टेलीविज़न के सबसे पसंदीदा धारावाहिक अनुपमा के आगामी एपिसोड्स में जबरदस्त उथल-पुथल और नाटकीय मोड़ आने वाले हैं। एक तरफ जहां कहानी में वसुंधरा की वजह से राही के सामने नए पेचीदा संकट खड़े हो रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ अनुपमा अपने ही जिगर के टुकड़े परितोष के काले कारनामों से पर्दा उठाने जा रही है। शाह परिवार से लेकर कैफे तक, हर तरफ रिश्तों की डोर खिंचती हुई नजर आ रही है और तनाव का माहौल गहराता जा रहा है।
राही और वसुंधरा के बीच कैफे को लेकर बढ़ता तनाव
आने वाले एपिसोड की शुरुआत राही और वसुंधरा के बीच होने वाली तीखी बातचीत से होती है। वसुंधरा बातचीत के दौरान राही के दिमाग में जहर घोलने की कोशिश करती है और कैफे को लेकर नई उलझनें पैदा करती है। वह राही को समझाती है कि चूंकि कैफे कानूनी तौर पर उसके नाम पर है, इसलिए प्रेम वहां पूरे समर्पण और मन से काम नहीं कर पा रहा है। वसुंधरा राही पर मानसिक दबाव बनाती है कि यदि वह सचमुच प्रेम से प्रेम करती है, तो उसे कैफे की पूरी ओनरशिप प्रेम के नाम ट्रांसफर कर देनी चाहिए। वसुंधरा दो टूक शब्दों में यह जाहिर करती है कि वह कतई नहीं चाहती कि प्रेम किसी भी तरह के दबाव के साए में काम करे। इस अप्रत्याशित मांग को सुनकर राही गहरी हैरानी और उदास मनःस्थिति में डूब जाती है।
परितोष की काली करतूत का हुआ भयानक खुलासा
कथा में दूसरी तरफ का दृश्य शाह हाउस का है, जहां अनुपमा मंटू से अपनी मुलाकात पूरी करके घर वापस लौटती है। घर पहुंचने पर वह परितोष को प्यार से वही स्नैक्स खाने के लिए कहती है जो वह अपने साथ लाई थी। अनुपमा के ऐसा कहते ही परितोष बुरी तरह घबरा जाता है और किसी भी तरह उन स्नैक्स को खाने से बचने के बहाने ढूंढने लगता है। परिवार के बाकी सदस्यों के लगातार दबाव बनाने पर परितोष का झूठ आखिरकार टूट जाता है और वह सच उगल देता है। वह कबूल करता है कि उस दिन गौतम ने ही अनुपमा को नुकसान पहुंचाने के लिए वो स्नैक्स भेजे थे और चंद पैसों के लालच में आकर परितोष ने जानबूझकर अपनी मां की जान जोखिम में डाली थी।
अनुपमा का कड़ा फैसला और परितोष की मुश्किलें
अपने ही बेटे की इस घिनौनी और शर्मनाक हरकत के बारे में जानकर अनुपमा का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच जाता है। वह गुस्से में सुलगते हुए परितोष को दुनिया का सबसे बदतर बेटा करार देती है और साफ लफ्जों में ऐलान करती है कि इस बार वह उसे किसी भी कीमत पर माफ नहीं करने वाली है। अनुपमा यह पक्का इरादा कर लेती है कि वह परितोष को सीधा जेल के सलाखों के पीछे भिजवाएगी ताकि उसे उसके कुकर्मों की सजा मिल सके। इस कठिन घड़ी में हसमुख भी पूरी तरह अनुपमा के फैसले का समर्थन करते हैं। हालांकि, परितोष अपनी खाल बचाने के लिए कानूनन कोई ठोस सबूत न होने का घटिया बहाना बनाता है, लेकिन देखना यह है कि क्या अनुपमा अपने ही बेटे को गिरफ्तार करवाने के इस ऐतिहासिक कदम को अंजाम दे पाती है या नहीं।



















