनों की गति और तेजी थोड़ी बाद में पकड़ेगी क्योंकि वर्तमान में त्रिपुरा ट्राइबल एरियाज ऑटोनॉमस डिस्ट्रिक्ट काउंसिल के अंतर्गत आने वाले विलेज कमेटियों के चुनावों के कारण राज्य में आदर्श आचार संहिता लागू है। मुख्यमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि आचार संहिता प्रभावी होने की वजह से महीने भर चलने वाले ये सभी कार्यक्रम 28 सितंबर को मतदान संपन्न होने के ठीक एक दिन बाद यानी 29 सितंबर से अपनी पूरी रफ्तार पकड़ेंगे।
विशेष निगरानी समिति का गठन और मंत्रियों की भागीदारी
सरकार की योजनाओं और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यकाल की उपलब्धियों को जन-जन तक पहुंचाने के लिए व्यापक स्तर पर तैयारियां की जा रही हैं। इस सिलसिले में मुख्यमंत्री ने बताया कि महीने भर चलने वाले इस अभियान के दौरान त्रिपुरा के विभिन्न हिस्सों में कई कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा, जिनमें विशेष रूप से प्रधानमंत्री की जनकल्याणकारी योजनाओं और उनकी उपलब्धियों को जनता के सामने रखा जाएगा। इस पूरे अभियान को सुचारू रूप से चलाने के लिए एक विशेष निगरानी समिति का गठन भी किया गया है।
वित्त मंत्री प्रणजीत सिंघा रॉय की अध्यक्षता में इस निगरानी समिति का गठन किया गया है, जो शहरों से लेकर ग्रामीण इलाकों, स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों तक इस 12-सूत्रीय कार्यक्रम के क्रियान्वयन पर बारीकी से नजर रखेगी। इस व्यापक अभियान में राज्य मंत्रिमंडल के सभी मंत्रियों, भारतीय जनता पार्टी और उसके सहयोगियों के विधायकों के साथ-साथ अन्य चुने हुए जनप्रतिनिधि भी सक्रिय रूप से हिस्सा लेंगे ताकि सरकारी संदेश और कल्याणकारी योजनाएं समाज के हर वर्ग तक पूरी प्रभावशीलता के साथ पहुंच सकें।



















