त्रिपुरा में आगामी स्थानीय स्वशासन चुनावों को निष्पक्ष, शांतिपूर्ण और सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए प्रशासनिक और पुलिस महकमे ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। राज्य चुनाव आयोग (SEC) ने स्वायत्त आदिवासी परिषद के तहत होने वाले ग्राम समिति चुनावों से पहले राज्य की कानून-व्यवस्था की स्थिति और सुरक्षा तैयारियों की व्यापक समीक्षा के लिए एक उच्च स्तरीय बैठक बुलाई है।
प्रशासन और पुलिस के बीच मजबूत तालमेल पर बल
इस महत्वपूर्ण वीडियो कॉन्फ्रेंस की अध्यक्षता राज्य चुनाव आयुक्त पीके चक्रवर्ती और त्रिपुरा के प्रभारी पुलिस महानिदेशक (DGP) जीएस राव ने संयुक्त रूप से की। इस आभासी बैठक में राज्यभर के सभी आठ जिलों के जिला निर्वाचन अधिकारी, जिला मजिस्ट्रेट, कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक (SP) शामिल हुए। इनके अलावा, पुलिस महानिरीक्षक (कानून-व्यवस्था) और राज्य चुनाव आयोग के सचिव ने भी इस बैठक में हिस्सा लिया और सुरक्षा तैयारियों को मजबूत करने के लिए जरूरी रणनीतियों पर विचार-विमर्श किया।
बैठक का मुख्य उद्देश्य चुनाव पूर्व की तैयारियों का आकलन करना, संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा संबंधी चुनौतियों की पहचान करना और नागरिक प्रशासन व पुलिस बलों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना था। SEC ने संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश जारी किए कि वे सभी मतदान केंद्रों पर पर्याप्त सुरक्षा बलों की तैनाती सुनिश्चित करें, ताकि मतदान के दिन आम जनता बिना किसी भय या बाधा के अपने मताधिकार का प्रयोग कर सके।
चुनाव कार्यक्रम और महत्वपूर्ण प्रशासनिक तारीखें
यह व्यापक सुरक्षा समीक्षा त्रिपुरा ट्राइबल एरियाज ऑटोनॉमस डिस्ट्रिक्ट काउंसिल (TTAADC) के अंतर्गत आने वाली 587 ग्राम समितियों के चुनावों को ध्यान में रखकर की जा रही है। इन स्थानीय निकायों के लिए मतदान आगामी 28 सितंबर को होना तय हुआ है।
इस पूरी चुनावी प्रक्रिया की शुरुआत 1 सितंबर को नामांकन दाखिल करने की प्रक्रिया के साथ हुई थी, और उम्मीदवारों के पास अपने पर्चे जमा करने के लिए 8 सितंबर तक का समय था। SEC के सचिव अनुराग सेन ने जानकारी दी कि जमा किए गए सभी नामांकन पत्रों की बारीकी से जांच (स्क्रूटनी) का काम 9 सितंबर को विभिन्न ब्लॉकों में सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया था।
नामांकन के आंकड़े और विभिन्न दलों की भागीदारी
निर्धारित समयसीमा समाप्त होने तक कुल 10,936 उम्मीदवारों की तरफ से 10,958 नामांकन पत्र दाखिल किए गए थे। ब्लॉक स्तर पर की गई गहन जांच के बाद आयोग ने कुल 10,889 नामांकन पत्रों को पूरी तरह से वैध और नियमानुसार सही घोषित किया है।
वैध नामांकन के आंकड़ों का विश्लेषण करने पर पता चलता है कि इन चुनावों में क्षेत्रीय और राष्ट्रीय दोनों ही स्तर के राजनीतिक दलों के बीच कड़ी प्रतिस्पर्धा होने वाली है। क्षेत्रीय दल टिपरा मोथा पार्टी सबसे आगे है, जिसके सर्वाधिक 4,361 उम्मीदवारों के नामांकन वैध मिले हैं। इसके बाद मुख्य विपक्षी दल सीपीआई(एम) के 2,456 उम्मीदवार चुनाव मैदान में अपनी दावेदारी पेश कर रहे हैं। सत्तारूढ़ भाजपा की तरफ से 1,971 वैध नामांकन दर्ज किए गए हैं, जबकि उसकी सहयोगी पार्टी आईपीएफटी के 483 उम्मीदवार चुनावी मैदान में उतरे हैं। इनके अलावा कांग्रेस ने 465 और सीपीआई ने 4 प्रत्याशी उतारे हैं, जबकि 1,149 उम्मीदवार 'अन्य' तथा निर्दलीय उम्मीदवारों की श्रेणी में चुनाव लड़ रहे हैं।



















